पाली में त्योहार के इस सीजन में एक खास और मानवीय पहल देखने को मिल रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। रोटरी क्लब पाली और रोटरेक्ट क्लब ऑफ इग्नाइटेड की ओर से इस बार त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए एक विशेष बाजार सजाया गया है। बढ़ती कीमतों के इस दौर में जब आम आदमी के लिए त्योहार मनाना मुश्किल होता जा रहा है, तब इस संस्था की यह कोशिश जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बापू नगर स्थित रोटरी क्लब परिसर में चल रहे इस अनूठे अभियान का नाम 'हर घर दिवाली 4.0' रखा गया है, जिसके तहत स्थानीय लोगों को बेहद किफायती दामों पर जरूरत का सारा सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
महंगाई के दौर में मात्र 10 से 20 रुपये में मिल रहा सामान
इस अनूठी सेल की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ तय की गई बेहद कम कीमतें हैं, जहाँ सामान मात्र 10 से 20 रुपये में बेचा जा रहा है। इस बाजार में कपड़े, बर्तन, जूते-चप्पल, घरेलू उपयोग की चीजें, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर सजाने की सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं, जो देखने में बिल्कुल नए जैसी और सुंदर हैं। रोटरी क्लब पाली का यह चौथा ऐसा सफल आयोजन है, जो बापू नगर स्थित भवन में लगाया गया है। कम कीमत में सारी चीजें एक ही छत के नीचे मिलने की वजह से सुबह से ही इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं और अपनी जरूरत का सामान खरीद रहे हैं।
युवाओं की मेहनत और निस्वार्थ सेवा भाव
इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं ने काफी मेहनत की है। रोटरेक्ट क्लब ऑफ इग्नाइटेड से जुड़े युवाओं ने अपनी खुद की छुट्टियों और त्योहार की तैयारियों से पहले उन गरीब परिवारों के बारे में सोचा जिनके पास संसाधन सीमित हैं। जब पूरा शहर बाजारों में खरीदारी में व्यस्त था, तब ये युवा शहरभर के घरों में जाकर अतिरिक्त और उपयोगी सामान, कपड़े तथा बर्तन इकट्ठा कर रहे थे। युवाओं की इस सोच और मेहनत ने समाज में आपसी सहयोग की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है, जिसकी सराहना हर कोई कर रहा है।
जरूरतमंदों के घरों में जगी खुशियों की चमक
इस सेल का लाभ उठाने के लिए पाली शहर के साथ-साथ आसपास के गाँवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं। कम दाम में अपनी पसंद का सामान पाकर इन परिवारों के चेहरों की खुशी देखते ही बनती है। जिन लोगों के पास महँगा सामान खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, वे यहाँ से जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस पहल ने न सिर्फ गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम किया है, बल्कि उनके जीवन में त्योहारी उमंग को भी फिर से जीवित कर दिया है।
























