राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 की डुगडुगी बजने के साथ ही ग्रामीण सियासत में हलचल तेज हो गई है. डूंगरपुर जिले में चुनावी माहौल को गरमाते हुए भारत आदिवासी पार्टी ने जिला परिषद के रण के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. संगठन ने जिले की कुल 37 जिला परिषद सीटों में से 30 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है. पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रसून मसार द्वारा जारी की गई इस पहली बड़ी सूची के सामने आते ही वागड़ अंचल के स्थानीय समीकरण पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गया है.
दिग्गज चेहरों पर दांव लगाकर बनाई मजबूत रणनीति
भारत आदिवासी पार्टी की ओर से सामने आई प्रत्याशियों की फेहरिस्त में कई जाने-पहचाने और कद्दावर नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी ने पूर्व जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत को मैदान में उतारकर संगठन की पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया है. इसके साथ ही पूर्व में सांसद प्रत्याशी रह चुके कांति भाई रोत पर भी भरोसा जताते हुए उन्हें जिला परिषद का प्रत्याशी बनाया गया है. सामान्य वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चुंडावत को भी चुनावी समर में उतारा गया है. इन प्रमुख नेताओं के सीधे तौर पर मैदान में उतरने से जिले की चुनावी बिसात पर पार्टी की रणनीति और सामाजिक समीकरणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहन चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
डूंगरपुर में आदिवासी राजनीति का केंद्र और सात सीटों पर सस्पेंस
डूंगरपुर जिले की सियासत में आदिवासी समुदाय और उससे जुड़े जनआंदोलनों का हमेशा से गहरा प्रभाव रहा है. इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद के वार्डों में उम्मीदवारों का चयन आगामी सत्ता संतुलन के लिहाज से काफी निर्णायक माना जा रहा है. 37 में से 30 सीटों पर नामों का ऐलान करके पार्टी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले प्रचार अभियान की शुरुआत में बढ़त हासिल करने का स्पष्ट संकेत दिया है. अब जिले की निगाहें बाकी बची 7 सीटों पर टिकी हैं, जहां उम्मीदवारों के नाम तय होना अभी बाकी है.
प्रचार और जनसंपर्क अभियान में जुटेंगे घोषित उम्मीदवार
जिला परिषद के अधिकांश वार्डों में नाम तय होने के साथ ही संबंधित ग्रामीण इलाकों में चुनावी हलचल तेज होने जा रही है. पार्टी द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद अब प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को लामबंद करने, घर-घर जनसंपर्क साधने और प्रचार की ठोस रूपरेखा तैयार करने में जुटेंगे. जिला अध्यक्ष प्रसून मसार की ओर से सूची जारी किए जाने के बाद अब प्रतिद्वंद्वी दलों की प्रतिक्रिया और बाकी 7 सीटों पर होने वाले अंतिम फैसलों पर सबकी नजरें बनी हुई हैं.



















