राजस्थान के हाड़ौती अंचल के सबसे प्रमुख रेल केंद्र कोटा जंक्शन की सूरत संवारने की कवायद तेजी से चल रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के अंतर्गत इस पूरे स्टेशन परिसर को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इस विशाल पुनर्विकास परियोजना पर कुल 207.63 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। मकसद साफ है कि यहां आने-जाने वाले दैनिक मुसाफिरों, छात्रों और दूरदराज के पर्यटकों को हवाई अड्डे के स्तर का सुगम और आधुनिक यात्रा अनुभव सुलभ कराया जा सके। स्टेशन के कोने-कोने में आधारभूत ढांचे को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप ढालने की तैयारी है।
दो पारियों में चल रहा निर्माण, प्लेटफॉर्मवार ब्लॉक से रफ्तार
स्टेशन के कायाकल्प को गति देने के लिए निर्माण स्थल पर गतिविधियों का स्तर काफी बढ़ा दिया गया है। डीआरएम अनिल कालरा ने विकास कार्यों का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयसीमा में पूरा कराने के लिए 400 से अधिक कामगार दिन-रात दो अलग-अलग शिफ्टों में सक्रिय हैं। ट्रेनों की नियमित आवाजाही में कम से कम बाधा पहुंचे, इसके मद्देनजर रेल प्रशासन चरणबद्ध ब्लॉक रणनीति पर अमल कर रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 4 का कार्य पहले ही ब्लॉक लेकर मुकम्मल किया जा चुका है। वर्तमान दौर में प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ब्लॉक के जरिए ढांचागत सुधार का काम जोरों पर है। तय कार्यक्रम के अनुसार अगला पड़ाव प्लेटफॉर्म नंबर 2 होगा, जबकि दिवाली पर्व संपन्न होने के पश्चात प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आवश्यक ब्लॉक लेकर काम हाथ में लिया जाएगा।
प्रतीक्षालय, वीआईपी लाउंज और आवागमन की आधुनिक तकनीक
परियोजना पूरी होने के उपरांत कोटा जंक्शन का स्वरूप पारंपरिक रेलवे स्टेशनों से सर्वथा अलग नजर आएगा। बुजुर्गों, बच्चों और भारी सामान वाले यात्रियों की सुगमता के लिए कई लिफ्ट और एस्केलेटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना बेहद सहज हो जाएगा। सफर के दौरान रुकने वाले यात्रियों की सुविधा हेतु विशाल वातानुकूलित प्रतीक्षालय और एक वीआईपी लाउंज तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही कम खर्च में विश्राम चाहने वाले यात्रियों के लिए सुव्यवस्थित डोरमेट्री भी बनाई जा रही है। शारीरिक रूप से अक्षम अथवा दिव्यांग मुसाफिरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सुगम पथ और बाधारहित आवागमन के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
बजट होटल, बड़ा पार्किंग क्षेत्र और सौर ऊर्जा का संगम
रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत के अतिरिक्त बाहरी सर्कुलेटिंग एरिया को भी नए सिरे से विकसित और भव्य बनाया जा रहा है। शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए सुनियोजित और विस्तृत पार्किंग स्थल तैयार हो रहा है, ताकि जाम की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। बाहर से आने वाले मुसाफिरों, विशेषकर कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए स्टेशन क्षेत्र में ही एक किफायती बजट होटल का निर्माण प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली की बचत के लिए स्टेशन पर सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा।
दिसंबर 2026 तक संपूर्ण कायाकल्प का नया लक्ष्य
इस वृहद परियोजना से न केवल कोटा शहर बल्कि आसपास के संपूर्ण हाड़ौती क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को उन्नत यात्रा सुविधाएं मिलेंगी। कोटा स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला नवंबर 2022 में रखी गई थी और शुरुआती योजना के अनुसार इसे मार्च 2025 तक संपन्न करना था। हालांकि अप्रत्याशित कारणों के चलते निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। अब निर्माण कार्यों ने पुनः गति पकड़ ली है और रेलवे प्रशासन ने दिसंबर 2026 तक पूरे स्टेशन का पुनर्विकास हर हाल में पूरा करने की नई समयसीमा तय की है।


















