त्योहारों के सीजन में ट्रेनों में लगातार बढ़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने जोधपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए एक अस्थाई प्रतीक्षालय का निर्माण किया है, जिससे सफर करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्य प्लेटफॉर्म पर पार्सल कार्यालय के पास एक बड़ा टेंट लगाया गया है जिसके भीतर आरामदायक कुर्सियां व्यवस्थित की गई हैं। इस अस्थाई सुविधा के शुरू होने से लगभग पांच सौ यात्री एक ही समय पर बैठकर अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर सकेंगे।
प्रतीक्षालय में मिलेंगी सभी जरूरी सुविधाएं
इस अस्थाई प्रतीक्षालय के अंदर यात्रियों की बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के अलावा यहां साफ पेयजल और बिजली की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष तौर पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट भी लगाए जा रहे हैं ताकि ट्रेन के आने का इंतजार करते समय किसी भी यात्री को फोन चार्ज करने में कोई परेशानी न उठानी पड़े। त्योहारी सीजन के दौरान अक्सर स्टेशन पर अत्यधिक भीड़भाड़ हो जाती है, जिससे निपटने के लिए रेलवे ने यह अतिरिक्त प्रबंध किए हैं।
रेलवे अधिकारियों ने किया व्यवस्था का निरीक्षण
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने खुद मौके पर पहुंचकर इस नए अस्थाई प्रतीक्षालय का निरीक्षण किया और वहां की गई तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रतीक्षालय में आने वाले यात्रियों की जरूरत के मुताबिक हर संभव बुनियादी सुविधा बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मोबाइल चार्जिंग पॉइंट लगाने के काम को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। इसके अलावा यात्रियों के बैठने के इंतजाम और अन्य सुविधाओं को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के समय सीनियर डीसीएम हितेश यादव समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मंडल रेल प्रबंधक के साथ मौजूद रहे। त्योहारी दिनों में अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी गाड़ियों के तय समय से काफी पहले ही स्टेशन पर पहुंच जाते हैं, ऐसे में यह पांच सौ यात्रियों की क्षमता वाला नया प्रतीक्षालय बेहद मददगार साबित होगा।
भीड़भाड़ से मिलेगी बड़ी राहत
त्योहारों के इन दिनों में जोधपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही में भारी इजाफा दर्ज किया जाता है। कई यात्री ट्रेन छूटने के डर से काफी घंटे पहले ही स्टेशन आ जाते हैं, जिसकी वजह से प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो जाती है। इस अस्थाई प्रतीक्षालय के बन जाने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भटकने या जमीन पर बैठने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। विशेष तौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा बेहद राहतभरी साबित होगी।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
रेलवे प्रशासन ने इस प्रतीक्षालय की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए खास तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों को तैनात किया है। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशों के अनुसार प्रतीक्षालय के भीतर साफ-सफाई, पीने के पानी, रोशनी और बैठने के प्रबंधों को हर समय दुरुस्त रखने को कहा गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारी सीजन की व्यस्तता के बीच भी किसी भी मुसाफिर को स्टेशन पर असुविधा का सामना न करना पड़े।























