राजस्थान के झालावाड़ जिले में मौसम फिर करवट लेने जा रहा है और इसका सीधा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाला है. मौसम विभाग ने आगामी कल जिले में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला जिला कलक्टर के निर्देश पर लिया गया है.
निर्णय के मुताबिक जिला कलक्टर के निर्देशानुसार मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी यानी सीडीईओ ने औपचारिक आदेश जारी किया, जिसका मकसद खराब मौसम के दौरान बच्चों को किसी भी तरह के हादसे से बचाना है.
किन स्कूलों और कक्षाओं पर लागू होगा यह अवकाश
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक यह छुट्टी जिले के हर सरकारी और हर निजी स्कूल पर समान रूप से लागू रहेगी. पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाला कोई भी विद्यार्थी कल स्कूल नहीं जाएगा. पिछले कई दिनों से जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और अब मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सड़कों पर जलभराव या किसी अनहोनी में बच्चे न फंसें.
शिक्षकों और स्टाफ के लिए कोई राहत नहीं
छात्रों को भले ही घर पर रहने की छूट मिली हो, लेकिन आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि यह छूट शिक्षकों और बाकी स्टाफ पर लागू नहीं होगी. हर स्कूल के अध्यापक, प्रधानाचार्य और प्रशासनिक कर्मचारी को तय समय पर अपने स्कूल पहुंचना ही होगा. इसके पीछे सोच यह है कि अगर बारिश से स्कूल भवन या परिसर को किसी तरह का नुकसान होता है या कोई आपात स्थिति बनती है, तो स्टाफ तुरंत मौके पर मौजूद रहकर उसका जायजा ले सके और राहत कार्य में हाथ बंटा सके.
कलक्टर के अलर्ट पर हरकत में आया पूरा तंत्र
मौसम विभाग की चेतावनी सामने आते ही जिला कलक्टर ने इसे गंभीरता से लिया और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए. इन्हीं निर्देशों के आधार पर सीडीईओ ने बिना देरी किए स्कूलों के लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया. इस आदेश की प्रतियां तुरंत सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और जिले के हर संबंधित स्कूल तक भेज दी गई हैं, ताकि निर्देशों का पालन सख्ती से हो और कहीं कोई भ्रम की स्थिति न बने.
अभिभावकों को दी गई खास सलाह
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे अपने बच्चों को जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास बिल्कुल न जाने दें, क्योंकि तेज बारिश में ऐसी जगहें खतरनाक साबित हो सकती हैं.
कुल मिलाकर झालावाड़ जिला प्रशासन इस समय पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है और भारी बारिश के संभावित खतरे से निपटने के लिए हर जरूरी इंतजाम किया जा रहा है. समय रहते उठाया गया यह कदम न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर कितना संवेदनशील है.



















