राजस्थान के सीकर जिले के अंतर्गत आने वाले खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने बेहद रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल की है। कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया ने अपनी प्रतिद्वंद्वी बीजेपी की प्रेम देवी को मात्र एक वोट के अंतर से शिकस्त दी है। चुनाव परिणामों की घोषणा रिटर्निंग अधिकारी कपिल उपाध्याय द्वारा की गई, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया गया। इस परिणाम के आने के साथ ही खाटूश्यामजी के दूसरे नगर पालिका बोर्ड पर भी कांग्रेस का कब्जा हो गया है, जिससे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मतदान की स्थिति और चौंकाने वाले आंकड़े
इस नगर पालिका बोर्ड में कुल 20 वार्ड आते हैं, जिनमें से मतदान प्रक्रिया के दौरान 19 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वार्ड नंबर 10 से पार्षद लक्ष्मी देवी किन्हीं कारणों से अपना वोट नहीं डाल सकीं, जिससे कुल डाले गए वोटों की संख्या 19 ही रह गई। परिणामों के अनुसार कांग्रेस की विनीता पूनिया के पक्ष में कुल 10 वोट पड़े, जबकि बीजेपी की प्रेम देवी को 9 पार्षदों का समर्थन मिला। एक मत के इस बहुत ही कम अंतर से मिली जीत ने खाटूश्यामजी के इस स्थानीय निकाय चुनाव को पूरे राज्य में एक बड़ी राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।
गायब हुई पार्षद और अपहरण का हाई-वोल्टेज ड्रामा
इस पूरे चुनाव की पटकथा 21 सितंबर को मतदान के दिन ही बेहद नाटकीय मोड़ ले चुकी थी। बीस सदस्यों वाली इस नगर पालिका में राजनीतिक गणित पहले से ही बहुत कड़ा था, जहां कांग्रेस और बीजेपी दोनों के पास 8-8 पार्षद थे, जबकि 3 निर्दलीय और 1 पार्षद आरएलपी दल से ताल्लुक रखता था। स्थिति तब पूरी तरह से गरमा गई जब मतदान प्रक्रिया के बीच ही वार्ड नंबर 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गईं। उनके मतदान केंद्र पर न पहुंच पाने और वोट न डाल पाने की स्थिति के चलते प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। इसके तुरंत बाद उनके पति ने स्थानीय पुलिस थाने में पहुंचकर अपनी पत्नी के अपहरण की आशंका जताते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बाद में कार्रवाई करते हुए लक्ष्मी देवी को बरामद करने का दावा किया, लेकिन इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के कारण पूरी चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
हाईकोर्ट का दखल और परिणामों का ऐलान
लापता पार्षद के प्रकरण और चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर उपजे विवाद के बाद यह पूरा मामला राजस्थान हाईकोर्ट की चौखट तक जा पहुंचा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को मतदान संपन्न होने के बाद 25 सितंबर को मतों की गिनती होनी तय थी, लेकिन अदालत के आदेश और उसकी प्रमाणित प्रति समय पर रिटर्निंग अधिकारी तक न पहुंच पाने के कारण परिणामों की घोषणा को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था। आखिरकार तमाम तरह की कानूनी उलझनों, सियासी ड्रामे और पेचीदगियों को पार करते हुए शनिवार को जब सीलबंद मतपेटियों को खोला गया, तो चुनावी तस्वीर साफ हो गई। कुल 19 वैध वोटों की गिनती में 10 वोट कांग्रेस के पाले में गए और 9 वोट बीजेपी को मिले, जिसके बाद कांग्रेस खेमे में जीत का जश्न शुरू हो गया।























