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राजस्थान निकाय चुनाव: 50 हजार दावेदारों के बीच BJP की चार-स्तरीय छंटनी तेज, जयपुर में मैराथन मंथनराजस्थान
28 अग॰ 2026, 6:29 pm (2 घंटे पहले)· 3

राजस्थान निकाय चुनाव: 50 हजार दावेदारों के बीच BJP की चार-स्तरीय छंटनी तेज, जयपुर में मैराथन मंथन

राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में पार्षद पदों के लिए 50 हजार से अधिक दावेदार सामने आने के बाद बीजेपी मुख्यालय में मैराथन बैठकों का दौर जारी है। पार्टी पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जिताऊ उम्मीदवारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में होने जा रहे आगामी निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय में उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए लगातार मैराथन बैठकों का दौर चल रहा है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौती यह है कि राज्य भर के वार्डों से पार्षद पद के लिए 50 हजार से अधिक दावेदार सामने आ चुके हैं। इतने बड़े पैमाने पर आवेदन आने के बाद पार्टी नेतृत्व को जिताऊ उम्मीदवारों के चयन और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ संभागवार समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं, ताकि तैयार किए गए संभावित दावेदारों के पैनल का गहन मूल्यांकन किया जा सके।

50 हजार से ज्यादा दावेदार और चयन की बड़ी चुनौती

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में पार्षद का टिकट पाने के लिए कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में जबरदस्त उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। प्रदेश की 309 नगर निकायों में पार्षद की सीटों पर दांव आजमाने के लिए 50 हजार से अधिक दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों के सामने आने से बीजेपी नेतृत्व के लिए प्रत्याशी चयन का कार्य बेहद जटिल हो गया है। पार्टी को एक तरफ ऐसे चेहरों को चुनाव मैदान में उतारना है जो चुनाव में जीत दर्ज कराने की क्षमता रखते हों, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय संगठन के ढांचे को मजबूत बनाए रखना भी प्राथमिक उद्देश्य है। इसी वजह से प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में देर रात तक मंथन किया जा रहा है ताकि उचित प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके।

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जयपुर मुख्यालय में मैराथन बैठकें और शीर्ष नेतृत्व का मंथन

जयपुर स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को भी दिन भर उच्च स्तरीय बैठकों का क्रम जारी रहा। इन बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने उम्मीदवारों के पैनल पर विस्तृत चर्चा की। उनके साथ बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री और निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तथा प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान राज्य के सभी संभागों से आए फीडबैक और तैयार किए गए पैनलों पर बिंदुवार विचार विमर्श किया गया। पार्टी नेतृत्व का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि टिकटों के आधिकारिक वितरण के बाद संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी, असंतोष या बगावत की स्थिति न पनपे।

चार स्तरों पर की जा रही उम्मीदवारों की विस्तृत छंटनी

उम्मीदवारों के चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पार्टी ने चार-स्तरीय छंटनी प्रक्रिया अपनाई है। 50 हजार से अधिक आवेदनों को देखते हुए किसी एक नेता या एकल रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने के बजाय बहुस्तरीय मूल्यांकन का रास्ता चुना गया है। छंटनी की इस प्रक्रिया में सबसे पहले व्यापक सर्वे रिपोर्ट को देखा जा रहा है, जिससे इलाके में दावेदार की साख और जनता के बीच स्थिति का पता चलता है। इसके बाद स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों से प्राप्त फीडबैक को शामिल किया गया है। तीसरे स्तर पर पार्टी द्वारा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों की विस्तृत राय को जोड़ा गया है। अंतिम चरण में प्रदेश चुनाव समिति इन सभी रिपोर्टों का मिलान करके अंतिम फैसला लेगी।

जिला स्तर से तैयार पैनल और बागी उम्मीदवारों का खतरा

टिकट निर्धारण की प्राथमिक प्रक्रिया के तहत जिला स्तर पर पहले ही प्रारंभिक छंटनी पूरी की जा चुकी है। स्थानीय समीकरणों और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सीट के लिए तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों के पैनल तैयार किए गए हैं। अब इन तीन-तीन नामों के पैनलों पर प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता विचार कर रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकारों को इस बात की चिंता है कि जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिल पाएगा, वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। यदि पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता बागी होकर चुनाव लड़ते हैं, तो इससे पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के वोट कट सकते हैं। इसी संभावित नुकसान से बचने के लिए मूल और समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है।

बीकानेर और अजमेर संभाग की पहली सूची पर केंद्रित निगाहें

प्रदेश मुख्यालय में चल रहे गहन मंथन के बीच यह संभावना जताई जा रही है कि बीकानेर और अजमेर संभाग के प्रत्याशियों की पहली अधिकृत सूची जल्द जारी की जा सकती है। पार्टी में जारी चर्चा के अनुसार शुक्रवार देर रात तक इन दोनों संभागों के लिए उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यदि यह सूची जारी होती है, तो लंबे समय से इंतजार कर रहे दर्जनों दावेदारों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सूची आने के साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि चुनावी मैदान में बीजेपी के कौन से चेहरे आमने-सामने होंगे। वहीं दूसरी ओर, जिन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिल पाएगा, उनकी आगामी रणनीति पर भी सभी की नजरें टिकी रहेंगी। टिकट घोषणा के साथ ही राजस्थान की स्थानीय राजनीति में सरगर्मी और तेज होने की उम्मीद है।

सवाल-जवाब

राजस्थान के कितने नगरीय निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं?
राजस्थान की 309 नगर निकायों में पार्षद पदों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं।
बीजेपी के पास पार्षद पद के लिए कितने दावेदार आए हैं?
बीजेपी के पास 309 नगर निकायों में पार्षद पद के लिए 50 हजार से अधिक दावेदार सामने आए हैं।
उम्मीदवारों का चयन किन चार स्तरों पर किया जा रहा है?
चयन प्रक्रिया में सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन का फीडबैक, पर्यवेक्षकों की राय और चुनाव समिति का निर्णय शामिल है।
जयपुर प्रदेश मुख्यालय में हुई बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल थे?
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी और संगठन महामंत्री अजेय कुमार शामिल थे।
किन संभागों के उम्मीदवारों की पहली सूची सबसे पहले जारी होने की संभावना है?
बीकानेर और अजमेर संभाग के प्रत्याशियों की पहली अधिकृत सूची सबसे पहले जारी होने की संभावना जताई गई है।
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