हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक झकझोर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां आपसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। जिले की झंडूता तहसील के समलेटू गांव में एक व्यक्ति की उसके ही बड़े भाई और भाभी द्वारा हत्या किए जाने का मामला उजागर हुआ है। वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत छिपाने की नीयत से आरोपियों ने शव को पानी में ठिकाने लगा दिया था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद चार दिन बाद ढूंढ निकाला गया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब परिवार के एक अन्य सदस्य ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
झगड़े के दौरान सिर पर पत्थरों से किया गया वार
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के मुताबिक, यह खूनी संघर्ष 11 सितंबर की रात को हुआ था। किसी बात को लेकर मदन लाल का अपने बड़े भाई बिशन दास और भाभी रानो देवी के बीच गंभीर विवाद शुरू हो गया था। हालात इतने बिगड़ गए कि मारपीट की इस घटना के दौरान दोनों आरोपियों ने मिलकर मदन लाल के सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घातक प्रहार के कारण मदन लाल मौके पर ही बेसुध होकर गिर गया और उसकी जान चली गई। घटना के समय वहां कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे जिन्होंने इस भयानक वारदात को अपनी आंखों से देखा।
झील में फेंका गया शव और गुमशुदगी की रिपोर्ट
क्रूरता की हद पार करते हुए आरोपियों ने हत्या के फौरन बाद साक्ष्य मिटाने की साजिश रची। वे मृत पड़े मदन लाल के शव को घसीटते हुए चांगरू नामक स्थान पर ले गए और उसे पास की झील में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद मृतक के दूसरे भाई रोशन लाल ने झंडूता पुलिस थाने में मदन लाल के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब इस गुमशुदगी की गहराई से पड़ताल शुरू की, तो शिकायतकर्ता रोशन लाल ने 15 सितंबर को पुलिस को उस खूनी रात की पूरी सच्चाई बताई जिसके बाद इस नृशंस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।
फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती बिशन दास (45) और रानो देवी (38) को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और धारा 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बुधवार को एक विशेष फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से अहम साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही गोताखोरों की मदद से झील से मदन लाल के शव को बाहर निकाला गया। बिलासपुर के एसपी अभिषेक धीमान ने मीडिया से बातचीत में इस पूरी घटना की आधिकारिक पुष्टि की है और पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।





















