राजस्थान के बारां जिले में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां नहर में नहाने गया छह साल का मासूम बालक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। सदर थाना क्षेत्र के बरानी गांव में हुए इस हादसे के बाद बालक का शव घटनास्थल से लगभग 6 किलोमीटर दूर बावन माता की झोपड़ियां गांव के पास नहर से बरामद किया गया। मृत बालक की पहचान मिलन सहरिया के रूप में हुई है। सिविल डिफेंस की टीम ने शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
नहर किनारे खेलते समय अचानक फिसला पैर
घटनाक्रम के अनुसार, बरानी गांव में रहने वाले राहुल पेशे से मजदूर हैं और अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। गुरुवार शाम को उनका 6 वर्षीय बेटा मिलन सहरिया गांव के ही एक अन्य बच्चे के साथ पास स्थित नहर पर नहाने गया था। नहाने के दौरान अचानक मिलन का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह नहर के तेज पानी में बहने लगा। साथ मौजूद दूसरे बालक ने जब मिलन को बहते देखा, तो उसने तुरंत भागकर आसपास के ग्रामीणों को इस बात की सूचना दी। मासूम के नहर में डूबने की खबर फैलते ही स्वजनों और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
सिविल डिफेंस टीम का देर रात तक रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की बचाव टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम के गोताखोरों और कर्मचारियों ने उफनती नहर के पानी में उतरकर बालक की खोजबीन शुरू की। गुरुवार देर शाम तक सिविल डिफेंस के सदस्य नहर के तेज बहाव के बीच मासूम की तलाश में जुटे रहे। हालांकि, पानी की गति बहुत तेज होने के कारण गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत और घंटों चले तलाश अभियान के बावजूद देर रात तक बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे रेस्क्यू कार्य में रुकावट आई।
6 किलोमीटर दूर मिला शव, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
गुरुवार रात तक कोई सफलता न मिलने के बाद शुक्रवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। सुबह के समय घटनास्थल से लगभग 6 किलोमीटर दूर बावन माता की झोपड़ियां गांव के निकट ग्रामीणों ने नहर में एक बालक का शव तैरता हुआ देखा। इसकी सूचना तुरंत सिविल डिफेंस की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए शव को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को बारां के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं।
इस दर्दनाक हादसे के बाद से बरानी गांव में गहरा शोक व्याप्त है और मासूम मिलन के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने एक बार फिर तेज बहाव वाली नहरों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खतरनाक नहरों के पास बच्चों की आवाजाही को रोकने और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाने के लिए कड़े उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



















