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राजस्थान पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस टिकट के लिए अब क्यूआर कोड से होंगे डिजिटल आवेदन, गोविंद सिंह डोटासरा ने की शुरुआतराजस्थान
5 अक्तू॰ 2026, 10:57 am (29 मिनट पहले)· 0

राजस्थान पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस टिकट के लिए अब क्यूआर कोड से होंगे डिजिटल आवेदन, गोविंद सिंह डोटासरा ने की शुरुआत

राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने टिकट वितरण के लिए डिजिटल पहल शुरू की है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने क्यूआर कोड जारी कर जिला परिषद और पंचायत समिति के दावेदारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।

राजस्थान में होने वाले आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी सांगठनिक तैयारियों को नए स्तर पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। चुनाव की आधिकारिक घोषणा और नामांकन से पहले ही पार्टी ने टिकट आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से तकनीक का सहारा लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के पदों पर चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं से बायोडाटा व आवेदन जुटाने के लिए एक विशेष डिजिटल व्यवस्था तैयार की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी दावेदार केवल एक क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी दावेदारी दर्ज करा सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया डिजिटल क्यूआर कोड

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में पार्टी के सिंबल पर उतरने की इच्छा रखने वाले सभी कार्यकर्ताओं के लिए यह क्यूआर कोड औपचारिक रूप से जारी किया। उन्होंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए अपील की कि वे इस डिजिटल माध्यम का उपयोग करें और समय रहते अपनी दावेदारी प्रस्तुत करें। गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी अपने X हैंडल पर साझा करते हुए कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। यह पूरी ऑनलाइन कवायद विशेष रूप से जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए शुरू की गई है।

डिजिटल माध्यम से आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया

पार्टी की ओर से क्यूआर कोड जारी किए जाने के बाद टिकट की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों को अब किसी दफ्तर के चक्कर लगाने या कागजी दस्तावेज जमा करने की बाध्यता नहीं रहेगी। दावेदारों को अपने स्मार्टफोन से जारी किए गए कोड को स्कैन करना होगा, जिसके बाद एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म में उम्मीदवार को अपनी बुनियादी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, राजनीतिक अनुभव, सामाजिक पृष्ठभूमि और स्थानीय क्षेत्र में किए गए कार्यों का ब्योरा दर्ज करना होगा। आवश्यक विवरण भरने के बाद आवेदन सीधे प्रदेश संगठन के केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित हो जाएगा। पार्टी को प्राप्त होने वाले इन सभी डिजिटल आवेदनों के आधार पर ही आने वाले दिनों में संभावित प्रत्याशियों के नामों की छंटनी और समीक्षा की जाएगी।

स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार चयन की रणनीति

ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज चुनाव स्थानीय राजनीति की बुनियाद माने जाते हैं, इसलिए गांवों और कस्बों में लंबे समय से सियासी हलचल काफी तेज देखी जा रही है। वार्डों और पंचायतों में चुनाव लड़ने के इच्छुक स्थानीय नेता पहले से ही अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे माहौल में कांग्रेस द्वारा डिजिटल रूप से आवेदन मंगाने का फैसला टिकट चयन प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। जिला परिषद और पंचायत समिति के स्तर पर पार्टी को ऐसे चेहरों की पहचान करनी होगी जिनका अपने इलाके में ठोस जनाधार हो और जो स्थानीय सामाजिक व जातीय समीकरणों में पूरी तरह फिट बैठते हों।

डिजिटल डेटाबेस से संगठन को मिलेंगे कई लाभ

क्यूआर कोड के जरिए आवेदन जुटाने से कांग्रेस नेतृत्व को कई तकनीकी और रणनीतिक फायदे मिलने की उम्मीद है। पहले जहां अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में कागजी आवेदन आते थे, जिन्हें संभालना और छांटना एक जटिल कार्य होता था, वहीं अब सारा विवरण एक ही डिजिटल मंच पर व्यवस्थित रूप से संकलित रहेगा। इससे प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति को प्रत्येक सीट के सभी दावेदारों का तुलनात्मक अध्ययन करने, उनकी सक्रियता का आकलन करने और पारदर्शी निर्णय लेने में काफी सहूलियत होगी।

चुनावी रण में समय से पहले संगठन को सक्रिय करने की योजना

प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पूर्व ही कांग्रेस ने अपने सांगठनिक ढांचे को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। पार्टी की मुख्य रणनीति यही है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही हर सीट पर मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों का एक स्पष्ट पैनल तैयार कर लिया जाए। इससे अंतिम समय में होने वाली गुटबाजी, असंतोष और आपाधापी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। अब जब आवेदन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, तो राजनीतिक जानकारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन डिजिटल आवेदनों के आधार पर पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है और जमीनी स्तर पर टिकट वितरण के क्या मापदंड तय किए जाते हैं।

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सवाल-जवाब

राजस्थान में कांग्रेस ने टिकट आवेदन के लिए क्या नई व्यवस्था शुरू की है?
कांग्रेस ने आगामी पंचायती राज चुनावों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के टिकट के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन करने की डिजिटल व्यवस्था शुरू की है।
यह क्यूआर कोड किसने जारी किया है?
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यह क्यूआर कोड जारी किया है।
उम्मीदवार किन पदों के लिए क्यूआर कोड से आवेदन कर सकते हैं?
दावेदार पंचायती राज चुनावों के तहत जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उम्मीदवारों को क्या करना होगा?
उम्मीदवारों को क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद खुलने वाले ऑनलाइन फॉर्म में अपनी मांगी गई आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन पूरा करना होगा।
इस डिजिटल व्यवस्था से पार्टी को क्या लाभ होगा?
पार्टी को सभी क्षेत्रों से आने वाले आवेदनों को एक ही डिजिटल स्थान पर संकलित करने और मजबूत उम्मीदवारों के चयन में आसानी होगी।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

राजनीति में तकनीक का ऐसा इस्तेमाल देखकर अच्छा लगा, कम से कम दफ्तरों के चक्कर काटने से तो मुक्ति मिलेगी। उम्मीद है इससे सिफारिशी कल्चर पर भी थोड़ी रोक लगेगी और जमीनी कार्यकर्ताओं की सीधी सुनवाई हो सकेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·3 मिनट पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी, पर कागजी चक्कर हटने से सिफारिशी फोन रुकेंगे, इसमें थोड़ा शक है।

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