राजस्थान के भरतपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। कोडापुरा गांव के पास अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए दबिश देने गई वन विभाग की एक टीम को स्थानीय खनन माफिया ने चारों तरफ से घेर लिया। इस अचानक हुए हिंसक हमले में बदमाशों ने टीम पर जमकर पत्थर बरसाए, जिससे कोट नाके के फॉरेस्टर को गंभीर चोटें लग गईं। फौरन हरकत में आते हुए घायल फॉरेस्टर को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जब्त किए गए कंप्रेसर को ले जाते समय हुआ हमला
वन विभाग के अमले को इलाके में अवैध खनन गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके से एक कंप्रेसर को अपने कब्जे में ले लिया था। जब विभाग के कर्मचारी् जब्त किए गए उस कंप्रेसर को वाहन में लादकर अपने ठिकाने की ओर लौट रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे खनन माफिया ने उनकी गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने सरकारी गाड़ी और कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई और गंभीर रूप से चोटिल फॉरेस्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
इस सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हुआ। घायल वनकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद इलाके में खनन माफिया के बेखौफ अंदाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय पुलिस और वन विभाग के आला अधिकारी मिलकर इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।
प्रतापगढ़ में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
अवैध खनन माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं, इसकी मिसाल हाल ही में प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में भी देखने को मिली थी। वहां 22 सितंबर को अवैध मिट्टी के खनन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के रेंजर प्रताप सिंह को एक डंपर से कुचलकर मार डाला गया था। इस भीषण हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए रेंजर ने अस्पताल ले जाने के बाद दम तोड़ दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया था मामले का स्वतः संज्ञान
रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर हुई हत्या के इस बहुचर्चित मामले को देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद गंभीरता से लिया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार को आधिकारिक रूप से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 अक्टूबर तय की गई थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और्् जब्ती
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कन्हैयालाल को धर दबोचा है। इसके साथ ही, अवैध खनन के इस पूरे कृत्य में इस्तेमाल किए गए डंपर और जेसीबी को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तमाम पहलुओं और इसमें शामिल अन्य चेहरों का भी खुलासा किया जा सके।

















