अलवर निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देते हुए अलवर विजन डॉक्यूमेंट यानी संकल्प पत्र सार्वजनिक कर दिया है। पूर्व सांसद और अलवर चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस विजन डॉक्यूमेंट को जारी किया। इस मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अलवर को एक साफ-सुथरा, स्वस्थ और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है। इस खाके में शहर की आधारभूत जरूरतों से लेकर पेयजल संकट, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, खेलकूद के बुनियादी ढांचे, पर्यटन को बढ़ावा देने, कचरा प्रबंधन प्रणाली और डिजिटल नागरिक सेवाओं तक के तमाम पहलुओं को शामिल किया गया है। रामचरण बोहरा ने जोर देकर कहा कि इन तमाम योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के प्रयास किए जाएंगे ताकि स्थानीय नागरिकों को सीधा फायदा मिल सके।
मुख्यमंत्री का रोड शो और चुनावी हुंकार
निकाय चुनावों के माहौल को गरमाने के लिए पार्टी ने बड़े स्तर पर जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री का अलवर दौरा तय हुआ है, जिसके तहत एक विशाल रोड शो आयोजित किया जाएगा। रामचरण बोहरा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री कल सुबह ठीक 11:30 बजे प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से अपने रोड शो की शुरुआत करेंगे जो मन्नी का बड़ तक पहुंचेगा। इस पूरे मार्ग पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत की तैयारियां की गई हैं। भाजपा का मानना है कि इस आयोजन से चुनावी पलड़ा उनके पक्ष में झुकेगा और विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के जुटने का दावा किया है ताकि शहर के विकास के एजेंडे को प्रमुखता से आगे बढ़ाया जा सके।
स्वच्छता, सीवरेज और पेयजल पर विशेष फोकस
विजन डॉक्यूमेंट के केंद्र में शहर की साफ-सफाई और बुनियादी ढांचा सुधारने की योजनाएं प्रमुखता से हैं। सभी वार्डों में कचरा उठान और सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के साथ-साथ नई ड्रेनेज लाइन, सीवरेज नेटवर्क, सड़कों और नालियों के निर्माण का पूरा रोडमैप पेश किया गया है। इसके अलावा हरियाली बढ़ाने के लिए पार्क विकसित किए जाने की बात कही गई है। अलवर को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना को भी इस दस्तावेज में जगह दी गई है, जिसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां पहले ही मिल चुकी हैं। पेयजल की समस्या से स्थायी रूप से निपटने के लिए राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है। इसके अलावा पच्चीस करोड़ रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य का कार्यादेश 17 अगस्त 2026 को जारी किया जा चुका है और इस पर काम तेजी से चल रहा है।
स्वास्थ्य, परिवहन और रेलवे स्टेशन का कायाकल्प
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से साठ करोड़ रुपये की लागत से एक नए बस स्टैंड के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही सड़क सुरक्षा के नियमों को कड़ाई से लागू करने, ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुधारने और पार्किंग की किल्लत दूर करने के दावे किए गए हैं। रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य पर एक सौ ग्यारह करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है, जिससे स्टेशन का रूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर बच्चों के इलाज के लिए आठ करोड़ रुपये की लागत से एक नए शिशु चिकित्सालय का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। खेल प्रेमियों के लिए इंदिरा गांधी स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण कार्य जारी है जिसे अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
पर्यटन विकास और डिजिटल नागरिक सेवाएं
अलवर की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पटल पर उभारने के लिए बाला किला, सिटी पैलेस, सागर और पुराने शहर के हेरिटेज जोन में हेरिटेज वॉक शुरू करने की योजना है। आम जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे और हर वार्ड में नागरिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। भाजपा ने वादा किया है कि पार्टी के पार्षद नियमित तौर पर अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करवाएंगे। रामचरण बोहरा ने विश्वास जताया कि यह समग्र विकास का एजेंडा पार्टी को निकाय चुनावों में भारी सफलता दिलाएगा।
सफाईकर्मियों की रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा बयान
दूसरी तरफ, वर्ष 2012 से अटके पड़े 329 सफाईकर्मियों के भर्ती मामले को लेकर अलवर शहर विधायक और वन मंत्री संजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबे वक्त से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने साल 2019 में अभ्यर्थियों के हक में फैसला सुनाते हुए नगर निगम को निर्देश दिए थे कि सभी आवेदनों की नए सिरे से जांच करके पात्र लोगों को नियमानुसार नौकरियां दी जाएं, हालांकि इसके बावजूद प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पाई थी।
विधानसभा से लेकर शासन स्तर तक पैरवी
संजय शर्मा ने इस संवेदनशील मुद्दे को विधानसभा के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को आधिकारिक पत्र लिखकर इस भर्ती प्रक्रिया को तत्काल गति देने की मांग की थी। इसके बाद स्थानीय निकाय विभाग यानी DLB हरकत में आया और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश जारी हुए। शर्मा ने जानकारी दी कि साल 2025 में नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की बात सामने आई और आचार संहिता हटते ही पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद है।




















