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भीलवाड़ा में विराजे 13.5 फीट ऊंचे 'एफसीआई चा राजा', मध्य प्रदेश से आई प्रतिमा देखने उमड़ी भक्तों की भीड़राजस्थान
21 सित॰ 2026, 10:46 pm (21 मिनट पहले)· 0

भीलवाड़ा में विराजे 13.5 फीट ऊंचे 'एफसीआई चा राजा', मध्य प्रदेश से आई प्रतिमा देखने उमड़ी भक्तों की भीड़

राजस्थान के भीलवाड़ा में गणेश महोत्सव के दौरान मराठी शैली में सजाया गया भव्य पंडाल आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। नीमच से लाई गई 13.5 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर राजस्थान का भीलवाड़ा शहर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में उत्सव कमेटियों द्वारा आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं, लेकिन एफसीआई रोड स्थित हरिजन बस्ती में सजाया गया गणपति पंडाल इस समय चर्चाओं में सबसे आगे है। युवा मित्र मंडल द्वारा आयोजित इस महोत्सव में महाराष्ट्र की पारंपरिक संस्कृति की खूबसूरत झलक देखने को मिल रही है, जिससे पंडाल में कदम रखते ही भक्तों को ठेठ मराठी परिवेश का अनुभव हो रहा है।

नीमच से पहुंची 13.5 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा

इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण भगवान गणेश की 13.5 फीट ऊंची विशालकाय मूर्ति है। अरिहंत हॉस्पिटल के समीप बनाए गए इस भव्य पंडाल में स्थापित इस अनुपम प्रतिमा को विशेष रूप से मध्य प्रदेश के नीमच से तैयार करवाकर मंगवाया गया है। आयोजन समिति ने भगवान गणेश की इस विशाल प्रतिमा को 'एफसीआई चा राजा' नाम दिया है। बप्पा के इस मनोहारी और भव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए सुबह से लेकर रात तक भक्तों का तांता लगा हुआ है।

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पंडाल की सजावट में दिखी पारंपरिक मराठी छाप

युवा मित्र मंडल ने इस पंडाल की आंतरिक और बाहरी रूपरेखा तैयार करते समय पारंपरिक मराठी उत्सव की बारीकियों का पूरा ध्यान रखा है। तोरण, वस्त्र विन्यास, स्तंभों की नक्काशी और संपूर्ण वातावरण को इस तरह ढाला गया है कि राजस्थान की धरती पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध गणेशोत्सव का सजीव रूप दिखाई देता है। शाम ढलते ही रोशनी से जगमगाते इस पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ जाती है और पूरा इलाका 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों से गूंज उठता है।

सांस्कृतिक आयोजन और समाज को जोड़ने की पहल

क्षेत्र के लोग सपरिवार यहां दर्शन पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। युवा मित्र मंडल का कहना है कि गणेशोत्सव के दौरान नियमित पूजा-अर्चना के अलावा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का प्रमुख ध्येय धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रवासियों में सामाजिक सद्भाव बढ़ाना और युवाओं को सकारात्मक सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। आने वाले दिनों में मंडल की ओर से कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

सवाल-जवाब

भीलवाड़ा में यह मराठी शैली का गणेश पंडाल किस स्थान पर बनाया गया है?
यह भव्य पंडाल भीलवाड़ा शहर के एफसीआई रोड पर अरिहंत हॉस्पिटल के पास हरिजन बस्ती में स्थापित किया गया है।
इस पंडाल का आयोजन किस संस्था द्वारा किया जा रहा है?
इस गणेशोत्सव का आयोजन स्थानीय युवा मित्र मंडल की ओर से किया जा रहा है।
पंडाल में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा की ऊंचाई कितनी है?
पंडाल में स्थापित गणपति की विशाल प्रतिमा की कुल ऊंचाई 13.5 फीट है।
भगवान गणेश की यह प्रतिमा कहां से मंगवाई गई है?
यह विशाल प्रतिमा विशेष रूप से मध्य प्रदेश के नीमच शहर से तैयार करवाकर मंगवाई गई है।
आयोजन समिति ने इस प्रतिमा को क्या नाम दिया है?
युवा मित्र मंडल ने इस भव्य प्रतिमा को 'एफसीआई चा राजा' नाम दिया है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या बताया गया है?
भगवान गणेश की आराधना के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को एकजुट करना और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 मिनट पहले

भीलवाड़ा में 13.5 फीट ऊंची मूर्ति लगाने का आइडिया एकदम बढ़िया है, पर इतनी बड़ी प्रतिमा को नीमच से लाने में रास्ता पार करने के दौरान क्या कोई दिक्कत नहीं आई होगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 मिनट पहले

रोहन भाई, नीमच से भीलवाड़ा तक साढ़े तेरह फीट की मूर्ति लाना वाकई टेढ़ी खीर रहा होगा, रास्ता तय करने में दिक्कत तो पक्का आई होगी।

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