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राजस्थान में म्यूल बैंक खातों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 10 हजार से अधिक संदिग्धों को भेजा समनराजस्थान
23 सित॰ 2026, 11:21 am (45 मिनट पहले)· 1

राजस्थान में म्यूल बैंक खातों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 10 हजार से अधिक संदिग्धों को भेजा समन

राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधियों को किराए पर बैंक खाते देने वाले 10,000 से अधिक संदिग्धों को नोटिस जारी कर थाने तलब किया है। तय समय पर पेश न होने पर सीधी गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई है।

साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क को तोड़ने के लिए राजस्थान पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी में मददगार बनने वाले लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले गिरोहों को कमीशन के बदले अपने बैंक खाते सौंपने वाले 10 हजार से अधिक खाताधारकों की पहचान कर उन्हें कानूनी नोटिस भेजे गए हैं। महज तीन महीने की अवधि में इतने बड़े पैमाने पर संदिग्धों को समन जारी कर संबंधित थानों में पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

पेश न होने पर तुरंत गिरफ्तारी और जेल की चेतावनी

जांच अधिकारियों द्वारा भेजे गए नोटिस में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समन में साफ उल्लेख है कि तय समय सीमा के भीतर पुलिस के समक्ष उपस्थित न होने की स्थिति में संबंधित खाताधारकों को सीधे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। पुलिस का मानना है कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले लोग अनजाने में नहीं, बल्कि मुनाफे के लालच में संगठित अपराध का हिस्सा बन रहे हैं।

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रिकॉर्ड 1.42 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज

राज्य भर में ऑनलाइन अपराध का दायरा किस तेजी से बढ़ा है, इसका अंदाजा आधिकारिक आंकड़ों से लगाया जा सकता है। राजस्थान में 21 सितंबर 2026 तक साइबर ठगी से जुड़ी 1 लाख 42 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों के विश्लेषण से सामने आया कि ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता है। यही वजह है कि पुलिस अब मुख्य ठगों के साथ-साथ कमीशन पर बैंक खाते, चेकबुक या एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने वाले मददगारों पर शिकंजा कस रही है।

मजबूत की गई साइबर हेल्पलाइन व्यवस्था

पीड़ित नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने तकनीकी और संचार ढांचे को काफी मजबूत किया है। साइबर हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स के त्वरित निस्तारण के लिए लाइनों की क्षमता बढ़ाई गई है। पूर्व में संचालित 30 लाइनों की संख्या को बढ़ाकर अब 53 कर दिया गया है, जिससे आपात स्थिति में वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तुरंत दर्ज कर बैंक खातों को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।

नागरिकों से बैंक विवरण सुरक्षित रखने की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह के बहकावे में न आएं। थोड़े से मुनाफे या नियमित कमीशन के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स किराए पर देना कानूनी रूप से गंभीर अपराध है। ऐसे सभी खाताधारक कानून की नजर में साइबर ठगी के सीधे साझीदार माने जाएंगे। पूर्व में चलाए गए अभियानों के तहत डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के जरिए 48 घंटे के भीतर 45 साइबर अपराधियों को पकड़ा था, जिनके पास से 26 मोबाइल, 49 फर्जी सिम कार्ड और 2 बाइक बरामद हुई थीं।

सवाल-जवाब

राजस्थान पुलिस ने कितने संदिग्ध बैंक खाताधारकों को नोटिस जारी किया है?
राजस्थान पुलिस ने 3 महीने के भीतर 10 हजार से अधिक संदिग्ध खाताधारकों को नोटिस भेजकर थाने में तलब किया है।
यदि कोई संदिग्ध तय समय पर पुलिस के समक्ष पेश नहीं होता तो क्या होगा?
समन के मुताबिक, निर्धारित समय पर पेश न होने वाले संदिग्धों को पुलिस सीधे गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है।
राजस्थान में 21 सितंबर 2026 तक साइबर ठगी की कितनी शिकायतें दर्ज हुई हैं?
राज्य में 21 सितंबर 2026 तक साइबर ठगी से जुड़ी 1 लाख 42 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर हेल्पलाइन की क्षमता में क्या बदलाव किया गया है?
त्वरित सुनवाई और त्वरित कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन लाइनों की संख्या 30 से बढ़ाकर सीधे 53 कर दी गई है।
डीग पुलिस ने ऑपरेशन काउंटडाउन के तहत क्या कार्रवाई की थी?
डीग पुलिस ने 48 घंटे के भीतर 45 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया था और 26 मोबाइल, 49 फर्जी सिम कार्ड व 2 बाइक जब्त की थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 मिनट पहले

खाता किराए पर देने वाले दस हजार से ज्यादा लोगों को समन, अब साइबर ठगों के मददगारों पर सीधी कार्रवाई होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·8 मिनट पहले

अर्जुन, हेल्पलाइन की लाइनें 30 से बढ़ाकर सीधे 53 करना बहुत सही कदम है, वरना फोन ही नहीं मिलते थे।

Rohan Verma@rohan-verma·31 मिनट पहले

दस हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजना सच में बड़ा कदम है। लालच में आकर अपने बैंक खाते दूसरों को सौंपने वाले आखिर कब समझेंगे कि वे सीधे तौर पर अपराधियों का साथ दे रहे हैं? क्या पुलिस सिर्फ इन खाताधारकों तक ही पहुंचेगी या इस पूरे रैकेट को चलाने वाले मुख्य सरगनाओं को भी पकड़ पाएगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 मिनट पहले

रोहन भाई, हेल्पलाइन की लाइनें 30 से बढ़ाकर 53 करना बहुत सही कदम है।

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