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निफ्ट जोधपुर में खादी सेवा संकल्प महोत्सव, बाड़मेर के बुनकर ने दिखाया चरखा चलाने का हुनरराजस्थान
16 अक्तू॰ 2026, 9:40 am (2 घंटे पहले)· 0

निफ्ट जोधपुर में खादी सेवा संकल्प महोत्सव, बाड़मेर के बुनकर ने दिखाया चरखा चलाने का हुनर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी जोधपुर में खादी सेवा संकल्प महोत्सव-2026 का आयोजन हुआ, जिसमें बाड़मेर के बुनकरों ने छात्रों को चरखे से सूत कातने की कला सिखाई।

देश की गौरवशाली वस्त्र परंपरा और स्वदेशी कारीगरी से युवा पीढ़ी का परिचय कराने के उद्देश्य से जोधपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी में एक विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य केंद्र पारंपरिक हथकरघा संस्कृति और आधुनिक फैशन के बीच की दूरी को पाटना था, ताकि छात्र जमीनी स्तर पर कारीगरों के अनुभवों से सीख सकें। इस अवसर पर देश के दस्तकारों की मेहनत को नजदीक से जानने का मौका मिला और आधुनिक दौर में स्वदेशी वस्त्रों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

बाड़मेर के बुनकर का लाइव प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान सबसे खास पल तब आया जब बाड़मेर से पहुंचे मंझे हुए बुनकर भुराराम ने मंच पर लाइव चरखा चलाकर दिखाया। उन्होंने कच्चे सूत से मजबूत धागा तैयार करने की पूरी तकनीक को बेहद बारीकी से समझाया। आधुनिक मशीनों की चकाचौंध से दूर युवा विद्यार्थियों के लिए हाथ से धागा बनाने की यह पारंपरिक प्रक्रिया किसी अछूते अनुभव से कम नहीं थी। इस जीवंत प्रदर्शन के जरिए छात्र यह समझ पाए कि एक अदद खादी वस्त्र के पीछे कितनी मेहनत, एकाग्रता और पीढ़ियों का हुनर छिपा होता है।

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युवा डिजाइनरों के लिए प्रेरणा

निफ्ट जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर जीएचएस प्रसाद ने इस संबंध में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक आयोजनों से छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ भी मिलती है। उन्होंने बताया कि जब युवा डिजाइनर धागा बनने से लेकर कपड़ा तैयार होने तक की प्रक्रिया को अपनी आंखों से देखते हैं, तो वे इसके प्राकृतिक गुणों को बेहतर ढंग से पहचान पाते हैं। इस तरह के आयोजनों से फैशन और टेक्सटाइल के छात्र भविष्य के प्रोजेक्ट्स में खादी को नए और आकर्षक रूप में ढालने के लिए प्रेरित होते हैं।

प्रतियोगिताओं और सम्मान का दौर

इस महोत्सव के तहत केवल प्रदर्शन तक ही चीजें सीमित नहीं रहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों और खादी के प्रचार को लेकर कई रोचक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया था। इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया ताकि उनमें भारतीय पारंपरिक कला के प्रति रुझान बढ़े। इस पूरे आयोजन का अंततः उद्देश्य यही था कि स्थानीय कारीगरों के कौशल को सहेजा जाए और आधुनिक फैशन जगत में खादी को उसकी असली पहचान दिलाई जा सके।

सवाल-जवाब

खादी सेवा संकल्प महोत्सव का आयोजन कहां किया गया?
इस महोत्सव का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी यानी निफ्ट जोधपुर में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लाइव प्रदर्शन किसने किया?
बाड़मेर से आए कुशल बुनकर भुराराम ने छात्रों के सामने चरखा चलाने का लाइव प्रदर्शन किया।
निफ्ट जोधपुर के निदेशक कौन हैं?
प्रोफेसर जीएचएस प्रसाद निफ्ट जोधपुर के निदेशक हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय पारंपरिक वस्त्रों और स्थानीय कारीगरों के हुनर से जोड़ना था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·33 मिनट पहले

निफ्ट के बच्चों को मशीनों से हटाकर असली चरखा और सूत कातने का हुनर दिखाना बढ़िया लगा। बाड़मेर के भुराराम जी ने जिस तरह हाथ से धागा बनाना सिखाया, उससे युवा डिजाइनरों को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिला होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·59 मिनट पहले

बाड़मेर के भुराराम जी का चरखा चलाना देखकर अच्छा लगा, आज की पीढ़ी को पता तो चलना चाहिए कि धागा कैसे बनता है।

Ravikash Gupta@ravikash·59 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है पर सिर्फ चरखा दिखाने से क्या सच में आज के युवा इस ट्रेडिशनल काम को अपनाएंगे? मुझे तो शक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

चरखा चलाना अच्छी बात है, पर आज के फैशन के दौर में क्या युवा इसे रोज़ाना पहनेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करन जी, रोज़ पहनने की बात नहीं है, यूपी के हथकरघा मेलों में भी देखा है कि जब युवा ऐसी कारीगरी खुद पास से देखते हैं, तो उनका नज़रिया बदल जाता है।

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