इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एमबीबीएस में बुजुर्गों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण की मांग को किया खारिजकम खर्च और कम समय में मकान बनाना हुआ आसान, जानिए प्रीफैब्रिकेटेड हाउस से जुड़ी खास बातेंमुक्त व्यापार समझौते से खुलेगा न्यूजीलैंड का बाजार, भारतीय उत्पादों को मिलेगा शून्य शुल्क का बड़ा फायदाभागलपुर में सावन के लिए सजीं 50 से अधिक हरी साड़ियां, 500 रुपये से लेकर 12 हजार तक की वैरायटी उपलब्धसाल 2028 के चुनाव में जेडी वेंस को समर्थन देने के सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने साधी चुप्पीचौड़ा रास्ता के इस प्राचीन देवालय में बिना सूंड वाले बाल गणपति संग विराजते हैं लड्डू गोपालजापान पैरा खेलों में शीतल देवी और पायल नाग ने जीता रजत, प्रवीण कुमार को रिकॉर्ड के साथ ऊंची कूद में स्वर्णभागलपुर के मनीष सिंह ने अपराजिता के फूलों से तैयार की खास चाय, बाजार में 8000 रुपये किलो तक पहुंच रही कीमतवैश्विक बाजारों में तकनीकी शेयरों का उतार-चढ़ाव जारी, बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच प्रमुख सूचकांकों पर दबावतमिलनाडु के पांच जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद, चेन्नई में कई सड़कें जलमग्न
राजस्थान: भरतपुर में करोड़ों के सफाई बजट के बाद भी पसरी गंदगी, मुख्यमंत्री आवास मार्ग पर भी कचरे के ढेरराजस्थान
21 अक्तू॰ 2026, 10:14 am (5 मिनट पहले)· 0

राजस्थान: भरतपुर में करोड़ों के सफाई बजट के बाद भी पसरी गंदगी, मुख्यमंत्री आवास मार्ग पर भी कचरे के ढेर

भरतपुर नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच शहर कचरे से अटा पड़ा है, यहाँ तक कि मुख्यमंत्री आवास जाने वाले वीवीआईपी मार्ग पर भी गंदगी के अंबार लगे हैं।

राजस्थान के भरतपुर शहर में नगर निगम के स्वच्छता अभियान और सफाई के बड़े-बड़े दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने के नाम पर नगर निगम की तरफ से हर साल करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन इसके विपरीत शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना या आवासीय इलाका बचा हो, जहाँ के बाशिंदे कचरा प्रबंधन की लचर व्यवस्था और गंदगी से परेशान न हों। रिहायशी बस्तियों से लेकर प्रमुख चौराहों तक फैली यह अव्यवस्था सीधे तौर पर स्थानीय निगम प्रशासन के कामकाज और उसकी कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

वीवीआईपी रास्तों पर भी पसरा कचरा

नगर निगम की अनदेखी का असर सिर्फ आम कॉलोनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के प्रशासनिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण और वीवीआईपी माने जाने वाले क्षेत्रों में भी यही आलम है। भरतपुर शहर में मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी जगह-जगह कचरे के भारी ढेर आसानी से देखे जा सकते हैं। इस वीवीआईपी मार्ग से प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का निरंतर आवागमन रहता है, इसके बावजूद सड़क किनारे जमा गंदगी को हटाने की कोई सुध नहीं ली जा रही है। जब शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग की सफाई व्यवस्था इतनी बदहाल है, तो अंदरूनी बस्तियों और आम रिहायशी मोहल्लों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

घर-घर कचरा उठाने वाली गाड़ियों की अनियमिता

शहरवासियों का कहना है कि घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने वाली गाड़ियों का संचालन बिल्कुल भी नियमित नहीं है। कई इलाकों में स्थिति यह हो चुकी है कि कई-कई दिनों तक निगम का कोई वाहन या कर्मचारी कचरा उठाने नहीं पहुँचता है। ऐसे में घरों से निकलने वाला सूखा और गीला कचरा लोगों को मजबूरी में खाली पड़े भूखंडों या सड़कों के किनारे फेंकना पड़ता है। खुले में पड़े इस कचरे के लगातार सड़ने से चारों तरफ भीषण दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बदबू और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले नागरिकों का जीना दूभर हो गया है, जबकि नगर निगम केवल कागजी उपलब्धियों में व्यस्त दिखाई दे रहा है।

कागजी दावों और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल

नगर निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों की भारी तैनाती और घर-घर कचरा संग्रह के लिए वाहनों के संचालन पर जनता के खून-पसीने की कमाई का करोड़ों रुपया बहाया जा रहा है। इसके बावजूद जमीन पर स्थिति सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और उसकी सख्त निगरानी पर उंगलियां उठ रही हैं। कागजों पर बनाई गई योजनाएं धरातल पर दम तोड़ रही हैं क्योंकि संबंधित अधिकारियों द्वारा जमीनी निरीक्षण की घोर कमी है। शहर की इस दुर्दशा के सामने आने के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निगम प्रशासन इन समस्याओं को लेकर क्या कड़े कदम उठाता है और लोगों को गंदगी के इस जाल से कब तक वास्तविक मुक्ति मिल पाती है।

सवाल-जवाब

भरतपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्य समस्या क्या है?
नगर निगम द्वारा हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के विभिन्न इलाकों और सड़कों पर कचरे के भारी ढेर लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री आवास मार्ग की क्या स्थिति है?
भरतपुर में मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले प्रमुख वीवीआईपी मार्ग पर भी जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय कॉलोनियों में कचरा उठान को लेकर क्या शिकायतें हैं?
नागरिकों का कहना है कि घर-घर कचरा उठाने वाली गाड़ियां नियमित नहीं आती हैं और कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता।
सड़कों और खाली प्लॉटों में कचरा जमा होने से क्या परेशानी हो रही है?
कचरे के सड़ने से उठने वाली दुर्गंध और पनप रहे मच्छरों के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
सफाई कर्मचारियों की तैनाती और वाहनों के संचालन पर करोड़ों रुपये बहाने के बाद भी प्रशासनिक निगरानी न होने पर सवाल उठ रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp