राजस्थान के कोटा शहर से 7 मई को बिना किसी को बताए अचानक गायब हुई 16 वर्षीय एक नाबालिग बालिका को कोटा पुलिस और मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) ने जयपुर के प्रताप नगर थाना इलाके से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। हफ्तों की मशक्कत, साइबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिरों के नेटवर्क के दम पर चली इस संयुक्त कार्रवाई का आखिरकार सकारात्मक नतीजा निकला और बालिका के परिजनों ने राहत की सांस ली।
7 मई को घर से निकली, कोई सुराग नहीं मिला
बालिका कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 7 मई को वह बिना घर में किसी को कुछ बताए अचानक निकल गई और देर तक लौटी नहीं। परिजनों ने पहले खुद तमाम रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के यहां उसे ढूंढने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लगा। हताश और चिंतित परिवार ने आखिरकार कुन्हाड़ी थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने ₹10,000 का नकद इनाम किया घोषित
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने लापता बालिका की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10,000 रुपये का नकद इनाम देने का ऐलान किया। पुलिस की कई टीमें एक साथ बालिका के संभावित ठिकानों की तलाश में जुटी रहीं, लेकिन शुरुआती दौर में हाथ कुछ नहीं लगा। साइबर सेल से तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र के ज़रिए जांच आगे बढ़ती रही।
AHTU और कुन्हाड़ी पुलिस ने मिलकर बनाई विशेष टीम
कोटा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने एक विशेष संयुक्त दल गठित किया। इस टीम ने साइबर सेल के साथ मिलकर काम किया और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिशें दीं। आखिरकार मुखबिर और तकनीकी इनपुट से यह पुख्ता जानकारी मिली कि लापता बालिका जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम फौरन जयपुर रवाना हो गई और बताए गए स्थान पर छापा मारकर बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
कोटा लाई जा रही है बालिका, CWC के सामने होगी पेशी
जयपुर में सभी ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बालिका को कोटा लाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने उसके परिजनों को उसके सुरक्षित मिलने की खबर दे दी है, जिसके बाद घर में पसरी उदासी खुशी में बदल गई। कोटा पहुंचने के बाद नियमानुसार बालिका की काउंसलिंग कराई जाएगी और उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बालिका खुद घर से निकली थी या इस मामले के पीछे किसी गिरोह का हाथ है।













