राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड के अंतर्गत आने वाले देवीपुरा बणी गांव में रविवार को सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने और वहां पक्का निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जगह पर पहले एक बावरिया परिवार कच्चे छप्पर डालकर रह रहा था, लेकिन अब वहां पर बिना किसी कानूनी अनुमति के पक्का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस मामले की शिकायत मिलने पर जब स्थानीय हल्का पटवारी ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य को रोकने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद परिवार की महिलाओं ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया।
अभद्रता और धमकियों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि जब पटवारी निर्माण कार्य रुकवाने के लिए वहां पहुंचे, तो उस समय बावरिया परिवार की महिलाएं उग्र हो गईं। इन महिलाओं पर ग्रामीणों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार करने, उन्हें चप्पल दिखाकर अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरा विवाद पटवारी की मौजूदगी में हुआ, लेकिन इसके बावजूद कार्य को रोकने या माहौल को शांत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है, हालांकि इस वीडियो की प्रामाणिकता अभी तक सिद्ध नहीं हो पाई है।
पुलिस और प्रशासन से गुहार
इस अप्रिय घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों का एक समूह नवलगढ़ डीएसपी कार्यालय पहुंचा और वहां एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से सरकारी भूमि से तुरंत अवैध कब्जा हटाने और निर्माण कार्य में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह परिवार गांव में आए दिन विवाद करता रहता है और विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने इस परिवार पर इलाके में हुई चोरी की हालिया वारदातों में भी संलिप्त होने का संदेह व्यक्त किया है।
प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने अब प्रशासन को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध निर्माण के खिलाफ शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो सोमवार से वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकारी जमीन का संरक्षण करना प्रशासन का दायित्व है और इस मामले में बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और अवैध निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है, जिससे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।













