राजस्थान के बांसवाड़ा शहर में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले वार्ड क्रमांक 24 से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद प्रत्याशी मयंक जैन ने एक ऐसा तरीका अपनाया है जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। ज्यादातर प्रत्याशी अब भी रैलियों, बैठकों और पारंपरिक जनसंपर्क के सहारे वोट मांग रहे हैं, लेकिन मयंक जैन घर-घर जाकर मतदाताओं को ऐसे पर्चे बांट रहे हैं जिन पर एक खास समस्या समाधान क्यूआर कोड छपा हुआ है। पर्चा हाथ में आते ही मतदाता सीधे कोड स्कैन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रत्याशी का दावा है कि बांसवाड़ा के कुल 60 वार्डों में इस तरह की डिजिटल पहल शुरू करने वाले वे पहले उम्मीदवार हैं।
कैसे काम करता है यह क्यूआर कोड सिस्टम
इस पूरी व्यवस्था के पीछे सोच बेहद आसान है। वार्ड का कोई भी नागरिक अपने स्मार्टफोन से पर्चे पर छपा क्यूआर कोड स्कैन करता है। स्कैन करते ही मोबाइल स्क्रीन पर एक डिजिटल फॉर्म खुल जाता है, जिसमें नागरिक को अपना नाम, मोबाइल नंबर और समस्या का पूरा ब्योरा भरना होता है। इतना ही नहीं, अगर समस्या सड़क, पानी, बिजली या सफाई से जुड़ी है तो उससे संबंधित फोटो या वीडियो भी उसी फॉर्म में सीधे अपलोड किया जा सकता है। मयंक जैन के मुताबिक, फॉर्म भरते ही शिकायत उनके निजी डैशबोर्ड पर पहुंच जाएगी, जिसे वे खुद देखेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि हर शिकायत का समाधान 48 घंटे के भीतर करने की पूरी कोशिश की जाएगी, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया से मिली प्रेरणा
मयंक जैन का कहना है कि यह पूरा आइडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से निकला है। उनका तर्क है कि जब बैंकिंग से लेकर सरकारी दफ्तरों तक हर काम तकनीक के जरिए आसान हो चुका है, तो वार्ड की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उसी तकनीक का इस्तेमाल क्यों न किया जाए। उनके मुताबिक इससे दो फायदे होंगे, पहला यह कि शिकायत दर्ज कराने और उसे सुलझाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, और दूसरा यह कि पूरी प्रक्रिया डैशबोर्ड पर दर्ज रहने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी। यानी किसी नागरिक की शिकायत कब आई और उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद रहेगा।
जीत के बाद हर गली में लगेंगी स्थायी क्यूआर कोड प्लेटें
मयंक जैन ने साफ किया है कि यह सिस्टम सिर्फ चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने घोषणा की है कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो वार्ड की हर गली, हर मोहल्ले और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी क्यूआर कोड प्लेटें लगवाई जाएंगी, ताकि किसी भी नागरिक को जरूरत पड़ने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिल सके। इसके अलावा उन्होंने वार्डवासियों की सुविधा के लिए एक अलग जनसुनवाई कार्यालय की शुरुआत भी कर दी है। जैन ने वादा किया है कि यह कार्यालय उनके पांच साल के पूरे कार्यकाल के दौरान लगातार जनता के लिए खुला रहेगा, यानी चुनाव जीतने या हारने की परवाह किए बिना यह सुविधा वार्ड में मौजूद रहेगी।
वार्डवासियों में उत्साह, बताया सराहनीय कदम
पार्षद प्रत्याशी की इस डिजिटल पहल से वार्ड के मतदाता खासे प्रभावित नजर आ रहे हैं। वार्ड के स्थानीय निवासी राहुल राठौड़ ने कहा, तकनीक के जरिए समस्याओं का जल्दी समाधान होना वाकई सराहनीय है। उनका मानना है कि इस तरह की व्यवस्था जनता और जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी कम करती है और दोनों के बीच एक सीधा व पारदर्शी संवाद बनाती है। फिलहाल मयंक जैन का यह डिजिटल प्रचार मॉडल बांसवाड़ा के राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा और उत्सुकता का विषय बना हुआ है।


















