राजस्थान के मेवाड़ अंचल में स्थित सुप्रसिद्ध लोक-आस्था केंद्र श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक विशाल स्वरूप देखने को मिला है। मंडफिया स्थित भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में इस महीने भक्तों की तरफ से अर्पित किए गए चढ़ावे की जब विधिवत गणना की गई, तो कुल राशि 31 करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर गई। देश के विभिन्न हिस्सों से अपनी मनोकामनाएं लेकर आने वाले भक्तों ने मन्नत पूरी होने पर नकदी के अलावा भारी मात्रा में स्वर्ण और रजत धातुएं भी भगवान के चरणों में समर्पित की हैं। हर महीने होने वाली इस गणना के परिणामों ने एक बार फिर मंदिर की ख्याति और श्रद्धालुओं के समर्पण को उजागर किया है।
पांच चरणों में पूरी हुई दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था के बीच गिनती
मंडफिया स्थित मंदिर परिसर में परंपरा के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान का मुख्य भंडार यानी दानपेटी खोली गई थी। दानपात्रों से निकली भारी भरकम नकदी को गिनने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। पूरी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा घेरे में संपन्न कराया गया, जिसमें कुल पांच चरणों में नोटों की गिनती पूरी की गई। केवल मंदिर के भंडार से ही 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार 818 रुपये की नकदी प्राप्त हुई। इस गणना के अंतिम और पांचवें चरण में अकेले 44 लाख 22 हजार 718 रुपये की रकम गिनी गई, जिसके बाद भंडार से प्राप्त कुल नकदी का अंतिम आंकड़ा आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया।
डिजिटल माध्यम और मनीऑर्डर से भी उमड़ा भक्तों का दान
भगवान सांवलिया सेठ के प्रति समर्पण केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जो भक्त प्रत्यक्ष रूप से मंडफिया नहीं पहुंच सके, उन्होंने आधुनिक माध्यमों का उपयोग किया। मंदिर कार्यालय के अनुसार भक्तों ने ऑनलाइन ट्रांसफर और डाक मनीऑर्डर के जरिए भी खुले दिल से आर्थिक सहयोग भेजा। इस मद से मंदिर को कुल 7 करोड़ 59 लाख 47 हजार 311 रुपये की सहयोग राशि प्राप्त हुई। भंडार से निकली नकदी और ऑनलाइन माध्यमों से आई इस रकम को मिलाकर इस बार कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये दर्ज किया गया, जो अपने आप में एक बड़ा वित्तीय आंकड़ा है।
श्रद्धालुओं ने अर्पित किए 92 किलो चांदी और 930 ग्राम सोना
सांवलिया सेठ के दरबार में नकदी के अलावा कीमती धातुओं को भेंट करने की परंपरा काफी पुरानी और विशिष्ट रही है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के मुताबिक, श्रद्धालुओं ने इस बार कुल 930 ग्राम 100 मिलीग्राम सोना भगवान के चरणों में चढ़ाया है। इसके साथ ही चांदी का चढ़ावा भी अत्यधिक रहा, जिसमें कुल 92 किलो 242 ग्राम 320 मिलीग्राम चांदी प्राप्त हुई। यह कीमती धातुएं भक्तों द्वारा सीधे भंडार में डाली गई थीं या फिर मंदिर के कार्यालय में विधिवत रसीद कटवाकर भेंट की गई थीं। राजस्थान सहित मध्य प्रदेश, गुजरात और देशभर के श्रद्धालु हर महीने खुलने वाले इस भंडार की गणना पर उत्सुकता से नजर बनाए रखते हैं।
















