राजस्थान के शेखावाटी अंचल में सीकर रेलवे स्टेशन पर तीन वर्ष पूर्व आरंभ हुई पुनर्विकास परियोजना अब धरातल पर आकार ले चुकी है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 18 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृत निर्माण कार्यों में से करीब 70 से 80 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस पुनर्विकास से न केवल परिसर में आधुनिक यात्री सुविधाएं जुड़ी हैं, बल्कि स्टेशन भवन को शेखावाटी की पारंपारिक कला और वास्तुकला शैली के हेरिटेज स्वरूप में ढाला गया है। इसके चलते रेल यात्रियों को आवागमन, टिकट व्यवस्था, बैठने के प्रबंध और ट्रेन संबंधी सूचनाओं के स्तर पर पहले से कहीं अधिक सुगम अनुभव मिल रहा है।
प्लेटफॉर्म 4 पर द्वितीय प्रवेश द्वार से कोचिंग हब के विद्यार्थियों को सीधी राहत
इस पूरी परियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि प्लेटफॉर्म संख्या 4 की दिशा में दूसरा प्रवेश द्वार खोला जाना है। अब तक स्टेशन आने वाले सभी यात्रियों को मुख्य गेट पर ही निर्भर रहना पड़ता था, जिससे मुख्य मार्ग पर भारी दबाव रहता था। अब नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड, राधाकिशनपुरा और आसपास के विशाल कोचिंग हब की तरफ से आने वाले छात्रों तथा स्थानीय नागरिकों को घूमकर मुख्य द्वार तक जाने की बाध्यता समाप्त हो गई है। द्वितीय प्रवेश की तरफ एक नया प्रवेश भवन निर्मित किया गया है। यहां यात्रियों की त्वरित सुविधा के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से डिजिटल अथवा ऑनलाइन भुगतान कर अनारक्षित सामान्य यात्रा टिकट चंद सेकंडों में हासिल किए जा सकते हैं।
डिजिटल डिस्प्ले, एलईडी रोशनी और सूचना तंत्र का आधुनिकीकरण
स्टेशन के भीतरी और बाहरी परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु सूचना तंत्र को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। मुख्य सर्कुलेटिंग क्षेत्र में बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्मों पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम स्थापित किया गया है ताकि ट्रेनों के आगमन पर यात्रियों को अपने डिब्बे की सटीक स्थिति तुरंत पता चल सके। इसके साथ ही यात्रियों को उचित प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और निकास द्वारों तक मार्गदर्शन देने के लिए स्पष्ट साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं। पूरे स्टेशन क्षेत्र तथा प्लेटफॉर्म शेड के नीचे उन्नत पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
शेखावाटी स्थापत्य की हेरिटेज छटा और बुनियादी ढांचे का विस्तार
सीकर स्टेशन की मुख्य इमारत को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार पर शेखावाटी के पारंपरिक स्थापत्य और कला की छाप साफ दिखाई देती है, जिससे पूरा ढांचा एक ऐतिहासिक महल जैसा हेरिटेज आकर्षण प्रस्तुत करता है। परिसर में पार्सल सेवाओं के लिए नया कार्यालय, व्यवस्थित पार्किंग जोन और यात्रियों के लिए आरामदायक वेटिंग रूम बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त तेज धूप, गर्मी और मानसूनी बारिश से बचाव के उद्देश्य से प्लेटफॉर्मों पर शेड के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है।
जनवरी तक लिफ्ट, नया फुट ओवर ब्रिज और एसी लाउंज होंगे तैयार
परियोजना के शेष निर्माण कार्यों को आगामी जनवरी माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और भारी सूटकेस लेकर चलने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्मों पर स्वचालित लिफ्ट लगाने का काम प्रगति पर है। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित आवाजाही के लिए नया फुट ओवर ब्रिज और सबवे तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रीमियम दर्जे का वातानुकूलित एग्जीक्यूटिव लाउंज, बड़ा सामान्य प्रतीक्षालय और आधुनिक स्वच्छता मानकों वाले शौचालयों का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
ट्रैफिक प्रबंधन और स्थानीय उत्पादों के लिए समर्पित कियोस्क
स्टेशन के बाहर यातायात जाम की पुरानी समस्या से निपटने के लिए बाहरी सर्कुलेटिंग क्षेत्र में नया ट्रैफिक प्लान लागू किया जा रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रहेगी। प्लेटफॉर्म के फर्श की सतह को मजबूत और पूरी तरह समतल बनाया जा रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए स्टेशन पर वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इन काउंटरों पर शेखावाटी के मशहूर बंधेज परिधान, परंपरागत हस्तशिल्प और क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री होगी, जिससे स्थानीय दस्तकारों और व्यापारियों को सीधा बाजार उपलब्ध होगा।

















