राजस्थान के बांसवाड़ा जिले स्थित शेरगढ़ कस्बे में शनिवार रात एक भयानक हादसा पेश आया, जब पुलिस चौकी के ठीक सामने संचालित एक लोकप्रिय मिष्ठान भंडार भीषण आग की चपेट में आ गया। शनिवार रात करीब 10:30 बजे उठी लपटों ने देखते ही देखते पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आगामी त्योहार की तैयारियों के चलते दुकान में भारी मात्रा में सामग्री जमा थी, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस भीषण अग्निकांड के चलते पीड़ित दुकानदार को 20 लाख रुपये से अधिक का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है।
वेंटिलेटर से निकलता धुआं और ग्रामीणों का बचाव प्रयास
ब्यावर के मूल निवासी विजयपाल वर्ष 2020 से शेरगढ़ कस्बे में किराए का परिसर लेकर मिष्ठान भंडार का संचालन कर रहे थे। शनिवार की रात जब अचानक दुकान के वेंटिलेटर से गाढ़ा धुआं बाहर निकलने लगा, तब आसपास के लोगों का ध्यान इस ओर गया। कुछ ही पलों में आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत लपटों से घिर गई।
दुकानदार विजयपाल ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए फौरन मुख्य बिजली आपूर्ति स्विच बंद कर दिया, ताकि शॉर्ट सर्किट से नुकसान और न फैले। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई। आधी रात की चीख-पुकार सुनकर नजदीकी घरों में सो रहे ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी उलीचकर और मिट्टी डालकर आग बुझाने की भरसक कोशिश की, परंतु लपटें इतनी उग्र थीं कि उन पर तत्काल नियंत्रण पाना मुमकिन नहीं हो सका और पूरी दुकान जलकर राख का ढेर बन गई।
दीपावली के लिए जुटाया गया भारी स्टॉक और उपकरण स्वाहा
यह अग्निकांड ठीक ऐसे समय हुआ जब त्योहारी सीजन चरम पर था। पीड़ित व्यवसायी ने आगामी दीपावली पर्व की बिक्री को ध्यान में रखकर भारी मात्रा में कच्चा माल, मावा और मिठाई बनाने की अन्य सामग्रियां दुकान में एकत्रित कर रखी थीं।
आग की इस तबाही में दुकान के भीतर रखे 4 बड़े डीप फ्रीजर, सारा कीमती फर्नीचर और त्योहारी स्टॉक पूरी तरह जल गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस पूरे हादसे में कारोबारी को 20 लाख रुपये से भी अधिक मूल्य की संपत्ति का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है। कई वर्षों के परिश्रम से खड़ा किया गया यह प्रतिष्ठान चंद मिनटों में नष्ट हो गया।
प्रशासनिक मुआयना और आर्थिक मुआवजे की मांग
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। इस घटना के बाद कस्बे के अन्य व्यापारियों में भी गहरी चिंता और शोक का माहौल है। पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से पीड़ित व्यवसायी को अविलंब उचित आर्थिक मुआवजा व राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है, जिससे वह अपने उजड़े हुए कारोबार को दोबारा शुरू कर सके।

















