राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित देश के महत्वपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण केंद्र महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के वाहनों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर डीजल चोरी करने की गंभीर घटना सामने आई है। युद्धाभ्यास और सामरिक गतिविधियों के लिए पहुंची सेना की यूनिट के वाहनों के ईंधन टैंक तोड़कर अज्ञात चोर भारी मात्रा में डीजल चुरा ले गए। इस दुस्साहसिक वारदात के सामने आने के बाद सेना के अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और स्थानीय महाजन पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में सघन अभियान शुरू कर दिया है।
सैन्य वाहनों के ढक्कन तोड़कर चुराया भारी मात्रा में डीजल
यह पूरी वारदात 7 अगस्त को उजागर हुई, जब सैन्य अभ्यास में जुटी यूनिट के वाहनों की जांच के दौरान ईंधन गायब मिला। शातिर चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से सेना के भारी-भरकम और सामरिक वाहनों के डीजल टैंकों के ढक्कन तोड़ दिए और उनके भीतर भरा सारा ईंधन चुरा लिया। सैन्य अभ्यास के दौरान वाहनों की निर्बाध आवाजाही और उनका समुचित रखरखाव अभियानों की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे में गाड़ियों में अचानक ईंधन की भारी कमी होने से सैन्य अभ्यासों की गति, समयबद्धता और तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से इस घटना को बेहद संवेदनशील और चिंताजनक माना जा रहा है।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का सामरिक महत्व और सुरक्षा पर सवाल
बीकानेर का महाजन फील्ड फायरिंग रेंज भारतीय सेना के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण युद्ध अभ्यास केंद्रों में से एक है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सेना की विभिन्न टुकड़ियां और कोर यूनिट्स अपनी मारक क्षमता, निशानेबाजी और सामरिक कौशल को धार देने के लिए यहां नियमित अंतराल पर आती हैं। घटना के समय भी एक सैन्य यूनिट अपने तय कार्यक्रम के अनुसार रेंज में डेरा डाले हुए थी। उच्च सुरक्षा वाले इस फायरिंग रेंज के भीतर प्रवेश करना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन चोरों द्वारा सैन्य संपत्ति को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि चोरों को रेंज के भीतर की गतिविधियों, सुरक्षा चक्र और वाहनों की पार्किंग लोकेशन की सटीक जानकारी थी।
सेना की आधिकारिक शिकायत पर एफआईआर दर्ज
चोरी का पता चलते ही सैन्य अधिकारियों ने तुरंत आंतरिक स्तर पर प्राथमिक पड़ताल शुरू की और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया। सेना के अधिकृत प्रतिनिधि ने महाजन पुलिस थाने पहुंचकर अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी। चूंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की सैन्य संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस प्रशासन ने भी बिना कोई देरी किए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। महाजन थाना पुलिस ने विभिन्न संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक तथा जांच टीमों को मौके पर भेजकर साक्ष्य एकत्र किए हैं।
अंदरूनी साठगांठ और अवैध डीजल तस्करों की पड़ताल
मामले की जांच कर रही महाजन पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पुलिस की विशेष टीमें फील्ड फायरिंग रेंज के आसपास स्थित गांवों, मुख्य मार्गों, कच्चे रास्तों और क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं। इसके साथ ही जांच अधिकारी इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की साठगांठ थी या फिर स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से डीजल बेचने वाले तस्करों का हाथ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन डेटा और अपने मजबूत मुखबिर तंत्र का सहारा लिया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द चोरों का पर्दाफाश कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जा सके।























