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धनतेरस पर 10 हजार रुपये के बजट में खरीदें 18 कैरेट सोने के खास आभूषणझारखंड
3 नव॰ 2026, 5:41 am (1 घंटे पहले)· 0

धनतेरस पर 10 हजार रुपये के बजट में खरीदें 18 कैरेट सोने के खास आभूषण

सोने की बढ़ती कीमतों के बीच कोडरमा के बाजार में 10 हजार रुपये तक के बजट में 18 कैरेट सोने के हल्के आभूषणों के कई विकल्प मौजूद हैं, जहां नोज पिन से लेकर लॉकेट तक उपलब्ध हैं।

दीपावली और धनतेरस के आते ही सर्राफा बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल तेज हो जाती है। भारतीय परंपरा में धनतेरस के दिन सोने और चांदी की खरीदारी को अत्यंत मंगलकारी और समृद्धि लाने वाला माना गया है। सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कीमती धातुओं को घर लाने से पूरे परिवार में खुशहाली बनी रहती है। लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार हर साल सोने के सिक्के, बर्तन या आभूषण जरूर खरीदते हैं। हालांकि हालिया समय में सोने के भाव में आए तेज उतार-चढ़ाव और बढ़ती महंगाई ने आम घरेलू बजट को काफी प्रभावित किया है, जिससे भारी वजन के जेवर खरीदना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।

सीमित बजट वाले खरीदारों के लिए 18 कैरेट के विकल्प

कीमतों के दबाव के बावजूद त्योहार पर शुभ शगुन पूरा करने की चाह रखने वाले ग्राहकों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कोडरमा के आभूषण बाजार में करीब 10 हजार रुपये के दायरे में 18 कैरेट सोने से बने सुंदर और टिकाऊ आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। 18 कैरेट शुद्धता होने की वजह से धातु की कीमत 24 या 22 कैरेट की तुलना में कम बैठती है, साथ ही इसमें मजबूती अधिक होने से बारीक डिजाइन तैयार करना आसान होता है। ऐसे में सीमित पूंजी वाले उपभोक्ता हल्के वजन के छोटे आभूषणों का चुनाव करके परंपरा का निर्वाह आसानी से कर रहे हैं।

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बदलती ग्राहक पसंद और मेकिंग चार्ज का गणित

झुमरी तिलैया के स्टेशन रोड स्थित एस.सी ज्वैलर्स के संचालक विकास कुमार भदानी का कहना है कि सोने के दामों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर बाजार की खरीद आदतों पर पड़ा है। पूर्व में ग्राहक भारी और पारंपरिक वजन वाले गहनों को पहली प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब ज्यादातर लोग कम वजन वाले हल्के आभूषणों को तरजीह दे रहे हैं। ग्राहक अपने तय बजट को ध्यान में रखकर छोटे और आधुनिक डिजाइन वाले जेवरों की ओर रुख कर रहे हैं। विकास कुमार भदानी ने यह भी स्पष्ट किया कि कम वजन वाले आभूषणों को तराशने में काफी मेहनत और बारीक कारीगरी लगती है, जिसके चलते इन गहनों पर मेकिंग चार्ज का अनुपात कुल लागत में थोड़ा ज्यादा महसूस होता है।

10 हजार रुपये में उपलब्ध लोकप्रिय आभूषण

करीब 10 हजार रुपये तक के बजट में सर्राफा दुकानों पर कई प्रकार के जेवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए हल्के वजन की नोज पिन और नथुनी सबसे पसंदीदा विकल्पों में शामिल हैं, जो बजट में पूरी तरह फिट बैठती हैं। बच्चों के लिए उपहार स्वरूप सोने की छोटी अंगूठियां भी इसी बजट वर्ग में आसानी से मिल जाती हैं, जिन्हें अभिभावक धनतेरस के शगुन के तौर पर खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त पूजा-पाठ और धार्मिक आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए देवी-देवताओं की प्रतिमा उकेरे हुए सोने के लॉकेट भी मौजूद हैं। युवतियों और कामकाजी महिलाओं के लिए छोटे आकार के सोने के टॉप्स या ईयररिंग्स भी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहे हैं, क्योंकि ये देखने में आकर्षक लगने के साथ-साथ दैनिक उपयोग के लिए भी बेहद व्यावहारिक और सुरक्षित होते हैं।

सवाल-जवाब

कोडरमा के बाजार में 10 हजार रुपये के बजट में किस शुद्धता का सोना मिल रहा है?
कोडरमा के आभूषण बाजार में 10 हजार रुपये के बजट में 18 कैरेट शुद्धता वाले सोने के आभूषण मिल रहे हैं।
10 हजार रुपये के दायरे में कौन-कौन से गहने खरीदे जा सकते हैं?
इस बजट में महिलाओं के लिए नोज पिन, नथुनी, कान के टॉप्स, बच्चों की अंगूठियां और देवी-देवताओं के लॉकेट उपलब्ध हैं।
हल्के वजन के आभूषणों पर मेकिंग चार्ज ज्यादा क्यों पड़ता है?
छोटे और बारीक आभूषणों को तैयार करने में विशेष कारीगरी और डिजाइनिंग की जरूरत होती है, जिससे उन पर मेकिंग चार्ज का अनुपात अधिक रहता है।
झुमरी तिलैया में यह जानकारी किस ज्वैलर्स संचालक ने दी है?
यह जानकारी स्टेशन रोड स्थित एस.सी ज्वैलर्स के संचालक विकास कुमार भदानी ने दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·20 मिनट पहले

दस हज़ार में अठारह कैरेट का सोना मिल तो रहा है, पर छोटे झुमके या नोज पिन पर मेकिंग चार्ज इतना लग जाता है कि बजट हिल जाता है। शगुन तो पूरा हो जाएगा, पर असल में क्या सच में फायदा रहता है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·41 मिनट पहले

बढ़ते दामों के बीच दस हजार में भी सोना मिलना राहत की बात है। पिछले साल माँ के लिए ऐसा ही हल्का टॉप्स लिया था, शगुन भी रह गया और जेब पर भारी भी नहीं पड़ा।

Ravikash Gupta@ravikash·40 मिनट पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पर क्या इतने कम वजन के गहनों में मेकिंग चार्ज सच में बहुत ज्यादा कट जाता है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

दस हजार में सोना मिल तो रहा है, पर क्या इस बजट में मिलने वाले लॉकेट और नोज पिन पर मेकिंग चार्ज के नाम पर दुकानदार ज्यादा पैसे तो नहीं वसूल रहे?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी, पर मुझे लगता है कि बारीक डिजाइन बनाने में मेहनत सचमुच ज्यादा लगती होगी, इसलिए मेकिंग चार्ज थोड़ा ज्यादा होना शायद जायज भी है।

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