राजस्थान के चूरू में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही वार्डों में चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच चूरू के वार्ड 11 का मुकाबला उम्मीदवारों की घोषित संपत्ति के आंकड़ों के चलते केंद्र बिंदु बन गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी संजय भाटी ने अपने नामांकन पत्र के साथ जो वित्तीय शपथ-पत्र दाखिल किया है, उसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार संजय भाटी ने 9 करोड़ 71 लाख 55 हजार 162 रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति की घोषणा की है। संजय भाटी मूल रूप से चूरू शहर के वार्ड 17 के निवासी हैं और इस बार वार्ड 11 से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के बाद सार्वजनिक हुए इस बड़े संपत्ति ब्यौरे ने स्थानीय स्तर पर मतदाताओं और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
संपत्ति का गणित: प्रत्याशी और परिवार के पास कितनी है दौलत
शपथ-पत्र में दिए गए विस्तृत वित्तीय ब्यौरे का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आती है कि संजय भाटी के व्यक्तिगत खातों के अलावा उनके परिवार की सामूहिक वित्तीय स्थिति भी काफी सुदृढ़ है। प्रत्याशी संजय भाटी, उनकी पत्नी तथा उनके बच्चों के नाम दर्ज कुल घोषित संपत्तियों को यदि एक साथ जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा 10.65 करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। हालांकि, जहां एक तरफ करोड़ों रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया गया है, वहीं दूसरी तरफ शपथ-पत्र में देनदारियों का भी स्पष्ट लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। संजय भाटी पर 1 करोड़ 28 लाख 60 हजार 667 रुपये का वित्तीय कर्ज यानी देनदारी भी दर्ज है। अब वार्ड 11 में चुनावी चर्चाएं केवल राजनीतिक समीकरणों या जातिगत वोटों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि प्रत्याशियों की वित्तीय साख और इस भारी-भरकम संपत्ति के आंकड़े भी चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बन गए हैं।
अचल संपत्ति: पेट्रोल पंप, दुकानें और ज़मीन का ब्यौरा
36 वर्ष की आयु के प्रत्याशी संजय भाटी द्वारा दाखिल हलफनामे के मुताबिक उनके नाम पर 5 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति दर्ज है। इस अचल संपत्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा व्यावसायिक जमीनों और परिसरों के रूप में है। उनकी मुख्य संपत्तियों में रूंकनसर रामगढ़ स्थित एक पेट्रोल पंप की भूमि शामिल है। इसके अतिरिक्त अग्रसेन नगर में स्थित संपत्ति और चूरू के पुराने बस स्टैंड पर स्थित व्यावसायिक दुकानें भी उनकी प्रमुख अचल संपत्तियों की सूची में दर्ज की गई हैं। इन तमाम व्यावसायिक परिसरों का कुल घोषित बाजार मूल्य ही 4 करोड़ 16 लाख 65 हजार रुपये से अधिक आंका गया है। व्यावसायिक संपत्तियों के अलावा संजय भाटी के पास कृषि भूमि का भी बड़ा आधार है। उनके नाम रामसरा, रतननगर और रूंकनसर रामगढ़ क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि पंजीकृत है। इसके साथ ही चूरू शहर में गैर-कृषि भूमि तथा एक आवासीय मकान का उल्लेख भी नामांकन के समय प्रस्तुत किए गए शपथ-पत्र में किया गया है।
चल संपत्ति: सोना, बैंक बैलेंस और गाड़ियों में निवेश
वित्तीय ब्यौरे के अनुसार संजय भाटी के नाम 4 करोड़ 45 लाख 75 हजार 771 रुपये की कुल चल संपत्ति दर्ज है। इस चल संपत्ति में विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), जीवन बीमा पॉलिसियां, कीमती धातुएं, वाहन तथा अन्य वित्तीय साधन शामिल हैं। व्यक्तिगत रूप से उनके नाम 200 ग्राम सोना दर्ज है, जिसका हलफनामे में घोषित बाजार मूल्य 28 लाख 75 हजार 120 रुपये बताया गया है। इसके अलावा उनके बैंक खातों और एफडी में भी लाखों रुपये की राशि जमा है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 36 वर्षीय संजय भाटी ने वर्ष 2021 में बीकानेर विश्वविद्यालय से एलएलबी (विधि स्नातक) की डिग्री हासिल की है।
पत्नी की संपत्ति और पारिवारिक वित्तीय ढांचा
संजय भाटी के हलफनामे में उनकी पत्नी के नाम दर्ज संपत्तियों की पूरी जानकारी दी गई है। आंकड़ों के अनुसार उनकी पत्नी के पास 70 लाख 22 हजार 61 रुपये की चल संपत्ति है। इस संपत्ति में मुख्य रूप से 450 ग्राम सोना, 2 किलोग्राम चांदी, विभिन्न बैंकों में जमा राशि और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। जब प्रत्याशी की अपनी अचल व चल संपत्ति के साथ पत्नी और आश्रित बच्चों के नाम मौजूद चल संपत्ति को जोड़ा जाता है, तो पूरे परिवार की कुल संपत्ति का आंकड़ा 10.65 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाता है।
कर्ज और वित्तीय देनदारी: 1.28 करोड़ रुपये का दायित्व
करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों का ब्यौरा देने के साथ ही संजय भाटी ने अपने सिर पर मौजूद वित्तीय देनदारियों को भी पूरी पारदर्शिता के साथ उजागर किया है। दस्तावेज के अनुसार उनके ऊपर 1 करोड़ 28 लाख 60 हजार 667 रुपये का कुल वित्तीय दायित्व या कर्ज बकाया है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी की वित्तीय स्थिति के दोनों पहलू यानी परिसंपत्तियां और देनदारियां अब सार्वजनिक हो चुके हैं। इस विस्तृत खुलासे के बाद वार्ड 11 का चुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, जहां मतदाता उम्मीदवार की जनसंपर्क क्षमता, राजनीतिक अनुभव और विकास के दावों के साथ-साथ उसकी वित्तीय पृष्ठभूमि पर भी अपनी नजर बनाए हुए हैं।





















