पाली जिले के फालना और बाली क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार रंग लाई है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए फालना रेलवे स्टेशन पर दो अहम एक्सप्रेस गाड़ियों के स्टॉपेज को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस कदम से धार्मिक यात्राओं पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के साथ आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। अब उत्तर भारत के पावन तीर्थ स्थल हरिद्वार और गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक केंद्रों की यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए बड़े शहरों की तरफ नहीं दौड़ना पड़ेगा।
कौन सी दो ट्रेनें रुकेंगी फालना में
अधिकारियक स्वीकृति के अनुसार, हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस (14326/14325) और हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस (14328/14327) का फालना स्टेशन पर नियमित ठहराव होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन दोनों गाड़ियों के स्टॉपेज की फाइल पर मुहर लगा दी है। इस निर्णय से राजस्थान के पाली और सिरोही समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अब श्रद्धालु एक ही स्टेशन से ट्रेन पकड़कर सीधे हरिद्वार, सोमनाथ और द्वारकाधीश के दर्शन के लिए रवाना हो सकेंगे।
व्यापार और धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा
फालना स्टेशन पर इन ट्रेनों के रुकने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिला है। हरिद्वार उत्तर भारत का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जबकि वेरावल से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और ओखा से भगवान द्वारकाधीश का मंदिर काफी नजदीक स्थित है। इन गाड़ियों के संचालन से यात्रियों को बिना किसी परेशानी के सीधी रेल सेवा मिल सकेगी। ये ट्रेनें जयपुर, किशनगढ़, अजमेर और फालना जैसे महत्वपूर्ण इलाकों से गुजरते हुए गुजरात के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ती हैं, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आवाजाही को भी मजबूती मिलेगी।
क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के प्रयास लाए रंग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चल रही पैरवी के बाद यह सफलता हासिल हुई है। सांसद पीपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष रूप से आभार जताया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में परिवहन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना और रेल नेटवर्क का विस्तार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है, जिसके लिए मंत्रालय में लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर
फालना रेलवे स्टेशन पर इन गाड़ियों के ठहराव का आदेश आते ही पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और यात्रियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस सौगात का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि अब हरिद्वार में धार्मिक अनुष्ठान या अस्थि विसर्जन करने तथा गुजरात के प्रसिद्ध मंदिरों की यात्रा पर जाने के लिए किसी अन्य बड़े स्टेशन पर निर्भर रहने की मजबूरी खत्म हो गई है।


















