नगालैंड के कोहिमा में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, तीन गांवों पर पाबंदी लागूअमेरिका के रोजगार आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से तय होगी वित्तीय बाजारों की चालराजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा रणनीतिक बदलाव, बगावत से बचने के लिए बिना लिस्ट जारी किए बांटेगी सिंबलदुबई में महिला टी20 एशिया कप से पहले हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान से होने वाले मैच और टीम इंडिया के लक्ष्य पर खुलकर बात कीएमानुअल और विनोद खोसला के शोध से उठे सवाल, क्या चिकित्सा में डॉक्टरों की जगह लेगी स्वायत्त एआईसेबी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के 37,700 करोड़ रुपये के मेगा IPO को दी मंजूरी, दिवाली तक बाजार में दस्तक की उम्मीदमणिपुर में भाजपा विधायक डॉ. सपम रंजन सिंह के आवास पर बम विस्फोट, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह बोले लोकतंत्र पर हमलाफेड के सख्त रुख से गिरा ब्रिटिश पाउंड, वॉरश के बयान ने बढ़ाई सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की आशंकादोस्त को क्रेडिट कार्ड देना पड़ा भारी, 3.5 लाख रुपये के कर्ज में फंसा शादी की तैयारी कर रहा युवककैनन पॉवरशॉट एलफ 360 एचएस ए का रिव्यू: जानिए 12 गुना ज़ूम वाले इस पॉइंट एंड शूट कैमरे की खूबियां और कमियां
दूदू के शैलेश्वर महादेव मंदिर में सावन पूर्णिमा के अवसर पर बर्फ श्रृंगार, महाआरती और रामायण पाठ की पूर्णाहुति आयोजितराजस्थान
28 अग॰ 2026, 7:39 pm (2 घंटे पहले)· 2

दूदू के शैलेश्वर महादेव मंदिर में सावन पूर्णिमा के अवसर पर बर्फ श्रृंगार, महाआरती और रामायण पाठ की पूर्णाहुति आयोजित

जयपुर जिले के दूदू स्थित प्राचीन श्री शैलेश्वर महादेव मंदिर में सावन पूर्णिमा पर विशेष बर्फ श्रृंगार और महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक माह से चल रहे अखंड रामायण पाठ की वैदिक मंत्रोचार के साथ पूर्णाहुति भी संपन्न हुई।

राजस्थान में जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध प्राचीन श्री शैलेश्वर महादेव मंदिर में सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस पवित्र अवसर पर भगवान शिव का विशेष रूप से दिव्य बर्फ श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। बर्फ से ढके भगवान शैलेश्वर महादेव का अलौकिक रूप भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से शिव प्रतिमा की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, शांति तथा समृद्धि के लिए आशीर्वाद माँगा।

बर्फ श्रृंगार के बाद महाआरती में गूँजे हर-हर महादेव के जयकारे

भगवान शिव के बर्फ श्रृंगार दर्शन के पश्चात् मंदिर प्रांगण में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस महाआरती में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने हिस्सा लिया। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और भगवान शिव के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। सावन पूर्णिमा का दिन होने के कारण भोर से ही मंदिर के कपाट खुलते ही शिव भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक निरंतर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने जल और दूध से शिवलिंग का अभिषेक कर परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

ये भी पढ़ें

एक महीने से जारी रामायण पाठ का पूर्णाहुति के साथ समापन

मंदिर के पुजारी पंडित बाबूलाल शर्मा ने आयोजन के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि सावन के पूरे पवित्र महीने के दौरान आयोजित इन धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर स्थानीय और आसपास के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। भक्तगण अपने परिजनों के साथ मंदिर पहुँचे और भगवान शैलेश्वर महादेव के बर्फ श्रृंगार के अलौकिक दर्शन का लाभ उठाया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में पिछले एक महीने से निरंतर चल रहे रामायण पाठ का भी सावन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर विधिवत समापन किया गया।

क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ महाप्रसाद का वितरण

रामायण पाठ के अंतिम चरण में भव्य पूर्णाहुति का आयोजन हुआ, जिसमें वैदिक विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच अग्नि में आहुतियाँ दी गईं। श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आहुति कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और आहुति समर्पित करते हुए ईश्वर से क्षेत्र में उत्तम वर्षा, खुशहाली और शांति की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और अध्यात्म का विशेष वातावरण बना रहा। धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रहण कर भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

सवाल-जवाब

दूदू के शैलेश्वर महादेव मंदिर में सावन पूर्णिमा पर क्या विशेष आयोजन हुआ?
सावन पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में भगवान शिव का भव्य बर्फ श्रृंगार किया गया, महाआरती आयोजित हुई और एक महीने से चल रहे रामायण पाठ की पूर्णाहुति की गई।
शैलेश्वर महादेव मंदिर किस स्थान पर स्थित है?
यह प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित दूदू क्षेत्र में स्थित है।
रामायण पाठ का समापन किस प्रकार किया गया?
एक माह से जारी रामायण पाठ का समापन वैदिक मंत्रोच्चार, हवन अनुष्ठान और पूर्णाहुति के साथ विधिवत संपन्न हुआ।
आयोजन के विषय में मंदिर के पुजारी ने क्या जानकारी दी?
पुजारी पंडित बाबूलाल शर्मा ने बताया कि पूरे सावन माह में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा और भक्तों ने सपरिवार आकर पूजा-अर्चना की तथा महाप्रसाद ग्रहण किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR