सोमवार, 5 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार में वेदांता समूह से जुड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में व्यापक हलचल देखी जा रही है। समूह की अलग-अलग इकाइयों ने चालू वित्त वर्ष की जून से सितंबर तिमाही से जुड़े अपने परिचालन और उत्पादन आंकड़े शेयर बाजारों के साथ साझा किए हैं। इन ताजा ब्योरों के सामने आने के बाद निवेशकों का ध्यान इन काउंटरों पर केंद्रित हो गया है, क्योंकि कुछ व्यवसायों में रिकॉर्ड उत्पादन देखने को मिला है जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में कमजोरी दर्ज की गई है।
हिंदुस्तान जिंक के खनन और रिफाइंड उत्पादन में इजाफा
शेयर बाजार को भेजी गई नियामक जानकारी के अनुसार, समूह की प्रमुख धातु उत्पादक इकाई हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के दौरान अपने कुल खनन धातु उत्पादन में 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हासिल की है। कंपनी का खनन धातु उत्पादन बढ़कर 271 किलोटन (KT) के स्तर पर पहुंच गया, जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 258 किलोटन दर्ज किया गया था।
इसके साथ ही परिष्कृत धातु यानी रिफाइंड मेटल के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रगति दिखाई है। कंपनी का रिफाइंड धातु उत्पादन वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के 246 किलोटन से 7 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 264 किलोटन हो गया। उत्पादन के इन सकारात्मक आंकड़ों के दम पर सुबह के कारोबार में कंपनी के शेयर लगभग 1.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 564.35 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
वेदांता पावर की बिजली बिक्री में जोरदार उछाल
समूह की ऊर्जा इकाई वेदांता पावर के कारोबारी आंकड़े भी काफी मजबूत रहे हैं। कंपनी ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के दौरान उसकी बिजली बिक्री में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस तिमाही में कंपनी ने कुल 5,593 मिलियन यूनिट (MU) बिजली की बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 4,433 मिलियन यूनिट रहा था।
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी एच1 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वहां भी मजबूत रुख कायम रहा। कंपनी की छमाही बिजली बिक्री 32 प्रतिशत बढ़कर 10,817 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। इन नतीजों के बाद सुबह के सत्र में वेदांता पावर का शेयर 0.58 प्रतिशत बढ़कर 32.96 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने बनाया उत्पादन का नया रिकॉर्ड
वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने परिचालन के स्तर पर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 649 किलोटन एल्युमिनियम का उत्पादन किया, जो किसी भी तिमाही में उसका अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन स्तर है। वहीं वित्त वर्ष के पहले छह महीनों का कुल उत्पादन भी नए रिकॉर्ड स्तर 1,281 किलोटन पर पहुंच गया है। हालांकि इस रिकॉर्ड उपलब्धि के बावजूद सुबह के कारोबार में कंपनी का शेयर 0.30 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 401.55 रुपये पर देखा गया।
बाजार की ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने इस शेयर पर अपनी सकारात्मक राय व्यक्त करते हुए खरीदारी यानी बाय की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए 560 रुपये का लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले तीन वर्षों में बेहतर उत्पादन मात्रा, परिचालन लागत में सुधार और मजबूत फ्री कैश फ्लो से कंपनी को सीधा फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज ने अपने नोट में उल्लेख किया है कि वित्त वर्ष 26 से 29 के अनुमानित दौर में एबिटा करीब 21 प्रतिशत और शुद्ध मुनाफा लगभग 27 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा।
आयरन एंड स्टील के अयस्क उत्पादन में सुस्ती, स्टील में मामूली सुधार
वेदांता आयरन एंड स्टील के लिए दूसरी तिमाही का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के दौरान उसके बिक्री योग्य अयस्क उत्पादन में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि इसी दौरान तैयार स्टील उत्पादन में 4 प्रतिशत और हॉट मेटल उत्पादन में 3 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
खानों के स्तर पर गोवा की खदानों से उत्पादन में 22 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई, जिसे खनन कार्यों के विस्तार और बढ़ी हुई प्रोसेसिंग क्षमता से सहारा मिला। इसके विपरीत, कर्नाटक की खदानों में उत्पादन 49 प्रतिशत तक गिर गया, जो कंपनी के संशोधित खनन अनुमानों और अद्यतन योजना के अनुरूप रहा। कंपनी के शेयर सुबह 0.45 प्रतिशत गिरकर 31.03 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
वेदांता ऑयल एंड गैस के उत्पादन में सुस्ती, डिमर्जर के बाद का रुख
समूह की पेट्रोलियम इकाई वेदांता ऑयल एंड गैस का परिचालन प्रदर्शन अन्य सहयोगी कंपनियों की तुलना में कमजोर रहा। नियामक फाइलिंग के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का औसत दैनिक ग्रॉस ऑपरेटेड उत्पादन 19 प्रतिशत घटकर 72.2 हजार बैरल तेल समकक्ष प्रतिदिन (kboepd) रह गया, जो एक साल पहले 89.1 kboepd था। इसी तरह कंपनी का औसत दैनिक वर्किंग-इंटरेस्ट उत्पादन भी 18 प्रतिशत घटकर 47.8 kboepd पर आ गया। कमजोर आंकड़ों के बीच शेयर 0.84 प्रतिशत गिरकर 31.71 रुपये पर आ गया।
समूह की कॉर्पोरेट संरचना में हाल ही में बड़े बदलाव हुए थे। वेदांता 30 अप्रैल को एक्स-डिमर्जर हुआ था, जिसमें शेयरधारकों को वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील में 1:1 के अनुपात में हिस्सेदारी मिली थी। ये चारों नई इकाइयां 15 जून को शेयर बाजार में अलग से सूचीबद्ध हुईं। मूल वेदांता कंपनी के पास अब जिंक इंडिया (हिंदुस्तान जिंक), जिंक इंटरनेशनल, तांबा और फेरो क्रोम का कारोबार बचा है। अलग सूचीकरण के बाद समूह के शेयरों में सुस्ती देखी गई है, जहां बीते एक महीने में वेदांता आयरन एंड स्टील करीब 18.5 प्रतिशत और वेदांता पावर लगभग 12.6 प्रतिशत फिसल चुके हैं।
















