राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से वर्ष 2021 की सब इंस्पेक्टर भर्ती के लिए पुनः परीक्षा का आयोजन 20 सितंबर को होने जा रहा है। इस अहम परीक्षा के सफल और निष्पक्ष संचालन को लेकर प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे राज्य के 11 चयनित जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 2 लाख 18 हजार 131 पंजीकृत अभ्यर्थी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद रखते हुए आयोग ने परीक्षा के संचालन की निगरानी को लेकर पुख्ता रणनीति बनाई है।
दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित होगी लिखित परीक्षा
यह पुनः परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी, जिसमें अभ्यर्थियों को दोनों प्रश्नपत्रों के लिए अलग-अलग समय पर केंद्रों पर उपस्थित होना होगा। पहले सत्र की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी और यह दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जिसमें अनिवार्य सामान्य हिंदी विषय का पेपर लिया जाएगा। इसके पश्चात, तीन घंटे के अंतराल के बाद दूसरे सत्र का आयोजन दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच किया जाएगा। इस दूसरी पाली में अभ्यर्थियों को सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान के प्रश्नपत्र का सामना करना होगा।
जयपुर और अजमेर सहित 11 जिलों में बनाए गए केंद्र
अभ्यर्थियों की विशाल संख्या को सुव्यवस्थित ढंग से समायोजित करने के लिए आयोग ने 11 जिलों में परीक्षा केंद्रों का वितरण किया है। राजधानी जयपुर में सबसे अधिक 187 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षार्थियों का सबसे बड़ा समूह परीक्षा देगा। वहीं, अजमेर जिले में 74 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है। परीक्षार्थियों के भारी आवागमन को देखते हुए संबंधित जिलों के जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।
केंद्रों पर दो घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य, 60 मिनट पहले बंद होंगे मुख्य द्वार
आयोग ने समय की पाबंदी को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है और सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र शुरू होने के समय से ठीक दो घंटे पहले अपने आवंटित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। सुरक्षा जांच और पहचान प्रक्रिया की समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इस तय समयसीमा के समाप्त होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को किसी भी परिस्थिति में भीतर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और फेस रिकग्निशन से होगी जांच
डमी अभ्यर्थियों के प्रवेश और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए पहचान सत्यापन की बहुस्तरीय प्रणाली लागू की गई है। मुख्य द्वार पर शारीरिक जांच के साथ-साथ सभी अभ्यर्थियों की गहन बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। इसके अलावा, आधुनिक फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए प्रत्येक अभ्यर्थी के चेहरे का मिलान किया जाएगा ताकि वास्तविक उम्मीदवार की ही परीक्षा हॉल में प्रविष्टि सुनिश्चित हो सके। जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षकों और जिला कलेक्टरों को किसी भी संदेहास्पद स्थिति पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और आधुनिक गैजेट्स पर सख्त पाबंदी
परीक्षा कक्षों में अनुचित साधनों के प्रवेश को रोकने के लिए किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच और मेटा ग्लासेस जैसे आधुनिक गैजेट्स पर विशेष नजर रखी जाएगी। मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी आपत्तिजनक वस्तु परीक्षा हॉल तक न पहुंच सके।
ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प और अतिरिक्त 10 मिनट का समय
इस बार ओएमआर उत्तर पुस्तिका को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू रहेगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे उस प्रश्न के सामने दिए गए पांचवें विकल्प को अनिवार्य रूप से गहरा काला करना होगा। खाली छोड़े जाने वाले विकल्पों से होने वाली संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। इस पांचवें विकल्प को भरने की अनिवार्यता को देखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों को प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया है।
पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और डिबार अभ्यर्थियों पर विशेष नजर
परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार हर केंद्र पर संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पूर्व में विभिन्न परीक्षाओं से निष्कासित और डिबार किए गए व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की विशेष टीमें ऐसे तत्वों पर पैनी नजर रख रही हैं। परीक्षा में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के कठोर प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





















