दीपावली और धनतेरस के आते ही सर्राफा बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल तेज हो जाती है। भारतीय परंपरा में धनतेरस के दिन सोने और चांदी की खरीदारी को अत्यंत मंगलकारी और समृद्धि लाने वाला माना गया है। सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कीमती धातुओं को घर लाने से पूरे परिवार में खुशहाली बनी रहती है। लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार हर साल सोने के सिक्के, बर्तन या आभूषण जरूर खरीदते हैं। हालांकि हालिया समय में सोने के भाव में आए तेज उतार-चढ़ाव और बढ़ती महंगाई ने आम घरेलू बजट को काफी प्रभावित किया है, जिससे भारी वजन के जेवर खरीदना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सीमित बजट वाले खरीदारों के लिए 18 कैरेट के विकल्प
कीमतों के दबाव के बावजूद त्योहार पर शुभ शगुन पूरा करने की चाह रखने वाले ग्राहकों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कोडरमा के आभूषण बाजार में करीब 10 हजार रुपये के दायरे में 18 कैरेट सोने से बने सुंदर और टिकाऊ आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। 18 कैरेट शुद्धता होने की वजह से धातु की कीमत 24 या 22 कैरेट की तुलना में कम बैठती है, साथ ही इसमें मजबूती अधिक होने से बारीक डिजाइन तैयार करना आसान होता है। ऐसे में सीमित पूंजी वाले उपभोक्ता हल्के वजन के छोटे आभूषणों का चुनाव करके परंपरा का निर्वाह आसानी से कर रहे हैं।
बदलती ग्राहक पसंद और मेकिंग चार्ज का गणित
झुमरी तिलैया के स्टेशन रोड स्थित एस.सी ज्वैलर्स के संचालक विकास कुमार भदानी का कहना है कि सोने के दामों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर बाजार की खरीद आदतों पर पड़ा है। पूर्व में ग्राहक भारी और पारंपरिक वजन वाले गहनों को पहली प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब ज्यादातर लोग कम वजन वाले हल्के आभूषणों को तरजीह दे रहे हैं। ग्राहक अपने तय बजट को ध्यान में रखकर छोटे और आधुनिक डिजाइन वाले जेवरों की ओर रुख कर रहे हैं। विकास कुमार भदानी ने यह भी स्पष्ट किया कि कम वजन वाले आभूषणों को तराशने में काफी मेहनत और बारीक कारीगरी लगती है, जिसके चलते इन गहनों पर मेकिंग चार्ज का अनुपात कुल लागत में थोड़ा ज्यादा महसूस होता है।
10 हजार रुपये में उपलब्ध लोकप्रिय आभूषण
करीब 10 हजार रुपये तक के बजट में सर्राफा दुकानों पर कई प्रकार के जेवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए हल्के वजन की नोज पिन और नथुनी सबसे पसंदीदा विकल्पों में शामिल हैं, जो बजट में पूरी तरह फिट बैठती हैं। बच्चों के लिए उपहार स्वरूप सोने की छोटी अंगूठियां भी इसी बजट वर्ग में आसानी से मिल जाती हैं, जिन्हें अभिभावक धनतेरस के शगुन के तौर पर खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त पूजा-पाठ और धार्मिक आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए देवी-देवताओं की प्रतिमा उकेरे हुए सोने के लॉकेट भी मौजूद हैं। युवतियों और कामकाजी महिलाओं के लिए छोटे आकार के सोने के टॉप्स या ईयररिंग्स भी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहे हैं, क्योंकि ये देखने में आकर्षक लगने के साथ-साथ दैनिक उपयोग के लिए भी बेहद व्यावहारिक और सुरक्षित होते हैं।























