बिना किसी शुरुआती जामन के घर पर जमाएं थक्केदार गाढ़ा दही, रसोई में मौजूद दो चीजों से ऐसे बनाएं नया जावनशिवपुरी में बारिश के साथ जमती है गरमागरम मंगोड़ों की चौपाल, चंबल के पारंपरिक स्वाद का खास तरीकारांची के जलप्रपातों में उफान से बढ़ा खतरा, जोन्हा और सीता फॉल्स जाने वाले पर्यटकों के लिए चेतावनी जारीमिनियापोलिस की अपार्टमेंट बिल्डिंग में अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत और 3 पुलिसकर्मी घायलमुंबई में बेकरी मालिक से 60 हजार की रिश्वत लेते बीएमसी जूनियर इंजीनियर और कर्मचारी गिरफ्तारवेस्ट डेनिम को नया जीवन देकर उदयपुर की शालिनी मालवीय ने दिल्ली हाट परिसर में बिखेरी पारंपरिक हस्तशिल्प की चमकभगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बनाएं खास धनिया पंजीरी, जानिए आसान विधि और सामग्रीनेपाल में भीषण बाढ़ तबाही के बाद राहत सामग्री लेकर पहुंचे सोनू सूद, त्रिशूली बाजार के पीड़ितों का बंधाया ढांढससेहतमंद नाश्ते के लिए कुणाल कपूर की खास काला चना चाट, मिनटों में ऐसे करें तैयारपलामू में 570 मिमी बारिश से बदले हालात, धान को मिली संजीवनी पर सब्जियों और मक्के पर मंडराया खतरा
अमानक भोजन बेचने वालों पर राजस्थान में चाबुक, 4 खाद्य ब्रांड्स दो महीने बैन, जयपुर के 12 आउटलेट्स पर कठोर दंडात्मक कदमराजस्थान
3 सित॰ 2026, 9:22 am (23 मिनट पहले)· 2

अमानक भोजन बेचने वालों पर राजस्थान में चाबुक, 4 खाद्य ब्रांड्स दो महीने बैन, जयपुर के 12 आउटलेट्स पर कठोर दंडात्मक कदम

राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानकों का उल्लंघन करने वाले चार देशी घी और मिर्च पाउडर ब्रांड्स की बिक्री दो महीने के लिए रोक दी है। इसके अलावा जयपुर की 12 व्यावसायिक इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।

खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए गए चार प्रमुख खाद्य ब्रांड्स पर दो महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध दिल्ली और पंजाब के साथ-साथ राजस्थान में तैयार होने वाले देशी घी और लाल मिर्च पाउडर के उत्पादों पर लागू होगा। इसी अभियान के तहत राजधानी जयपुर में स्थित 12 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी नियमों की अनदेखी करने पर कड़े कदम उठाए गए हैं, जिससे कारोबारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है।

इन 4 ब्रांड्स की बिक्री पर लगा 2 महीने का प्रतिबंध

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कराई गई आधिकारिक जांच में पाया गया कि कई कंपनियां निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर पा रही थीं। इसके बाद विभाग ने कड़ा फैसला लेते हुए चार कंपनियों के उत्पादों को बाजार में बेचने पर आगामी दो माह के लिए रोक लगा दी है। प्रतिबंधित किए गए उत्पादों में दिल्ली के सरनाथ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केडीपी फूड इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित कृष्णा ब्रांड देशी घी शामिल है। इसके अलावा पंजाब के फाजिल्का में संचालित मैसर्स हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का जीएस गोल्ड ब्रांड लाल मिर्च पाउडर भी अमानक पाया गया, जिसकी बिक्री तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है।

ये भी पढ़ें

राज्य के भीतर निर्मित होने वाले उत्पादों पर भी विभाग ने समान रूप से कार्रवाई की है। राजस्थान के बालोतरा में स्थित मैसर्स दिशा एंटरप्राइजेज द्वारा तैयार किए जाने वाले नंदी ब्रांड देशी घी को अमानक पाए जाने के कारण दो महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। वहीं बाड़मेर जिले में श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज द्वारा उत्पादित किए जाने वाले गोल्डन थार ब्रांड देशी घी पर भी बिक्री रोके जाने का फैसला हुआ है। इन सभी चार ब्रांड्स के सैंपल जांच में सुरक्षित और शुद्ध भोजन के मानकों का पालन करते नहीं पाए गए थे।

