मकर राशिफल 27 जुलाई से अगले 138 दिन: वक्री शनि की उलटी चाल बढ़ाएगी मकर राशि की परेशानी, इन 3 बड़ी बातों का रखें खास ख्याललाइव: जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना छात्रों को स्वीकार नहीं, बोले राहुल गांधीनए फीचर्स और आकर्षक रंगों के साथ पेश हुई 2026 रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350, शुरुआती कीमत ₹1,87,434राहुल गांधी ने कैबिनेट फेरबदल और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नरेंद्र मोदी पर साधा निशानामूलांक राशिफल 25 जुलाई 2026: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा आज का दिन?लॉक अप 2 में अपूर्वा मुखीजा का चौंकाने वाला खुलासा, बताया मुश्किल वक्त में सूफी मोतीवाला ने कैसे बचाई उनकी जानमीन राशि में वक्री होंगे शनिदेव, अगले 138 दिनों तक कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव की उम्मीदमासिक राशिफल अगस्त 2026: वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और मकर राशि वालों को करियर और धन में मिलेंगे बड़े अवसरकन्या राशिफल 25 जुलाई 2026: चंद्रमा बढ़ाएंगे बेचैनी, करियर और पैसों के मामले में बरतें ये सावधानियांसावन 2026 में ग्रहों के बड़े फेरबदल से चमकेगी इन 6 राशियों की किस्मत, जानें क्या होगा असर
राजस्थान के पाली में 11 केवी लाइन की चपेट में आया बंदर, निवासियों ने लाल कपड़े में लपेटकर किया अंतिम संस्कारराजस्थान
23 जुल॰ 2026, 12:14 pm (2 दिन पहले)· 0

राजस्थान के पाली में 11 केवी लाइन की चपेट में आया बंदर, निवासियों ने लाल कपड़े में लपेटकर किया अंतिम संस्कार

पाली शहर के भेरूघाट इलाके में एक बंदर की छत से कूदते समय 11 केवी की हाई-टेंशन बिजली के तारों में उलझने से 20 फीट नीचे गिरकर मौत हो गई। इस घटना से दुखी होकर स्थानीय निवासियों ने बेजुबान को लावारिस छोड़ने के बजाय पूरे आदर और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दफनाया।

राजस्थान के पाली शहर में इंसानियत और आस्था का एक बेहद भावुक कर देने वाला उदाहरण देखने को मिला है। यहां एक दर्दनाक हादसे में एक बेजुबान बंदर की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने जो किया, वह समाज के लिए एक बड़ी मिसाल बन गया है। यह घटना साबित करती है कि आज के आधुनिक दौर में भी लोगों के दिलों में पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम और धार्मिक संवेदनाएं गहराई तक बसी हुई हैं। 11 केवी की हाई-टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले इस जानवर को लावारिस छोड़ने के बजाय, पूरे मोहल्ले ने एकजुट होकर उसका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ किया। इस घटना ने न केवल वहां मौजूद लोगों को रुला दिया, बल्कि जो भी इसके बारे में सुन रहा है, उसका दिल पसीज रहा है।

भेरूघाट में हुआ दर्दनाक हादसा

यह हृदयविदारक घटना पाली शहर स्थित भेरूघाट कुम्हारों का निचला बास क्षेत्र में सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बंदर हमेशा की तरह मकानों की छतों पर उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान, एक मकान की छत से छलांग लगाते वक्त वह अनजाने में पास से गुजर रहे 11 केवी के भारी बिजली के तारों से टकरा गया। करंट का यह झटका इतना भयानक था कि बेजुबान तुरंत बेहोश हो गया और तकरीबन 20 फीट की ऊंचाई से धड़ाम से नीचे जमीन पर आ गिरा। करंट लगने की तेज आवाज और इतनी ऊंचाई से गिरने का दृश्य देखकर आसपास भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घरों के अंदर मौजूद लोग तुरंत बाहर दौड़ पड़े और उस प्राणी को दर्द से तड़पता देख बेहद घबरा गए।

