त्योहारों के दिनों में घर आए मेहमानों और परिजनों को पारंपरिक मिठाइयों के साथ कुछ नमकीन और हल्का परोसना हमेशा एक चुनौती भरा काम रहता है। दिवाली के पावन अवसर पर नाश्ते की मेज को खास बनाने के लिए पालक इडली एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प साबित हो सकती है। राजस्थान के धौलपुर की रहने वाली गृहणी प्रभा शर्मा के अनुसार, यह व्यंजन न केवल स्वाद में लाजवाब होता है बल्कि बेहद कम समय में झटपट तैयार भी हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पकाने के लिए किसी दुर्लभ सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती और रसोई में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों से ही इसे आसानी से बनाया जा सकता है। बच्चों से लेकर घर के बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के लोग इसे खूब चाव से खाते हैं।
सफाई और पालक प्यूरी की तैयारी
प्रभा शर्मा बताती हैं कि इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने की शुरुआत हरी पत्तेदार सब्जी की उचित देखभाल से होती है। बाजार से खरीदी गई ताजी पालक की पत्तियों पर अकसर काफी मिट्टी, धूल और गंदगी जमी होती है। इसलिए सबसे पहले पालक को खुले और साफ पानी से कई बार अच्छी तरह धोना अनिवार्य है ताकि उसमें मौजूद किसी भी प्रकार का मैल निकल जाए। पत्तों के साफ हो जाने के बाद उन्हें चाकू की मदद से बारीक काट लें। इसके बाद कटी हुई पालक को मिक्सी के जार में डालकर एकदम महीन पीस लें। जब पालक का चिकना पेस्ट तैयार हो जाए, तो इसे निकालकर एक बड़े कटोरे में सुरक्षित रख लें।
सूजी, दही और मसालों का घोल तैयार करने की विधि
इडली का आधार तैयार करने के लिए एक बर्तन में सूजी लें और उसे छलनी से अच्छी तरह छान लें। सूजी को छानने से उसमें मौजूद अवांछित कण या किसी भी प्रकार की गंदगी आसानी से बाहर निकल जाती है और बैटर हल्का बनता है। दूसरे बर्तन में ताजे दही को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि उसकी गांठें पूरी तरह खत्म न हो जाएं। अब इस चिकने दही को छानी हुई सूजी में डाल दें और दोनों को मिला लें। इस मिश्रण में पहले से तैयार पालक की प्यूरी मिला दें और चम्मच की सहायता से एकसार कर लें।
इसके बाद मिश्रण में थोड़ा-सा बेकिंग सोडा डालें, जिससे इडली भाप में अच्छी तरह फूल सके। स्वाद को और अधिक चटपटा तथा कुरकुरा बनाने के लिए प्याज, ताजी हरी मिर्च और हरी धनिया की पत्तियों को बारीक काट लें। इन सभी कटी हुई सब्जियों को पालक, सूजी और दही के घोल में डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस तरह पालक इडली का गाढ़ा और संतुलित मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाता है।
भाप में पकाने की तकनीक और समय
घोल तैयार हो जाने के बाद इडली स्टैंड को उपयोग के लिए तैयार करें। इडली के सांचों में हल्का-सा सरसों का तेल लगा लें, ताकि भाप में पकने के बाद इडली बिना चिपके या टूटे सांचे से आसानी से बाहर आ सके। अब एक बड़े चम्मच की मदद से तैयार बैटर को सांचों में जरूरत के अनुसार भर दें। इडली स्टैंड के निचले बर्तन में आवश्यकतानुसार साफ पानी डालें और उसे मध्यम आंच पर गैस पर चढ़ा दें।
सांचों को स्टैंड में व्यवस्थित करके ढक्कन बंद कर दें और इडली को भाप में लगभग 5 से 10 मिनट तक पकने दें। निर्धारित समय पूरा होने के बाद गैस बंद कर दें और सांचों को थोड़ा ठंडा होने के बाद खोलें। गरमा-गरम, मुलायम और हरी-भरी पालक इडली परोसने के लिए तैयार है।
नाश्ते और स्कूल टिफिन के लिए उत्तम विकल्प
प्रभा शर्मा के मुताबिक, पालक और सूजी के अनोखे संगम से बनी यह इडली सुबह के वक्त एक संपूर्ण नाश्ता बनती है। यह रोजमर्रा के सामान्य नाश्ते की तुलना में एक नया और ताजा स्वाद प्रदान करती है। दिवाली के पावन पर्व पर घर आने वाले रिश्तेदारों और मेहमानों के सामने इसे पेश करके आप पारंपरिक पकवानों के बीच एक स्वादिष्ट बदलाव ला सकते हैं। इसके अलावा, जो बच्चे हरी सब्जियां खाने से कतराते हैं, उनके स्कूल टिफिन के लिए भी यह एक उत्तम और पौष्टिक भोजन साबित होती है।
























