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त्योहारी सीजन में रेहड़ी-पटरी वालों को राहत, एनएचआरसी ने राज्यों को दिए मनमानी कार्रवाई रोकने के निर्देशमध्य प्रदेश
5 अक्तू॰ 2026, 9:32 am (21 मिनट पहले)· 0

त्योहारी सीजन में रेहड़ी-पटरी वालों को राहत, एनएचआरसी ने राज्यों को दिए मनमानी कार्रवाई रोकने के निर्देश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान छोटे दुकानदारों, कुम्हारों और फेरीवालों को बेवजह न हटाया जाए।

त्योहारों के आगमन के साथ ही देशभर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और सड़कों के किनारे पूजन सामग्री व सजावटी सामान की दुकानें सजने लगी हैं। रेहड़ी-पटरी वाले, फेरीवाले, कुम्हार और छोटे व्यापारी सालभर इस त्यौहारी सीजन का इंतजार करते हैं क्योंकि यही समय उनकी आजीविका और कमाई का मुख्य जरिया होता है। हालांकि, अक्सर अतिक्रमण हटाने के नाम पर होने वाली अचानक कार्रवाई से इन दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाता है। इस बार नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान छोटे कारोबारियों को सुरक्षा देने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

रोजगार और मानवाधिकारों की सुरक्षा पर जोर

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के इस दौर में स्थानीय वेंडर्स के बुनियादी मानवाधिकारों और उनके रोजगार की रक्षा की जानी चाहिए। प्रशासन को ताकीद की गई है कि अतिक्रमण विरोधी अभियानों के नाम पर इन छोटे कारोबारियों को बेवजह परेशान न किया जाए। यदि आग से बचाव, फायर सेफ्टी नियमों या व्यापक सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत किसी स्थान से दुकानदारों को हटाना अनिवार्य भी हो, तो उन्हें तुरंत व्यापार करने के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि बिना ठोस आधार के दुकानदारों का सामान जब्त करने और उन पर मनमाना जुर्माना लगाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

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वसूली और उत्पीड़न पर कानूनी कार्रवाई

एनएचआरसी के निर्देशों में स्थानीय प्रशासन को वेंडर्स के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप से बचने के लिए कहा गया है।

  • बेवजह की कार्रवाई पर पाबंदी: स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों को अनावश्यक रूप से हटाने या डराने-धमकाने की गतिविधियों को तत्काल रोका जाए।
  • वैकल्पिक स्थल का आवंटन: सुरक्षा कारणों से स्थान खाली कराने की स्थिति में दुकानदारों को पास ही दूसरा स्थान दिया जाए ताकि उनका व्यापार बाधित न हो।
  • सामान की मनमानी जब्ती पर रोक: छोटे व्यापारियों के माल की अनुचित जब्ती और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई न की जाए।
  • जबरन वसूली पर कड़ा रुख: वेंडर्स से अवैध वसूली, उत्पीड़न या दबाव बनाने की शिकायतों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन: वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप पारंपरिक शिल्पकला, कुम्हारों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का माहौल बनाया जाए।

कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा

आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि इन दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो और जिला प्रशासन, नगर निगम व स्थानीय पुलिस इनका जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन करें। लंबित मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों को अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) 18 अक्टूबर 2026 तक आयोग के समक्ष पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से साफ है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ त्योहारों में छोटे व्यापारियों के अधिकारों का संरक्षण करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।

सवाल-जवाब

एनएचआरसी ने किन त्योहारों के मद्देनजर यह निर्देश जारी किया है?
यह निर्देश नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीजन के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा के लिए जारी किया गया है।
यदि सुरक्षा कारणों से किसी वेंडर को हटाना जरूरी हो, तो क्या नियम है?
फायर सेफ्टी या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण दुकान हटाना अनिवार्य होने पर प्रशासन को उस वेंडर को पास ही वैकल्पिक जगह उपलब्ध करानी होगी।
क्या अधिकारी वेंडर्स का सामान जब्त कर सकते हैं?
आयोग के निर्देशानुसार दुकानदारों का सामान मनमाने तरीके से जब्त करने और उन पर बिना वजह जुर्माना लगाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
राज्यों को कार्रवाई रिपोर्ट कब तक जमा करनी है?
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लंबित मामलों में अपनी पूर्ण या अतिरिक्त कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर 2026 तक जमा करने का निर्देश दिया गया है।
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