राजस्थान में ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र उत्थान के लिए विस्तृत खाका तैयार किया गया। इस योजना में पंचायती राज, ग्रामीण विकास, कृषि तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग की प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य 'वीबी-जी राम जी' योजना के जरिए राजस्थान को देश भर में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत गांवों में पक्की सड़कों के निर्माण, युवाओं को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र और खेल के मैदान
ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध तरीके से 'अटल ज्ञान केंद्र' खोले जाएंगे। इन केंद्रों में आधुनिक पुस्तकालयों के साथ-साथ ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी नवीनतम अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, यहां युवाओं को करियर परामर्श, व्यावसायिक प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा सेवाओं की जानकारी और सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। युवाओं के शारीरिक विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान भी तैयार किए जाएंगे।
ग्रामीण सड़कों का विस्तार और अटल प्रगति पथ
गांवों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के अंतर्गत कुल 3,219 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण करने की मंजूरी दी गई है। इनमें से 1,500 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण का कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, जिन ग्रामीण क्षेत्रों अथवा गांवों की आबादी 5 हजार से अधिक है, वहां 'अटल प्रगति पथ' योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गांवों में सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण निवासियों की पहुंच स्थानीय स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और मुख्य बाजारों तक बेहद आसान हो सकेगी।
कृषि कल्याण और किसानों के लिए राहत पैकेज
कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने और किसानों की आमदनी में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय रियायतों का प्रावधान किया है। चालू वर्ष में 50 हजार कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से खेतों में 18 हजार फार्म पौण्ड और 8 हजार डिग्गियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। खेतों की फसलों को आवारा और जंगली जानवरों से बचाने के लिए 200 लाख मीटर लंबे तारबंदी कार्य पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कृषि तथा सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन सभी कल्याणकारी योजनाओं की मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी करें ताकि लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सके।



















