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दिवाली शॉपिंग पर साइबर ठगों का नया जाल, फर्जी वेबसाइट्स और भारी डिस्काउंट के नाम पर हो रही है लूटराजस्थान
16 अक्तू॰ 2026, 4:34 pm (2 घंटे पहले)· 0

दिवाली शॉपिंग पर साइबर ठगों का नया जाल, फर्जी वेबसाइट्स और भारी डिस्काउंट के नाम पर हो रही है लूट

दिवाली के त्योहारी सीजन में साइबर अपराधियों ने बड़े ब्रांड्स की हूबहू नकली वेबसाइट्स बनाकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है। 70 से 80 प्रतिशत तक भारी डिस्काउंट का लालच देकर ग्राहकों से पैसे ठगे जा रहे हैं, लेकिन सामान कभी डिलीवर नहीं होता।

पाली में इन दिनों ऑनलाइन बाजार के भीतर साइबर अपराधियों का एक नया और अत्यंत खतरनाक तरीका सामने आया है। प्रसिद्ध नामी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर ठगों ने न केवल फर्जी सोशल मीडिया पेज तैयार किए हैं, बल्कि देखने में बिल्कुल असली लगने वाली पूरी डुप्लीकेट वेबसाइट्स भी खड़ी कर दी हैं। इन नकली पोर्टल्स की बनावट और डिज़ाइन इस तरह की होती है कि पहली नजर में आम इंसान के लिए यह पहचान पाना बेहद कठिन हो जाता है कि कौन सा प्लेटफॉर्म असली है और कौन सा जालसाजों द्वारा संचालित फर्जी मंच है।

त्योहारी सीजन में भारी डिस्काउंट का झांसा

बदलते दौर में अब हर प्रकार की जरूरत का सामान घर बैठे ऑनलाइन मंगवाना बेहद आम हो चुका है। विशेष रूप से दिवाली के इस पावन और बड़े त्योहारी सीजन के दौरान ब्रांडेड कपड़ों से लेकर अन्य तमाम उपभोक्ता वस्तुएं ऑनलाइन खरीदना ग्राहकों की पहली पसंद बन चुका है। इसी रुझान का फायदा उठाने के लिए साइबर ठग पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। त्योहारों के इस माहौल में लोगों को लुभाने के लिए 70 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक के भारी-भरकम डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स का लालच दिया जाता है, जिसके झांसे में आकर लोग बिना सोचे-समझे खरीदारी के लिए आगे बढ़ जाते हैं।

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ब्रांड्स के नाम और डिजाइन की नकल

साइबर सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि ये अपराधी बेहद शातिर तरीके से काम करते हैं। वे बड़े ब्रांड्स के नाम में मामूली सा बदलाव करके ग्राहकों को भ्रमित करते हैं और बिल्कुल वैसी ही मिलती-जुलती वेबसाइट तैयार कर लेते हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनियों के असली लोगो, फॉन्ट और होमपेज की हूबहू डिजाइन का इस्तेमाल किया जाता है ताकि कोई शक न कर सके। ग्राहक जब इन फर्जी पोर्टल्स पर पहुंचकर ऑनलाइन पेमेंट कर देते हैं, तो पैसे कटने के बाद भी उनका खरीदा हुआ सामान कभी उनके घर तक नहीं पहुंच पाता है और ठगी का शिकार हुए लोगों को बाद में सच्चाई का पता चलता है.

विशेषज्ञों की चेतावनी और बचाव के उपाय

इस नए और खतरनाक साइबर अपराध के ट्रेंड का पर्दाफाश करते हुए साइबर एक्सपर्ट अंकित चौधरी ने लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लोग अक्सर कम कीमत और बंपर छूट के चक्कर में बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे अनजान प्लेटफॉर्म्स पर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। यदि आप भी इस दिवाली किसी भी ऑनलाइन माध्यम से खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो किसी भी लुभावने विज्ञापन या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले संबंधित वेबसाइट के यूआरएल और उसकी प्रमाणिकता की भली-भांति जांच जरूर कर लें, अन्यथा एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी दिवाली की खुशियों को फीका कर सकती है।

सवाल-जवाब

साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान लोगों को कैसे फंसा रहे हैं?
ठग नामी कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेज बनाकर 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी छूट का लालच देते हैं।
इस नए साइबर क्राइम ट्रेंड का खुलासा किसने किया है?
इस नए खतरे का पर्दाफाश साइबर एक्सपर्ट अंकित चौधरी ने किया है।
फर्जी वेबसाइट्स की पहचान करना क्यों मुश्किल होता है?
ये अपराधी ब्रांड्स के नाम में मामूली बदलाव करते हैं और उनकी हूबहू डिजाइन व लोगो का इस्तेमाल करते हैं जिससे पहली नजर में पहचान नहीं होती।
दिवाली शॉपिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
खरीददारी करने से पहले वेबसाइट के यूआरएल और उसकी सत्यता की अच्छी तरह जांच-पड़ताल अवश्य कर लेनी चाहिए।
फर्जी वेबसाइट पर पेमेंट करने के बाद क्या होता है?
ग्राहक पेमेंट तो कर देते हैं लेकिन उनका सामान कभी उनके घर नहीं पहुंचता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·56 मिनट पहले

दिवाली पर 80% छूट देखकर तुरंत क्लिक करने से पहले यूआरएल चेक कर लेना चाहिए। आजकल नकली वेबसाइट्स असली जैसी ही दिखती हैं और पैसे डूब जाते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·55 मिनट पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी, पर यूआरएल कौन देखता है जब त्योहार पर इतनी छूट मिल रही हो? कई बार असली साइट्स भी ऐसा ऑफर दे देती हैं, हर बार सबको फर्जी मान लेना भी ठीक नहीं है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

पिछले साल मेरे एक जानने वाले ने ऐसे ही भारी डिस्काउंट के चक्कर में कपड़े ऑर्डर किए थे, पर कभी नहीं आए और पैसे भी डूब गए। त्योहारों पर थोड़ा संभलकर ही ऑनलाइन शॉपिंग करनी पड़ती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। ऐसे 70-80 प्रतिशत डिस्काउंट के चक्कर में अक्सर लोग अपनी गाढ़ी कमाई गँवा बैठते हैं, थोड़ी सावधानी बहुत जरूरी है।

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