सवाई माधोपुर में रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के प्रसिद्ध लक्खी मेले के दौरान अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रहना कुल 84 पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है। पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ एक दिन का अवैतनिक अवकाश स्वीकृत कर दिया है। इस प्रशासनिक फैसले का सीधा अर्थ यह है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को उस एक दिन का वेतन नहीं मिलेगा। इस संबंध में आधिकारिक आदेश पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 16 अक्टूबर को जारी किया गया था, जिसमें 12 सितंबर को ड्यूटी के समय अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर यह गाज गिरी है।
विभिन्न रैंक के कर्मी और इकाइयां हैं शामिल
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में केवल सिपाही ही नहीं, बल्कि उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए गए हैं। जारी की गई सूची में जिले के अलग-अलग पुलिस थानों, पुलिस लाइन और विभिन्न पुलिस कार्यालयों में तैनात अमले के नाम दर्ज हैं। गणेश मेले जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसके बीच इस तरह से पुलिसकर्मियों का गायब रहना विभाग के लिए चिंता का विषय बना, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
12 सितंबर को पकड़ी गई थी अनुपस्थिति
रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी का यह लक्खी मेला हर साल देश-दुनिया से आने वाली भारी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मेले के दौरान दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना, चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना पुलिस बल के लिए एक बड़ी चुनौती और अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे आयोजनों के लिए जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों से विशेष रूप से पुलिस जवानों की तैनाती की जाती है। इसी मेले के दौरान गत 12 सितंबर को जब औचक या नियमित जांच की गई, तो ये 84 पुलिसकर्मी अपनी निर्धारित ड्यूटी से नदारद पाए गए, जिसके बाद अब उन पर यह औपचारिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
कार्रवाई का दायरा और विभागीय सख्ती
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 16 अक्टूबर को सामने आए आदेश के मुताबिक, केवल एक विशेष पद या एक ही थाने के कर्मचारियों को इस दायरे में नहीं रखा गया है, बल्कि उप निरीक्षक से लेकर आरक्षक यानी कांस्टेबल तक के विभिन्न पदों के कर्मी इसमें शामिल हैं। जिले के कई थानों के साथ-साथ पुलिस लाइन और प्रशासनिक कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मियों के नाम भी इस सूची का हिस्सा हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने किसी एक यूनिट विशेष तक सीमित न रहकर पूरे जिले स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बड़े आयोजनों में अनुशासनहीनता को सहन नहीं किया जाएगा।
बड़े आयोजनों में सुरक्षा का महत्व
गणेश मेले जैसे विशाल आयोजनों में भक्तों की भारी आवाजाही के कारण पुलिस बल की सक्रिय तैनाती बेहद आवश्यक मानी जाती है। ऐसे संवेदनशील समय पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की शारीरिक रूप से मौजूदगी भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था सुचारू रखने में अहम भूमिका निभाती है। यदि कोई कर्मचारी बिना किसी ठोस कारण के अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रहता है, तो इससे पूरी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा में चूक की आशंका बढ़ जाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है और 84 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने के रूप में यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

