जयपुर के 9 प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित

केवल विनिर्माताओं पर ही नहीं, बल्कि खुदरा और खानपान के स्तर पर भी विभाग ने निगरानी सख्त कर दी है। जयपुर शहर में खाद्य सुरक्षा अधिनियम और संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल नौ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग की जांच टीमों ने इन स्थानों पर चेकिंग कर स्वच्छता, रखरखाव और खाद्य मानकों की स्थिति देखी थी, जहां गंभीर लापरवाही सामने आई।

निलंबन का सामना करने वाले प्रमुख आउटलेट्स में जयपुर के विद्याधर नगर क्षेत्र का बालाजी जायका शामिल है। इसके अलावा कूकड़खेड़ा मंडी स्थित मैसर्स गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर में संचालित फूड कैफे जैसे लोकप्रिय प्रतिष्ठानों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनके अलावा छह अन्य व्यापारिक इकाइयों के लाइसेंस भी अस्थाई रूप से निलंबित किए गए हैं। इन सभी संस्थानों को कमियों को दूर करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नियम तोड़ने वाले 3 आउटलेट्स के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निरस्त

विभाग ने उन प्रतिष्ठानों पर सबसे कठोर रुख अपनाया है जिन्होंने पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। तीन ऐसे व्यावसायिक संस्थान चिन्हित किए गए जिनके खाद्य लाइसेंस पूर्व में असुरक्षित भोजन सामग्री बेचने के कारण निलंबित किए गए थे। इसके बावजूद, ये संचालक बिना किसी वैध लाइसेंस या आवश्यक रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से अपना खाद्य कारोबार जारी रखे हुए थे।

गंभीर अनियमितता और कानून की अवहेलना के इस मामले में विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इन तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इनमें विद्याधर नगर में स्थित एम एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा का एम एस गणपति ड्राईफ्रूट्स तथा निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं। अब इन संस्थानों के लिए किसी भी तरह का खाद्य कारोबार संचालित करना पूरी तरह से गैर-कानूनी हो गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कड़ी चेतावनी

इस व्यापक छापेमारी और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राज्यभर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की निरंतर जांच की जाएगी, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

किन चार ब्रांड्स पर बिक्री का प्रतिबंध लगाया गया है?
दिल्ली के केडीपी फूड इंडस्ट्रीज का कृष्णा देशी घी, पंजाब के हिमाया फूड्स का जीएस गोल्ड लाल मिर्च पाउडर, बालोतरा के दिशा एंटरप्राइजेज का नंदी देशी घी और बाड़मेर के श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज का गोल्डन थार देशी घी प्रतिबंधित किया गया है।
इन चार खाद्य ब्रांड्स पर कितने समय के लिए रोक लगाई गई है?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमानक पाए जाने के बाद इन चारों ब्रांड्स की बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगाई है।
जयपुर में किन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निरस्त कर दिए गए हैं?
विद्याधर नगर स्थित एम एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा स्थित एम एस गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज के लाइसेंस पूरी तरह निरस्त किए गए हैं।
3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने का मुख्य कारण क्या था?
इन प्रतिष्ठानों का लाइसेंस असुरक्षित भोजन बेचने के कारण पहले निलंबित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से कारोबार चला रहे थे।
जयपुर के कितने आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं?
खाद्य नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर जयपुर के कुल नौ प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें बालाजी जायका और गणपति ड्राईफ्रूट्स शामिल हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·9 मिनट पहले

राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई मिलावटखोरों पर नकेल कसने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रयोगशाला जांच में चार प्रमुख घी और मिर्च ब्रांड्स के अमानक पाए जाने और जयपुर के दर्जनभर आउटलेट्स पर लाइसेंस निलंबन की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि त्योहारी सीजन या आम दिनों में भी जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, केवल दो महीने का प्रतिबंध और लाइसेंस का अस्थायी निलंबन कितना असरदार होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि विभाग आगे इन प्रतिष्ठानों की नियमित मानिटरिंग कैसे करता है और क्या ये इकाइयां भविष्य में मानकों का पालन सुनिश्चित करती हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

रोहन वर्मा की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के चार ब्रांड्स पर दो महीने का प्रतिबंध और जयपुर के 12 आउटलेट्स पर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई से यह साफ है कि जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अपराध और मिलावट के ऐसे मामलों में केवल अस्थायी निलंबन या दो महीने की रोक पर्याप्त नहीं होती। कानून के तहत इन मामलों में यह देखना अहम होगा कि क्या खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कोई आपराधिक मामला दर्ज किया जाता है या भविष्य में ऐसे कारोबारियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाता है, ताकि बाजार में एक कड़ा संदेश जाए और उपभोक्ता सुरक्षा पुख्ता हो सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR