राजस्थान के राजसमंद जिले में नाथद्वारा निकाय चुनाव 2026 को लेकर सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। वार्ड 23 से भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रजापत ने खुद मीडिया के सामने आकर अपनी ही पार्टी की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस उम्मीदवार का साथ देने का ऐलान कर दिया है।
उपखंड कार्यालय के बाहर तीन दिन पहले हुआ था हंगामा
यह पूरा विवाद तीन दिन पहले उस वक्त सुर्खियों में आया था जब नाथद्वारा के उपखंड कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए थे। उस दिन दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी, जिसने पूरे इलाके की सियासत गरमा दी थी। उसी घटनाक्रम के बाद अब वार्ड 23 के भाजपा प्रत्याशी का यह नया बयान सामने आया है।
दिनेश प्रजापत बोले, कांग्रेस प्रत्याशी अजय गुर्जर को देंगे साथ
दिनेश प्रजापत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे वार्ड 23 से कांग्रेस उम्मीदवार अजय गुर्जर की मदद करेंगे। उनका कहना है कि पार्टी की तरफ से उनके नाम पर एक-दो नहीं बल्कि पूरे पांच फॉर्म भरवाए गए थे, जबकि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। प्रजापत के मुताबिक उन्होंने कभी यह देखा ही नहीं कि नामांकन का फॉर्म आखिर होता कैसा है, उनसे बस अलग-अलग जगह दस्तखत करवा लिए गए। पाबंदी लगाए जाने पर उन्होंने साफ कह दिया था, "मुझे ऐसा चुनाव नहीं लड़ना।"
भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला
इस पूरे मामले पर राजसमंद भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कांग्रेस को सीधे निशाने पर लिया है। उनका आरोप है कि नाथद्वारा में कांग्रेस के पदाधिकारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ही कुचलने का काम किया है। पालीवाल ने कहा कि वार्ड 23 के भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत को बहला-फुसलाकर, लालच देकर अपने पक्ष में कर लिया गया। पालीवाल ने कहा, "लोकतंत्र की हत्या की गई है।"
तस्वीर और वीडियो को लेकर भी उठे सवाल
जिलाध्यक्ष पालीवाल ने यह भी दावा किया कि जिस जगह भाजपा उम्मीदवार बैठे नजर आए, वहां दीवार पर कांग्रेस नेता की तस्वीर टंगी हुई थी। उनके मुताबिक सामने आए वीडियो में यह भी साफ दिखता है कि भाजपा प्रत्याशी को किस हालात में रखा गया। पालीवाल ने आगे कहा कि जिस दिन से दिनेश प्रजापत ने नामांकन का पर्चा भरा था, उसी दिन से उन पर नजर रखी जा रही थी।
आने वाले दिनों में और तेज होगी सियासी जुबानी जंग
भाजपा उम्मीदवार के इस ऐलान के बाद नाथद्वारा के वार्ड 23 का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया है और स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तीखी होने की उम्मीद है।


















