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राजस्थान के बीकानेर स्थित सैन्य अभ्यास स्थल पर गाड़ियों के टैंक तोड़कर डीजल उड़ाया, जांच में जुटी पुलिसराजस्थान
3 सित॰ 2026, 2:51 pm (1 दिन पहले)· 0

राजस्थान के बीकानेर स्थित सैन्य अभ्यास स्थल पर गाड़ियों के टैंक तोड़कर डीजल उड़ाया, जांच में जुटी पुलिस

बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास में जुटी सेना की गाड़ियों के टैंक तोड़कर अज्ञात चोरों ने भारी मात्रा में डीजल चुरा लिया। सेना की शिकायत पर महाजन पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित देश के महत्वपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण केंद्र महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के वाहनों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर डीजल चोरी करने की गंभीर घटना सामने आई है। युद्धाभ्यास और सामरिक गतिविधियों के लिए पहुंची सेना की यूनिट के वाहनों के ईंधन टैंक तोड़कर अज्ञात चोर भारी मात्रा में डीजल चुरा ले गए। इस दुस्साहसिक वारदात के सामने आने के बाद सेना के अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और स्थानीय महाजन पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में सघन अभियान शुरू कर दिया है।

सैन्य वाहनों के ढक्कन तोड़कर चुराया भारी मात्रा में डीजल

यह पूरी वारदात 7 अगस्त को उजागर हुई, जब सैन्य अभ्यास में जुटी यूनिट के वाहनों की जांच के दौरान ईंधन गायब मिला। शातिर चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से सेना के भारी-भरकम और सामरिक वाहनों के डीजल टैंकों के ढक्कन तोड़ दिए और उनके भीतर भरा सारा ईंधन चुरा लिया। सैन्य अभ्यास के दौरान वाहनों की निर्बाध आवाजाही और उनका समुचित रखरखाव अभियानों की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे में गाड़ियों में अचानक ईंधन की भारी कमी होने से सैन्य अभ्यासों की गति, समयबद्धता और तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से इस घटना को बेहद संवेदनशील और चिंताजनक माना जा रहा है।

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महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का सामरिक महत्व और सुरक्षा पर सवाल

बीकानेर का महाजन फील्ड फायरिंग रेंज भारतीय सेना के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण युद्ध अभ्यास केंद्रों में से एक है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सेना की विभिन्न टुकड़ियां और कोर यूनिट्स अपनी मारक क्षमता, निशानेबाजी और सामरिक कौशल को धार देने के लिए यहां नियमित अंतराल पर आती हैं। घटना के समय भी एक सैन्य यूनिट अपने तय कार्यक्रम के अनुसार रेंज में डेरा डाले हुए थी। उच्च सुरक्षा वाले इस फायरिंग रेंज के भीतर प्रवेश करना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन चोरों द्वारा सैन्य संपत्ति को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि चोरों को रेंज के भीतर की गतिविधियों, सुरक्षा चक्र और वाहनों की पार्किंग लोकेशन की सटीक जानकारी थी।

सेना की आधिकारिक शिकायत पर एफआईआर दर्ज

चोरी का पता चलते ही सैन्य अधिकारियों ने तुरंत आंतरिक स्तर पर प्राथमिक पड़ताल शुरू की और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया। सेना के अधिकृत प्रतिनिधि ने महाजन पुलिस थाने पहुंचकर अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी। चूंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की सैन्य संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस प्रशासन ने भी बिना कोई देरी किए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। महाजन थाना पुलिस ने विभिन्न संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक तथा जांच टीमों को मौके पर भेजकर साक्ष्य एकत्र किए हैं।

अंदरूनी साठगांठ और अवैध डीजल तस्करों की पड़ताल

मामले की जांच कर रही महाजन पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पुलिस की विशेष टीमें फील्ड फायरिंग रेंज के आसपास स्थित गांवों, मुख्य मार्गों, कच्चे रास्तों और क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं। इसके साथ ही जांच अधिकारी इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की साठगांठ थी या फिर स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से डीजल बेचने वाले तस्करों का हाथ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन डेटा और अपने मजबूत मुखबिर तंत्र का सहारा लिया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द चोरों का पर्दाफाश कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जा सके।

सवाल-जवाब

बीकानेर में सैन्य वाहनों से डीजल चोरी की यह घटना कब सामने आई?
यह घटना 7 अगस्त को सामने आई, जब युद्धाभ्यास में शामिल सैन्य यूनिट के वाहनों की जांच के दौरान ईंधन गायब पाया गया।
यह चोरी किस स्थान पर हुई है?
यह घटना बीकानेर जिले में स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के भीतर हुई, जहां सेना की यूनिट युद्धाभ्यास के लिए डेरा डाले हुए थी।
चोरों ने किस तरह से ईंधन चुराया?
चोरों ने सेना के भारी और सामरिक वाहनों के डीजल टैंकों के ढक्कन तोड़ दिए और उनके भीतर से बड़ी मात्रा में डीजल चुरा लिया।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
सेना के प्रतिनिधि की शिकायत पर महाजन पुलिस थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में किन मुख्य पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है?
पुलिस किसी अंदरूनी व्यक्ति की साठगांठ, स्थानीय डीजल तस्करों के गिरोह की भूमिका और क्षेत्र के आसपास के संदिग्धों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज जैसे उच्च सुरक्षा वाले सामरिक केंद्र में सैन्य वाहनों के टैंक तोड़कर डीजल चोरी होना केवल एक साधारण आपराधिक घटना नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता है। एक राजनीतिक संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि इस चूक से रक्षा प्रतिष्ठानों की परिधि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि समय रहते स्थानीय मुखबिर नेटवर्क और रेंज के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल की उच्च-स्तरीय जांच नहीं की गई, तो यह रणनीतिक तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा संवेदनशीलता का मुद्दा बन सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस घटना का असर रक्षा लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर भी पड़ सकता है। सामरिक अभ्यास के दौरान ईंधन की ऐसी चोरी से न केवल सैन्य तैयारियों की गति बाधित होती है, बल्कि रक्षा संसाधनों की सुरक्षा पर होने वाले वित्तीय और प्रशासनिक खर्च की भी नए सिरे से समीक्षा करने की आवश्यकता है। भविष्य में इस प्रकार की सेंधमारी रोकने के लिए सप्लाई चेन ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी का दायरा बढ़ाना अनिवार्य होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज जैसे सामरिक दृष्टि से संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में हुई यह डीजल चोरी की घटना केवल सामान्य संपत्ति चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह आंतरिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उच्च सुरक्षा वाले इस परिसर के भीतर इस स्तर की सेंधमारी से यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों को अंदरूनी गतिविधियों की सटीक जानकारी थी। इस मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह जांच करनी होगी कि क्या इस षड्यंत्र में कोई अंदरूनी व्यक्ति या स्थानीय सिंडिकेट शामिल था। यदि समय रहते पर्दाफाश नहीं हुआ, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभ्यासों की गोपनीयता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

यह घटना न केवल रक्षा संपत्तियों की सुरक्षा में एक बड़ी चूक को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सैन्य अभियानों की तैयारियों के दौरान इस तरह की बाधाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कितना बड़ा जोखिम बन सकती हैं। उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में वाहनों के ईंधन टैंकों को निशाना बनाने का दुस्साहस यह संकेत देता है कि बदमाशों को वहां की आवाजाही और पार्किंग की पूरी टोह थी। यदि इस मामले की तह तक जाकर स्थानीय सिंडिकेट या आंतरिक मिलीभगत का पर्दाफाश नहीं किया गया, तो भविष्य में सामरिक अभ्यासों की समयबद्धता और गोपनीयता पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

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