राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहां कराड़िया के समीप यात्रियों से खचाखच भरी एक मिनीबस बेकाबू होकर मुख्य सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यह मिनीबस एक्सप्रेसवे के किनारे बने लगभग 15 फीट गहरे नाले में गिरी, जिसके चलते कई लोग मलबे और दलदल के बीच दब गए। प्रारंभिक तौर पर सामने आई जानकारियों में 6 यात्रियों की जान जाने की बात कही गई है, जबकि मौके पर राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है।
15 फीट गहरे नाले में गिरी 25 सवारियों से भरी बस
दुर्घटनाग्रस्त वाहन में लगभग 25 लोग यात्रा कर रहे थे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कराड़िया खंड से गुजरते समय मिनीबस ने एकाएक अपना संतुलन खो दिया और तीव्र गति से डिवाइडर व किनारों को लांघते हुए 15 फीट नीचे गहरे नाले में पलट गई। झटका इतना भीषण था कि अंदर बैठे अधिकांश यात्री अपनी सीटों से उखड़कर वाहन के ढाँचे में बुरी तरह फंस गए। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालक मदद के लिए तुरंत दौड़े और स्थानीय स्तर पर सूचना प्रशासन को दी गई।
कीचड़ और पानी के बीच क्रेन से राहत कार्य
घटना की सूचना प्रसारित होते ही आपातकालीन राहत दल और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जिस जगह मिनीबस गिरी, वहां नाले के भीतर भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा था, जिसने शुरुआती रेस्क्यू अभियान को बेहद जटिल बना दिया। दलदल भरे हालात की वजह से बचावकर्मी सीधे तौर पर क्षतिग्रस्त वाहन के मुख्य हिस्सों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इसके बाद भारी मशीनों और क्रेन को मौके पर मंगाया गया, ताकि पलटे हुए ढांचे को सीधा किया जा सके और फंसे हुए घायलों को बिना अतिरिक्त चोट पहुंचाए बाहर निकाला जा सके।
घायलों को अस्पताल भेजने और आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया
इस हादसे में 6 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस आंकड़े की अंतिम और आधिकारिक पुष्टि रेस्क्यू अभियान की समाप्ति के बाद ही की जाएगी। मौके पर मौजूद टीमों की पहली प्राथमिकता बस के भीतर फंसे एक-एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकालना और गंभीर रूप से घायल लोगों को फौरन नजदीकी चिकित्सालयों में पहुंचाना है। दुर्घटना किन तकनीकी कारणों अथवा मानवीय चूक से हुई, इसको लेकर जांच प्रक्रिया पूरी होने तथा प्रशासन के औपचारिक वक्तव्य के बाद ही पूर्ण विवरण सामने आ सकेगा।



















