गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसी व्यक्ति का इलाज जब सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, तो परिवार और मरीज के लिए यह किसी नए जीवन से कम नहीं होता। राजस्थान के जालोर जिले के एक श्रद्धालु के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने दिल की गंभीर बीमारी से उबरने के बाद ईश्वर के प्रति अनूठी कृतज्ञता प्रकट की है। अपनी मन्नत पूरी होने पर इस श्रद्धालु ने चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर पहुंचकर भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में सोने से बना एक दिल अर्पित किया। यह अनोखी भेंट पूरे मेवाड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बीमारी के दौरान ली गई मन्नत और सफल ऑपरेशन
जालोर निवासी इस श्रद्धालु को लंबे समय से हृदय से संबंधित गंभीर समस्या थी और डॉक्टर ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी थी। चिकित्सा प्रक्रिया की जटिलता और जोखिम को देखते हुए मरीज ने इलाज शुरू होने से पहले मेवाड़ के विख्यात कृष्णधाम श्री सांवलिया जी के दरबार में मन ही मन प्रार्थना की थी। श्रद्धालु ने यह संकल्प लिया था कि यदि उनकी हार्ट सर्जरी पूरी तरह सफल हो जाती है और उनका स्वास्थ्य फिर से बेहतर हो जाता है, तो वे भगवान के चरणों में सोने का दिल बनाकर चढ़ाएंगे। अस्पताल से छुट्टी मिलने और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद श्रद्धालु ने अपने इसी संकल्प को पूरा करने का निर्णय लिया।
21 ग्राम सोने से निर्मित दिल और 3 लाख की कीमत
भगवान को अर्पित किया गया यह स्पेशल हार्ट मॉडल शुद्ध सोने का उपयोग करके तैयार कराया गया है। इसका कुल वजन 21 ग्राम है। मंदिर प्रशासन और विशेषज्ञों के अनुसार, 21 ग्राम वजनी इस सोने के दिल की अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। श्रद्धालु ने स्वयं मंदिर परिसर में स्थित भेंट कक्ष कार्यालय पहुंचकर इस अनोखी वस्तु को जमा करवाया। मंदिर मंडल के अधिकारियों ने स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भेंट स्वीकार की और दानदाता को इसकी आधिकारिक रसीद प्रदान की।
सामान्य भेंटों से अलग और अनूठी अभिव्यक्ति
प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भक्तों द्वारा सोने-चांदी के मुकुट, आभूषण, हार, छत्र, बर्तन और नकद राशि चढ़ाना बेहद सामान्य बात है। हालांकि, किसी अंग विशेष के आकार में ढला हुआ सोने का मॉडल भेंट करना काफी दुर्लभ माना जाता है। श्रद्धालु ने अपनी उस अंग से जुड़ी बीमारी से मुक्ति पाने की खुशी में सीधे उसी दिल का सोने का ढांचा बनवाकर अर्पित कर दिया, जिसकी वजह से उनकी जान संकट में पड़ी थी। मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के बीच इस अनूठे दान और इसके पीछे छिपी गहरी आस्था की कहानी लगातार सराही जा रही है।
मेवाड़ के सांवलिया जी धाम का धार्मिक महत्व
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित श्री सांवलिया जी मंदिर देश भर के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र है। पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के अनुसार, भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद व्यापारी अपने व्यापार का हिस्सा या श्रद्धालु अपनी इच्छा अनुसार कीमती धातुएं चढ़ाते हैं। जालोर के श्रद्धालु द्वारा अपनी सफल हार्ट सर्जरी के उपरांत सोने का दिल अर्पित करने की यह घटना आस्था, विश्वास और जीवन की रक्षा के लिए धन्यवाद ज्ञापित करने के एक अनुपम प्रतीक के रूप में देखी जा रही है।




















