राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों ने अब पूरी तरह सियासी रंग ले लिया है। सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस, दोनों ही मैदान में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधा निशाना साधा है और कहा है कि जनता के गुस्से की वजह से ही उन्हें खुद रोड शो करने पड़ रहे हैं।
गहलोत बोले, घबराहट में बुलाए जा रहे बाहरी नेता
गहलोत का कहना है कि यह नौबत ही नहीं आनी चाहिए थी कि स्थानीय स्वशासन, नगर परिषद या नगर निगम जैसे छोटे चुनावों के लिए खुद मुख्यमंत्री को मैदान में उतरना पड़े। उनके मुताबिक ये चुनाव आमतौर पर इतने बड़े स्तर पर नहीं लड़े जाते। गहलोत ने इसे सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी बताया और कहा कि यही पिछले ढाई साल के कामकाज की असली तस्वीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि घबराहट में सरकार दिल्ली, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से मंत्रियों और नेताओं को बुलाकर प्रचार में उतार रही है। गहलोत ने कहा, "उन्हें एहसास है कि जनता बहुत नाराज है।" उनके मुताबिक बाहर से बुलाए गए ये नेता असल में लोगों का गुस्सा शांत करने और उन्हें गुमराह करने के लिए आ रहे हैं। गहलोत ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी यह चुनाव हार जाती है तो शायद पार्टी को असली हालात का एहसास हो, और तभी उसका हाई कमान, निचले स्तर के नेता और तथाकथित 'डबल इंजन' सरकार भी जमीनी सच्चाई समझ पाएगी।
टूटी सड़कें, अटके पट्टे और भ्रष्टाचार के आरोप
गहलोत ने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल के बाद अब सरकार को जनता की नाराजगी की चिंता सताने लगी है और यही घबराहट रोड शो की शक्ल में सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के शहरों में सड़कें टूटी पड़ी हैं, सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है और जमीन पर कोई ठोस विकास कार्य नहीं हो रहा। इसके अलावा गहलोत ने भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार ने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उनका दावा है कि अगर निकाय चुनावों में बीजेपी को झटका लगता है, तो सरकार को मजबूरन सड़कें दुरुस्त करनी पड़ेंगी, लंबित पट्टे बांटने पड़ेंगे और रुके हुए विकास कार्य आगे बढ़ाने पड़ेंगे।
सीएम शर्मा का कई शहरों में रोड शो
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अजमेर में बीजेपी उम्मीदवारों के समर्थन में रोड शो किया। इससे एक दिन पहले, शनिवार को उन्होंने उदयपुर और भीलवाड़ा में भी रोड शो किए थे और लोगों से हर वार्ड में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की अपील की थी। शर्मा का कहना है कि निकाय चुनावों में बीजेपी की मजबूत जीत से राज्य के शहरों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। गहलोत और शर्मा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर ऐसे समय हो रहा है जब मतगणना नजदीक है, और इन निकाय चुनावों के नतीजों को राजस्थान की बड़ी सियासी लड़ाइयों से पहले जनता के मूड की परख के तौर पर देखा जा रहा है।


















