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बिलासपुर में पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदला, बड़े भाई और भाभी ने की छोटे भाई की हत्याहिमाचल प्रदेश
17 सित॰ 2026, 10:23 am (1 दिन पहले)· 2

बिलासपुर में पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदला, बड़े भाई और भाभी ने की छोटे भाई की हत्या

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में आपसी रंजिश के चलते बड़े भाई और उसकी पत्नी ने मिलकर छोटे भाई की हत्या कर दी और शव को झील में फेंक दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चार दिन बाद शव बरामद कर लिया गया है।

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक झकझोर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां आपसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। जिले की झंडूता तहसील के समलेटू गांव में एक व्यक्ति की उसके ही बड़े भाई और भाभी द्वारा हत्या किए जाने का मामला उजागर हुआ है। वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत छिपाने की नीयत से आरोपियों ने शव को पानी में ठिकाने लगा दिया था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद चार दिन बाद ढूंढ निकाला गया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब परिवार के एक अन्य सदस्य ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

झगड़े के दौरान सिर पर पत्थरों से किया गया वार

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के मुताबिक, यह खूनी संघर्ष 11 सितंबर की रात को हुआ था। किसी बात को लेकर मदन लाल का अपने बड़े भाई बिशन दास और भाभी रानो देवी के बीच गंभीर विवाद शुरू हो गया था। हालात इतने बिगड़ गए कि मारपीट की इस घटना के दौरान दोनों आरोपियों ने मिलकर मदन लाल के सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घातक प्रहार के कारण मदन लाल मौके पर ही बेसुध होकर गिर गया और उसकी जान चली गई। घटना के समय वहां कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे जिन्होंने इस भयानक वारदात को अपनी आंखों से देखा।

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झील में फेंका गया शव और गुमशुदगी की रिपोर्ट

क्रूरता की हद पार करते हुए आरोपियों ने हत्या के फौरन बाद साक्ष्य मिटाने की साजिश रची। वे मृत पड़े मदन लाल के शव को घसीटते हुए चांगरू नामक स्थान पर ले गए और उसे पास की झील में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद मृतक के दूसरे भाई रोशन लाल ने झंडूता पुलिस थाने में मदन लाल के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब इस गुमशुदगी की गहराई से पड़ताल शुरू की, तो शिकायतकर्ता रोशन लाल ने 15 सितंबर को पुलिस को उस खूनी रात की पूरी सच्चाई बताई जिसके बाद इस नृशंस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।

फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती बिशन दास (45) और रानो देवी (38) को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और धारा 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बुधवार को एक विशेष फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से अहम साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही गोताखोरों की मदद से झील से मदन लाल के शव को बाहर निकाला गया। बिलासपुर के एसपी अभिषेक धीमान ने मीडिया से बातचीत में इस पूरी घटना की आधिकारिक पुष्टि की है और पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले में हुई?
यह घटना हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की झंडूता तहसील के समलेटू गांव में हुई।
मृतक का क्या नाम था?
मृतक का नाम मदन लाल था।
इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मृतक के बड़े भाई बिशन दास और भाभी रानो देवी को गिरफ्तार किया है।
शव को कहां से बरामद किया गया?
शव को चांगरू नामक स्थान के पास की झील से गोताखोरों की मदद से बरामद किया गया।
पुलिस को इस मामले की जानकारी किसने दी?
मृतक के दूसरे भाई रोशन लाल ने झंडूता पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

पारिवारिक और पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप लेने की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में सामाजिक ताने-बाने और कानूनी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाती हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत त्वरित कार्रवाई, फॉरेंसिक टीम का समयबद्ध इस्तेमाल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करना जांच को मजबूती देता है। हालांकि, अदालत में ट्रायल के दौरान आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए फॉरेंसिक साक्ष्यों की अटूट कड़ी, चश्मदीदों की सुरक्षा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सटीक संयोजन सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

रविकेश की टिप्पणी से आगे बढ़ते हुए, शासन और लोक नीति के दृष्टिकोण से यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विवाद निवारण तंत्र की प्रभावशीलता पर पुनर्विचार की मांग करती है। पारिवारिक या व्यक्तिगत रंजिशें अक्सर प्रशासनिक ढिलाई या समय पर हस्तक्षेप न होने के कारण उग्र रूप ले लेती हैं। केवल अपराध के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना और कानूनी कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि पंचायतों व स्थानीय प्रशासन के स्तर पर कम्युनिटी पुलिसिंग और मध्यस्थता को मजबूत करना आवश्यक है। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए नीतिगत स्तर पर संवाद और पूर्व-हस्तक्षेप की व्यवस्था होनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह मामला घरेलू हिंसा और संपत्ती या आपसी रंजिश के मामलों में पुलिस के शुरुआती अनुसंधान की महत्ता को रेखांकित करता है। गुमशुदगी की रिपोर्ट को केवल औपचारिकता न मानकर यदि इस तरह गहराई से खंगाला जाए, तो कई छुपे हुए अपराधों की परतें खुल सकती हैं। नए भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत यह मामला अदालत में अभियोजन पक्ष के लिए एक कड़ा कानूनी परीक्षण बनेगा, जहाँ फॉरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान सजा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

पारिवारिक विवादों का खूनी संघर्ष में बदलना ग्रामीण समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और कमजोर होती संवादहीनता का गंभीर संकेत है। इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट से लेकर शव की बरामदगी और चार दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी तक की गई पुलिस कार्रवाई सराहनीय है। हालांकि, भारतीय न्याय संहिता के नए प्रावधानों के तहत अभियोजन पक्ष के लिए यह आवश्यक होगा कि वे वैज्ञानिक साक्ष्यों, गोताखोरों द्वारा बरामदगी और चश्मदीद गवाहों के बयानों को अदालत में अकाट्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि इस नृशंस हत्याकांड में दोषियों को सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जा सके और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय मिल सके।

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