राजस्थान के बाड़मेर जिले में आयोजित घुड़दौड़ प्रतियोगिता में हरियाणा के चरखी दादरी से पहुंची पांच साल की सिंधी नस्ल की घोड़ी ऐनी इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। आम घोड़ियों से कहीं अधिक 63 इंच से ज्यादा की लंबाई और मजबूत शारीरिक बनावट के कारण ऐनी को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों की भारी भीड़ एकत्र हो रही है। अपनी चौड़ी छाती, आकर्षक शारीरिक सौष्ठव और शाही चाल-ढाल की वजह से यह घोड़ी आयोजन स्थल पर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
शाही खुराक से बनी मजबूत सेहत
घोड़ी के मालिक अरबिंदर सिंह उसकी फिटनेस और दैनिक देखभाल पर विशेष ध्यान देते हैं। ऐनी की इस शानदार कद-काठी के पीछे एक विशेष और पौष्टिक डाइट प्लान की मुख्य भूमिका है। रोजाना साधारण हरे-सूखे चारे के अलावा ऐनी की खुराक में काजू, बादाम, शुद्ध देसी घी, ताजा दूध, चने और ताजे मौसमी फल जैसे सेब व तरबूज शामिल किए जाते हैं। मात्र पांच वर्ष की अल्प आयु में इस तरह की उच्च गुणवत्ता वाली पौष्टिक खुराक के बल पर ऐनी का शरीर अत्यधिक ऊर्जावान और शक्तिशाली दिखाई देता है।
मारवाड़ी घोड़ा 'बुर्ज खलीफा' भी पहुंचा बाड़मेर
चरखी दादरी निवासी अरबिंदर सिंह के पास केवल ऐनी ही नहीं, बल्कि एक अन्य प्रसिद्ध मारवाड़ी नस्ल का घोड़ा भी मौजूद है जिसका नाम बुर्ज खलीफा रखा गया है। इस मारवाड़ी घोड़े का कद 72 इंच है, जो अपनी विशालकाय ऊंचाई के लिए देश भर के घुड़सवारी प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय है। बाड़मेर में ऐनी और बुर्ज खलीफा दोनों को एक साथ देखने और उनके साथ तस्वीरें व वीडियो बनवाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है।
सिंधी नस्ल का महत्व और विशेषताएं
सिंधी नस्ल के घोड़े और घोड़ियां अपनी बेजोड़ ताकत, विशिष्ट बनावट और कठिन से कठिन मौसम तथा विषम परिस्थितियों में सहनशक्ति के लिए जाने जाते हैं। ऐनी इस शुद्ध नस्ल के सभी बेहतरीन गुणों को प्रदर्शित करती है। बाड़मेर में चल रहे इस आयोजन के दौरान ऐनी की रफ्तार और उसकी अनूठी जीवनशैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उचित खानपान और समर्पित देखभाल से पशुओं की शारीरिक क्षमता को नया मुकाम दिया जा सकता है।



