ये भी पढ़ें

रेस्क्यू टीम का इंतजार और बचाने की जद्दोजहद

हादसे के तुरंत बाद, भेरूघाट कुम्हारों का निचला बास के निवासियों ने बिना कोई समय गंवाए बचाव की मुहिम शुरू कर दी। लोगों ने बिना देर किए बचाव दल को इसकी जानकारी दी, ताकि जानवर को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। जब तक पेशेवर टीम मौके पर पहुंचती, तब तक मोहल्ले के लोगों ने अपनी तरफ से उसे बचाने की भरपूर चेष्टा की। लेकिन 11 केवी का करंट इतना जानलेवा था कि उस बेजुबान का शरीर इस गहरे झटके को बर्दाश्त नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम के वहां पहुंचने और कोई भी इलाज शुरू होने से पहले ही बंदर ने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं। जब लोगों को यह अहसास हुआ कि उनकी तमाम कोशिशें नाकाम हो गई हैं, तो पूरे इलाके में मातम छा गया।

मोहल्ले में पसरा सन्नाटा और छलक उठीं आंखें

जानवर के प्राण त्यागते ही पूरे क्षेत्र में खामोशी छा गई। भारत में बंदरों को भगवान हनुमान का रूप मानकर विशेष आदर दिया जाता है, इसलिए इस मौत ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया। इस दुखद नजारे ने वहां मौजूद कई महिलाओं को रुला दिया और उनकी आंखें छलक पड़ीं। यह सिर्फ एक प्राणी की मौत नहीं थी, बल्कि उनकी गहरी आस्था पर लगा एक सदमा था। दुख की इस घड़ी में भी लोगों ने अपनी जिम्मेदारी और इंसानियत का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने तय किया कि इस मृत देह को ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा। इसके बजाय, उन्होंने सर्वसम्मति से उसे एक परिवार के सदस्य की तरह पूरे सम्मान के साथ विदा करने का निर्णय लिया।

पणिहारी चौराहा पर दी गई भावभीनी विदाई

स्थानीय निवासियों ने अपनी धार्मिक मान्यताओं का पूरा पालन करते हुए अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं। लोगों ने आपसी सहयोग से जरूरी सभी चीजों का इंतजाम किया। लोगों ने मृत जानवर के शव पर नई मालाएं अर्पित कीं और पूरे सम्मान सहित उसे एक पवित्र लाल वस्त्र में लपेट दिया, जो हिंदू धर्म में श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद, बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं सहित पूरे मोहल्ले के लोग एकजुट होकर एक छोटी सी शवयात्रा निकालते हुए पणिहारी चौराहा स्थित नदी पुलिया के पास पहुंचे। वहां सभी ने मिलकर पूरी सावधानी के साथ एक उचित आकार का गड्ढा तैयार किया। भारी मन से उस बेजुबान के पार्थिव शरीर को उस गड्ढे में दफना दिया गया। मिट्टी डालने से पहले उस पर ताजे गुलाब के फूल चढ़ाए गए, मौन प्रार्थनाएं की गईं और उसे आखिरी नमन किया गया। पाली के निवासियों का यह सामूहिक कदम यह स्पष्ट संदेश देता है कि आज के समय में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो मूक प्राणियों के दर्द को अपना दर्द समझते हैं।

सवाल-जवाब

पाली में बंदर की मौत कैसे हुई?
बंदर एक मकान की छत से छलांग लगा रहा था, तभी वह 11 केवी के बिजली के तारों की चपेट में आ गया और 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया।
यह घटना पाली के किस इलाके में हुई?
यह दर्दनाक हादसा पाली शहर के भेरूघाट कुम्हारों का निचला बास इलाके में हुआ।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्या किया?
लोगों ने तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन मौत के बाद उन्होंने पूरे हिंदू विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया।
बंदर को कहां दफनाया गया?
बंदर को पूरे सम्मान के साथ पणिहारी चौराहा स्थित नदी पुलिया के पास एक गड्ढा खोदकर दफनाया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR