राजस्थान के बीकानेर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खून के रिश्तों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. खाजूवाला थाना इलाके में एक दामाद ने अपने ही ससुराल को चपत लगा दी और घर के संदूक में रखे करीब 22 लाख रुपये उड़ाकर फरार हो गया. जिस घर ने उसे अपना समझकर भरोसा सौंपा, उसी घर का वो भेदी निकला. हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए ज्यादा वक्त नहीं लगाया और पूरी साजिश की परतें खोल दीं.
खाजूवाला थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत के मुताबिक पीड़ित परिवार ने घर के संदूक से 22 लाख रुपये नगद चोरी होने की रिपोर्ट लिखवाई थी. शुरुआत में मामला एक आम चोरी जैसा लग रहा था, लेकिन जैसे ही पुलिस ने तकनीकी जानकारी और मुखबिरों के जरिए कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, शक की सुई घर के दामाद पर आकर रुक गई.
दामाद ने पहले की पूरी रेकी
जांच में पता चला कि आरोपी दामाद सोहनलाल को अच्छी तरह मालूम था कि घर में मोटी रकम कहां और कैसे रखी जाती है. उसने वारदात से पहले अपने ससुराल की पूरी रेकी की और मौके का इंतजार करता रहा. यही जान-पहचान और भरोसा उसके सबसे बड़े हथियार बन गए.
सोहनलाल ने अकेले यह काम नहीं किया. उसने अपने दो साथियों, 20BD के रहने वाले बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को साथ मिलाया. तीनों ने मिलकर पूरी योजना बनाई और मौका पाते ही ससुराल के संदूक को निशाना बनाकर उसमें रखा पूरा पैसा साफ कर दिया.
विशेष टीम ने कसा शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में खाजूवाला पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने मुस्तैदी से दबिश दी और मुख्य आरोपी दामाद सोहनलाल समेत उसके दोनों साथियों बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 13 लाख 35 हजार रुपये नगद बरामद कर लिए हैं. बाकी बची रकम कहां है और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया, इसका पता लगाने के लिए तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है.
रिश्ते पर गहरा सवाल
इस घटना ने दामाद और ससुराल के उस रिश्ते पर गहरी चोट की है जिसे समाज में बेहद भरोसे का माना जाता है. जिस दामाद को परिवार पलकों पर बिठाता है और घर की लक्ष्मी सौंपता है, वही जब घर का भेदी बन जाए तो आम आदमी आखिर किस पर यकीन करे. पुलिस ने तत्परता दिखाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे तो पहुंचा दिया, लेकिन पीड़ित परिवार को इस धोखे ने गहरा मानसिक सदमा दे दिया है.













