राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में स्थानीय शासन की दिशा तय करने के लिए 5 नवंबर को पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण की मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के 27 जिलों के अंतर्गत आने वाली 3,716 ग्राम पंचायतों में मतदाता अपने गांव की चौपाल का नेतृत्व चुनने के लिए कतारों में खड़े हैं। सुबह 7 बजे से प्रारंभ हुआ यह मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। इस चुनावी मुकाबले में ग्रामीण राजनीति के कई दिग्गज और स्थानीय चेहरे आमने-सामने हैं, जिससे गांवों में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है।
1.06 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग
इस तीसरे चरण के तहत कुल 1 करोड़ 6 लाख से ज्यादा ग्रामीण नागरिक अपने मत का प्रयोग करने के पात्र हैं। राज्य निर्वाचन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 55.48 लाख पुरुष मतदाता शामिल हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 51.33 लाख दर्ज की गई है। लोकतंत्र के इस पर्व में ग्रामीण मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पुरुषों और महिलाओं के साथ बुजुर्ग मतदाताओं में भी अपने मत को लेकर गहरा उत्साह देखा जा रहा है।
3,716 सरपंच और 34,218 वार्ड पंच पदों के लिए मुकाबला
तीसरे चरण के इस महामुकाबले में कुल 3,716 सरपंच पदों और 34,218 वार्ड पंच पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। गांवों के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और स्थानीय कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में सरपंच और पंच की अहम भूमिका होती है, जिसके चलते हर पंचायत में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रतिष्ठा की जंग बने इस चुनाव में विभिन्न उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।
बालोतरा में सबसे अधिक सरपंच तो हनुमानगढ़ में वार्ड पंच के सर्वाधिक पद
जिलों के हिसाब से सीटों की स्थिति देखें तो बालोतरा जिला सरपंच पद के मामले में सबसे शीर्ष पर है। बालोतरा में सर्वाधिक 266 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनने के लिए वोट डाले जा रहे हैं। वहीं वार्ड पंच के पदों के लिहाज से हनुमानगढ़ जिला पहले स्थान पर है, जहां कुल 2,151 वार्ड पंच पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संचालित हो रही है। हर ग्राम पंचायत में वार्ड स्तर से लेकर ग्राम प्रमुख तक के पदों पर प्रतिनिधियों के चयन को लेकर सरगर्मियां चरम पर हैं।
11,869 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। राज्य भर में इस चरण के लिए कुल 11,869 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर मतदान कर्मियों की समय पर तैनाती सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण इलाकों में किसी भी तरह के उपद्रव या अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई है, ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के निर्बाध रूप से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
शाम 6 बजे के बाद मतगणना, देर रात तक आ सकते हैं नतीजे
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 6 बजे मतदान समाप्त होते ही सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए मतों की गिनती का काम शुरू कर दिया जाएगा। जिन मतदान केंद्रों पर मतगणना की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाएगी, वहां के आधिकारिक नतीजे देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि, जिन क्षेत्रों में मतगणना में अधिक समय लगेगा या प्रक्रिया लंबी खिंचेगी, वहां परिणाम अगले दिन सुबह भी घोषित किए जा सकते हैं। इस मतदान के साथ ही हजारों गांवों को अपना नया स्थानीय नेतृत्व मिल जाएगा।


















