रूस के नोवोरोस्सिस्क बंदरगाह से चलकर पाकिस्तान के कराची शहर की ओर बढ़ रहे एक कमर्शियल जहाज को बीच रास्ते में ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। बुधवार को हुई इस घटना के दौरान जहाज के उस हिस्से में आग भड़क उठी जहाँ चालक दल के रहने की जगह बनी हुई थी। गनीमत यह रही कि इस खतरनाक हमले की चपेट में आने के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी भारतीय सुरक्षित बच गए और किसी भी प्रकार के बड़े जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
चालक दल की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
फेडरेशन ऑफ सीफैरर्स यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जब ड्रोन ने जहाज के आवासीय परिसर पर हमला किया, तो वहाँ अफरा-तफरी मचने के बजाय नाविकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। चालक दल के सदस्यों ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे यह संकट टल गया। आग बुझ जाने के बाद तकनीकी जाँच में पाया गया कि जहाज की इंजन प्रणाली, स्टीयरिंग गियर और नेविगेशन उपकरण पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य स्थिति में हैं।
सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ जहाज
आग बुझने और सभी तकनीकी प्रणालियों के सामान्य रूप से काम करने की पुष्टि होने के बाद, जहाज ने अपनी खुद की ताकत और इंजन के सहारे आगे का सफर दोबारा शुरू कर दिया। इस समुद्री मार्ग पर बढ़ते ड्रोन हमलों के खतरों के बीच इस घटना ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब हाल के महीनों में समुद्री जहाजों और ऑयल टैंकरों पर इस तरह के हमलों में लगातार इजाफा देखा गया है।


















