नारकोटिक्स नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने छह वर्ष से चकमा दे रहे 75 हजार रुपये के इनामी नशा तस्कर सोहनलाल विश्नोई को भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित बिहार के रक्सौल से हिरासत में ले लिया है। बालोतरा का मूल निवासी यह आरोपी राजस्थान पुलिस की सर्वाधिक वांछित नार्को-25 सूची में शामिल था। टास्क फोर्स ने यह पूरी कार्रवाई अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन विषनहस’ के तहत अंजाम दी है।
भारत-नेपाल सीमा पर विशेष अभियान से मिली कामयाबी
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी का विवरण साझा करते हुए टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय और लंबे समय से बच रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार सुनियोजित कार्रवाई की जा रही है। सोहनलाल की गिरफ्तारी भी इसी निरंतर अभियान का परिणाम है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने राजस्थान के शीर्ष 25 नशा तस्करों को चिन्हित करके यह सूची तैयार की थी, जिसमें ऐसे अपराधियों को रखा जाता है जिनकी तलाश सबसे गहन स्तर पर की जा रही होती है।
सोहनलाल पिछले छह साल से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और उस पर कानून व्यवस्था की ओर से 75 हजार रुपये का नकद पुरस्कार रखा गया था। टास्क फोर्स को जब उसकी गतिविधि की गुप्त सूचना प्राप्त हुई, तो टीम ने फौरन ‘ऑपरेशन विषनहस’ को सक्रिय किया। बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल में जाल बिछाकर सुरक्षा दस्ते ने उसे सफलतापूर्वक अपनी गिरफ्त में ले लिया।
शराब के अवैध कारोबार से शुरू होकर डोडा-चूरा नेटवर्क तक का सफर
जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, बालोतरा निवासी सोहनलाल विश्नोई ने शुरुआत में अवैध शराब की तस्करी के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखा था। समय बीतने के साथ वह अधिक मुनाफे वाले डोडा-चूरा के काले कारोबार में उतर गया। उसने अपनी गतिविधियों का दायरा केवल गृह राज्य तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश और पंजाब में भी अपने तस्करी नेटवर्क को फैला दिया था।
कई राज्यों में फैले इस गिरोह के तार जोड़ने और मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के दृष्टिकोण से जांच अधिकारी इस गिरफ्तारी को अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहे हैं। हालांकि, इस धरपकड़ के तत्काल बाद उसके व्यापक तंत्र में शामिल अन्य सहयोगियों के संदर्भ में विस्तृत तथ्य अभी आधिकारिक तौर पर सामने आने शेष हैं।
टास्क फोर्स के अभियान में अब तक 103 तस्कर गिरफ्तार
नशे के संगठित अपराध पर प्रहार करने के उद्देश्य से गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अपने अभियान के तहत अब तक कुल 103 बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इस विशेष दस्ते का मुख्य एजेंडा वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात सरगनाओं को कानून के दायरे में लाना है।
सोहनलाल विश्नोई जैसे 75 हजार रुपये के इनामी और छह साल से अदालती प्रक्रिया से दूर भाग रहे अपराधी की गिरफ्तारी इस रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है। रक्सौल में संपन्न हुए ‘ऑपरेशन विषनहस’ के उपरांत, अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान सोहनलाल से पूछताछ कर उसके अंतरराज्यीय सिंडिकेट के अन्य संपर्कों और वित्तीय कड़ियों को उजागर करने पर केंद्रित रहेगा।


















