जीबीपी/जेपीयूडब्ल्यू में तेजी, जापानी येन की रफ्तार सुस्त पड़ने से खरीदारों को मिला सहारामजबूत जॉब्स डेटा के बावजूद डॉलर में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रहीस्कोटियाबैंक ने कहा, अमेरिकी डॉलर की गिरावट फिर शुरू होने से कनाडाई डॉलर उचित मूल्य के करीब पहुंचाअमेरिकी डॉलर में सुस्ती के बीच यूरो में स्थिरता कायमछतरपुर में जहर खाने से विवाहिता की मौत, ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और जहर देकर मारने का आरोपहुमायूं कबीर ने ठोका रेजिनगर में फिर जीत का दावा, 6 अक्टूबर को वोटिंग और 9 को नतीजाफेडरल रिजर्व पर बीएनवाई का बड़ा अनुमान, मजबूत नौकरियों के आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाबगहा में हत्या के आरोपी को तीन साल जेल में रहने के बाद सबूतों के अभाव में कोर्ट ने किया बरीपटना में गंगा-पुनपुन के जलस्तर से हाहाकार, ट्रैक्टर गोदाम डूबा, गांधी सेतु के पास नाव हादसे में दो लापतासोने की मजबूती से राजनीतिक तूफान के बीच भी संभला दक्षिण अफ्रीकी रैंड, टीडी सिक्योरिटीज का बड़ा दांव
जयपुर रेलवे स्टेशन के पास भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का शिकंजा, नीमकाथाना कोर्ट के सरकारी वकील कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते गिरफ्तारराजस्थान
25 जुल॰ 2026, 9:58 am (46 दिन पहले)· 2

जयपुर रेलवे स्टेशन के पास भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का शिकंजा, नीमकाथाना कोर्ट के सरकारी वकील कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते गिरफ्तार

राजस्थान के जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नीमकाथाना कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है।

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नीमकाथाना के एसीजेएम कोर्ट में कार्यरत सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस पूरे ट्रैप को सीकर ब्यूरो की विशेष टीम ने जयपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक गंभीर आपराधिक मामले में सरकारी पैरवी को जानबूझकर कमजोर करने और आरोपी को अदालती कार्यवाही से राहत दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

कमजोर पैरवी के एवज में रिश्वत की मांग

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने इस मामले का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि ब्यूरो के पास एक पीड़ित व्यक्ति ने आकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बेटा फिलहाल नीमकाथाना जेल में बंद है और उसके खिलाफ एक संगठित गिरोह से जुड़े मामले में अदालती सुनवाई चल रही है। इस मुकदमे में सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया था। उसने मुकदमे को कमजोर करने, केस से कुछ अहम कानूनी धाराएं हटवाने और अदालत के सामने प्रभावी ढंग से पक्ष न रखने के बदले मोटी रकम की मांग की थी।

ये भी पढ़ें

सवा तीन लाख रुपये की डील और ट्रैप की कार्रवाई

शुरुआती बातचीत के दौरान आरोपी अधिकारी ने इस गैर-कानूनी काम के लिए 3.25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने मामले का गुपचुप तरीके से सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सही साबित हुई। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आरोपी कौशल सिंह राठौड़ ने रिश्वत की रकम को थोड़ा कम करते हुए अंततः 3 लाख रुपये पर अपनी सहमति दे दी थी। डील पक्की होने के बाद ब्यूरो ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता पैसे लेकर जयपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। वहां जैसे ही कौशल सिंह राठौड़ ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये नकद स्वीकार किए, पहले से घात लगाकर बैठी ब्यूरो की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच और छापेमारी

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आरोपी के पास से रिश्वत के रूप में ली गई 50,000 रुपये की पूरी राशि बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। ब्यूरो की टीम अब आरोपी अधिकारी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पूर्व में भी इस तरह रिश्वत लेकर अदालत के अन्य फैसलों या मुकदमों को प्रभावित किया था या नहीं। इसके अलावा, आरोपी के विभिन्न ठिकानों, उसकी अचल संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है।

सवाल-जवाब

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किसे गिरफ्तार किया है?
नीमकाथाना एसीजेएम कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया गया है।
यह गिरफ्तारी कहां हुई?
यह गिरफ्तारी सीकर ब्यूरो की टीम द्वारा जयपुर रेलवे स्टेशन के पास की गई।
इस डील में रिश्वत की कितनी राशि शामिल थी?
अधिकारी ने शुरुआत में 3.25 लाख रुपये की मांग की थी, जो बातचीत के बाद 3 लाख रुपये तय हुई। उन्हें 50,000 रुपये की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया।
आरोपी अधिकारी ने किस काम के बदले रिश्वत मांगी थी?
उन्होंने एक संगठित गिरोह मामले में जेल में बंद शिकायतकर्ता के बेटे के खिलाफ मुकदमे की पैरवी कमजोर करने और कुछ धाराएं हटवाने के लिए रिश्वत मांगी थी।
आरोपी के खिलाफ किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR