पकवान तलने के बाद कड़ाही में बचा तेल दोबारा इस्तेमाल करने के नियम और जरूरी सावधानियांनाहरगढ़ थाने में सरेंडर टालकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे नरेश मीणा, गांव में सुरक्षा कड़ीहल्के पानी के छिड़काव से घर पर बनाएं हलवाई जैसे दानेदार बेसन के लड्डू, यह है आसान विधिमरुधरा में ग्रीन एनर्जी का महाविस्तार, बिजली ग्रिड और ट्रांसमिशन के 19 प्रोजेक्ट्स पर 98,759 करोड़ रुपये का निवेशदिल्ली रैली से दूरी बनाने पर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारी निलंबित, नेताओं ने गिनाए शादी और बीमारी के कारणस्विट्जरलैंड में महंगाई बढ़ने पर नीति बदलने को तैयार सेंट्रल बैंक, श्लेजेल ने दिए सख्त संकेतआईआईटी कानपुर में के-पॉप स्टार औरा का देसी अंदाज, पवन सिंह के गाने पर जमकर झूमेदिल्ली में लुढ़का पारा और गहराया धुंध का संकट, सांस लेना हुआ दूभरअमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेटा सेंटर्स बने बड़ा मुद्दा, जनता के गुस्से से बिग टेक की रफ्तार पर ब्रेक के आसारव्यापार अधिशेष में भारी उछाल से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूत, अमेरिकी राजनीतिक हलचल के बीच ग्रीनबैक फिसला
धनतेरस पर कीमती धातुओं के अलावा घर लाएं ये पांच वस्तुएं, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपाराजस्थान
5 नव॰ 2026, 8:37 am (3 मिनट पहले)· 0

धनतेरस पर कीमती धातुओं के अलावा घर लाएं ये पांच वस्तुएं, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

धनतेरस पर सोने और चांदी के अलावा झाड़ू, नमक, साबुत धनिया, पीतल और कौड़ियां खरीदना भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का आगाज़ धनतेरस के दिन से हो जाता है। राजस्थान के करौली और हिंडौन क्षेत्र सहित देश भर में इस दिन खरीदारी का विशेष महत्व है। अमूमन लोग इस पावन अवसर पर सोने और चांदी के आभूषण या धातु के नए बर्तन खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कई ऐसी वस्तुएं भी मौजूद हैं, जिनका आर्थिक मूल्य भले ही अधिक न हो, लेकिन आध्यात्मिक और पारंपरिक दृष्टि से उन्हें घर लाना बेहद कल्याणकारी माना गया है।

हिंडौन के ज्योतिषाचार्य पंडित धीरज शर्मा के मुताबिक, आवश्यक नहीं है कि हर कोई महंगी धातुएं ही खरीदे। सामर्थ्य के अनुसार कुछ सामान्य वस्तुएं खरीदकर भी घर में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत किया जा सकता है। धार्मिक परंपराओं में बताई गई ऐसी पांच वस्तुएं मां लक्ष्मी को प्रिय मानी जाती हैं और धनतेरस पर इन्हें घर लाना शुभ फल देता है।

ये भी पढ़ें

झाड़ू: दरिद्रता दूर करने और मां लक्ष्मी के वास का प्रतीक

धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को माता लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप माना गया है। घर की साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़ी होने के कारण इसका संबंध सीधे तौर पर दरिद्रता के निवारण से है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, धनतेरस के दिन एक नई झाड़ू खरीदकर घर में प्रवेश कराना उत्तम फलदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन झाड़ू लाने से घर से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मां लक्ष्मी का घर में स्थाई वास सुनिश्चित होता है।

नमक: नकारात्मकता मिटाकर वातावरण को शुद्ध करने का जरिया

रसोई का सबसे साधारण घटक दिखने वाला नमक भी धनतेरस के दिन विशेष महत्व रखता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नमक घर के भीतर फैली नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में बेहद असरदार साबित होता है। इस दिन नया नमक खरीदने की परंपरा है। इसके अलावा, धनतेरस और दीपावली के मौके पर कई परिवारों में पानी में नमक डालकर फर्श पर पोछा लगाने का नियम है। माना जाता है कि इस उपाय से पूरे आवास की आबोहवा पवित्र, सकारात्मक और दोषमुक्त बन जाती है।

साबुत धनिया: पूजन में अर्पित करने से बढ़ेगा वैभव

धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी पुरानी मान्यता है। धार्मिक अनुष्ठानों में साबुत धनिया को समृद्धि, ऐश्वर्य और पारिवारिक सुख का प्रतीक माना जाता है। दीपावली की रात होने वाले मुख्य लक्ष्मी पूजन के दौरान इस साबुत धनिये को माता के चरणों में अर्पित करने का शास्त्रीय विधान है। इसी कारण श्रद्धालु धनतेरस के दिन धनिया खरीदकर उसे आगामी पूजन के लिए सुरक्षित रख लेते हैं।

पीतल के बर्तन: छोटी सी वस्तु से भी मिलती है बरकत

सोना और चांदी खरीदना यदि बजट से बाहर हो, तो पीतल की खरीदारी को एक उत्तम विकल्प माना जाता है। धनतेरस के दिन पीतल के बर्तन या दैनिक उपयोग की वस्तुएं घर लाना मंगलकारी माना गया है। लोग अपनी आर्थिक क्षमता के मुताबिक पीतल की थाली, लोटा या कोई अन्य पात्र खरीद सकते हैं। मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पीतल की एक छोटी सी चम्मच भी इस दिन खरीदता है, तो उससे भी घर में बरकत और खुशहाली का विस्तार होता है।

कौड़ियां: व्यापारिक परंपरा से जुड़ा मां लक्ष्मी का पूजन

प्राचीन काल में विनिमय और व्यापार के प्रमुख साधन के रूप में पहचानी जाने वाली कौड़ियों का धार्मिक महत्व आज भी अटूट है। हिंडौन के ज्योतिषाचार्य पंडित धीरज शर्मा बताते हैं कि कौड़ियों को धन और समृद्धि का प्रत्यक्ष प्रतीक माना गया है। धनतेरस के दिन बाजार से 7 या 11 की संख्या में कौड़ियां खरीदकर घर लाने की रीत है। बाद में इन कौड़ियों को मां लक्ष्मी के पूजन में शामिल किया जाता है, जिससे आर्थिक संपन्नता और धन वृद्धि के द्वार खुलते हैं।

सवाल-जवाब

धनतेरस पर सोने और चांदी के अलावा कौन सी चीजें खरीदना शुभ माना गया है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर झाड़ू, नमक, साबुत धनिया, पीतल के बर्तन और कौड़ियां खरीदना बेहद शुभ होता है।
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने का क्या महत्व है?
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसे घर लाने से दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा सुख-शांति आती है।
नमक खरीदने और उसके पानी से पोछा लगाने की क्या मान्यता है?
नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है। इसके पानी से पोछा लगाने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है।
धनतेरस पर खरीदी गई कौड़ियों की संख्या कितनी होनी चाहिए?
मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन 7 या 11 कौड़ियां खरीदकर उन्हें दीपावली पर मां लक्ष्मी के पूजन में शामिल करना चाहिए।
साबुत धनिया को पूजन में क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
साबुत धनिया को सुख, वैभव और आर्थिक संपन्नता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे लक्ष्मी पूजन में अर्पित किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp