दीपावली के इस पावन पर्व पर गुलाबी शहर जयपुर का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और परकोटे के भीतर की गलियां किसी दुलहन की तरह सजकर तैयार हैं। देश-विदेश में अपनी अनूठी सजावट के लिए पहचान बना चुके जयपुर के इन ऐतिहासिक बाजारों में रोशनी का ऐसा जाल बिछाया गया है कि आने वाले हर शख्स की नजरें वहीं ठहर जाती हैं। शहर के कुल इक्यावन यानी 51 बाजारों में इस बार मिलकर रोशनी की गई है, जिसकी यह खूबसूरत चमक भैया दूज के पावन पर्व तक लोगों को अपनी तरफ खींचती रहेगी। इस अद्भुत और ऐतिहासिक नजारे को अपनी आंखों से निहारने के लिए केवल देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में सैलानी गुलाबी नगरी पहुंच रहे हैं।
प्रमुख बाजारों में संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम
शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्रों की बात करें तो जौहरी बाजार, चांदपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, किशनपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार और रामगंज बाजार के अलावा चांदी की टकसाल, हवामहल बाजार और गणगौरी बाजार को बेहद भव्य तरीके से सजाया गया है। इन तमाम बाजारों की सजावट में जयपुर की तीन सौ सालों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, देश के प्रति प्रेम और पर्यावरण बचाने के संदेश की साफ झलक देखने को मिलती है। मन को मोह लेने वाली लाइटिंग और बड़े-बड़े भव्य प्रवेश द्वारों ने परकोटे की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे हर आने जाने वाला व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो जाता है।
छोटी चौपड़ पर सजी विशाल राम मंदिर और राम सेतु की झांकी
त्योहार के इस खास मौके पर जयपुर में लगने वाली झांकियां हमेशा से ही लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का बड़ा केंद्र रही हैं। इस बार छोटी चौपड़ पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के साथ-साथ राम सेतु निर्माण की बेहद अनोखी झांकी सजाई गई है, जिसे देखकर दर्शक हैरान रह गए हैं। इस पूरी झांकी में बयालीस यानी 42 फीट चौड़ा और छत्तीस यानी 36 फीट ऊंचा एक विशाल राम मंदिर तैयार किया गया है, जो इसकी भव्यता में चार चांद लगा रहा है। इसके साथ ही राम सेतु के जीवंत दृश्य को भी कलात्मक रूप से उकेरा गया है, जहां समुद्र की लहरें, बड़ी-बड़ी चट्टानें, मनमोहक रोशनी और हिलते-डुलते किरदारों के माध्यम से उस ऐतिहासिक पल को जीवंत कर दिया गया है। इसके अलावा गणगौरी बाजार में हेरिटेज थीम के आधार पर हवा महल और जंतर-मंतर की झांकियां बनाई गई हैं, जबकि चौड़ा रास्ता बाजार में देशभक्ति की थीम पर की गई सजावट भी लोगों का भरपूर मन मोह रही है।
सुरक्षा, पार्किंग और यातायात को लेकर प्रशासन के पुख्ता बंदोबस्त
त्योहार के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और रोशनी के इस जलवे को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और तमाम व्यापार मंडलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बाजारों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देने के साथ-साथ खुले हुए बिजली के तारों को पूरी तरह से कवर किया गया है और पटाखों की दुकानों के पास अग्निशमन सुरक्षा यानी फायर ब्रिगेड एक्शन प्लान का पूरा ख्याल रखा गया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए अलग से पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों को पूरी तरह से वाहन मुक्त रखा गया है। जैसे ही शाम ढलती है और जयपुर के इन बाजारों की बत्तियां जलती हैं, तो यह अलौकिक दृश्य किसी भी देखने वाले के मन में हमेशा के लिए बस जाता है।

















