बिहार में राजनीतिक घमासान, प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी को गोली मारने की धमकी देने का बीजेपी ने लगाया आरोपकर्क राशिफल 17 अक्टूबर 2026: अटके काम पूरे करने पर रहेगा फोकस, सेहत और बजट को लेकर बरतें सावधानीउत्तराखंड में रावण दहन रोकने के लिए मानवाधिकार आयोग में याचिका, हरिद्वार के वकील ने उठाया सवालशनि साढ़ेसाती 2026: कुंभ, मीन और मेष राशि वालों को कब मिलेगी साढ़ेसाती के प्रकोप से पूर्ण मुक्तिबिटकॉइन 82,000 डॉलर के नीचे फिसला, सोने में 4,200 डॉलर की ओर सुस्ती भरा उछालउत्तर प्रदेश में 19 अक्टूबर को रहेगा महानवमी का अवकाश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसलाराजस्थान में फर्जी डॉक्टरों का भंडाफोड़, एसओजी ने दो आरोपियों को दबोचा75 साल की उम्र में बेमेल रिश्तों का सच, क्या यह प्यार है या सिर्फ ढोंगदेहरादून में एलिवेटेड रोड के खिलाफ 300 परिवारों का फूटा गुस्सा, बोले- पर्यटकों के लिए तोड़े जा रहे हमारे आशियानेउत्तर प्रदेश में 30,925 लोगों के बीच सर्वे, 55 फीसदी जनता जाति आधारित आरक्षण जारी रखने के पक्ष में
राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों का भंडाफोड़, एसओजी ने दो आरोपियों को दबोचाराजस्थान
16 अक्तू॰ 2026, 8:33 pm (2 घंटे पहले)· 1

राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों का भंडाफोड़, एसओजी ने दो आरोपियों को दबोचा

राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनने और मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां पुलिस के विशेष अभियान समूह ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो बिना वैध योग्यताओं के चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय थे। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में धोखाधड़ी कर पंजीकरण कराने और फर्जी दस्तावेजों के बल पर मरीजों के इलाज का गंभीर आरोप है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियां गहनता से छानबीन कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कजाकिस्तान की पढ़ाई और छह बार असफलता

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक पंकज यादव है, जिसने वर्ष 2013 से 2018 के बीच कजाकिस्तान से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की थी। विदेश से चिकित्सा की डिग्री लेने वाले भारतीय विद्यार्थियों के लिए देश में अभ्यास करने से पूर्व एक अनिवार्य अर्हता परीक्षा पास करना आवश्यक होता है। आरोपी पंकज इस विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा में छह बार प्रयास करने के बावजूद सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने कथित तौर पर बिहार के एक संस्थान से फर्जी अंकतालिका और उपाधि हासिल की और इन्हीं कूट रचित दस्तावेजों के सहारे अपना पंजीकरण राजस्थान मेडिकल काउंसिल में करवा लिया।

ये भी पढ़ें

सत्यापन के दौरान खुला फर्जीवाड़े का राज

इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब दस्तावेजों का आधिकारिक सत्यापन कराया गया। जब बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज से डिग्री की पुष्टि की गई, तो उसकी प्रमाणिकता संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। विशेष अभियान समूह ने हरियाणा के कैथल से मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया। अब जांच एजेंसी इस बिंदु पर काम कर रही है कि ये जाली कागजात कहां तैयार किए गए थे और इस पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किन लोगों ने इस अवैध कार्य में सहायता पहुंचाई थी।

केवल आठवीं पास ने खरीदा अस्पताल

इस प्रकरण का दूसरा आरोपी नानजीराम चौधरी है, जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि केवल आठवीं कक्षा तक ही सीमित बताई जाती है। इसके बावजूद उसने अपनी कथित योग्यता साबित करने के लिए आंध्र प्रदेश बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की फर्जी मार्कशीट का सहारा लिया। इतना ही नहीं, उसने कानपुर की एक यूनिवर्सिटी के नाम पर एमबीबीएस की डिग्री और मुंबई के एक संस्थान से स्त्री रोग विशेषज्ञता का डिप्लोमा होने का दावा किया। आरंभिक जीवन में वह केवल पर्चियां काटने का कार्य करता था, लेकिन बाद में उसने वर्ष 2015 में एक अस्पताल खरीद लिया और उसका नाम बदलकर भास्कर अस्पताल रख दिया।

मेडिकल काउंसिल के कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच

जांच का दायरा केवल आरोपियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान मेडिकल काउंसिल के भीतर काम करने वाले कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी धोखाधड़ी बिना अंदरूनी मदद के संभव नहीं हो सकती थी। पूर्व में इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें कई अन्य नाम भी शामिल थे। अब दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस संगठित फर्जीवाड़े की हर एक परत को उजागर किया जा सके।

सवाल-जवाब

राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों के मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
एसओजी ने इस मामले में पंकज यादव और नानजीराम चौधरी को गिरफ्तार किया है।
पंकज यादव ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई कहां से की थी?
पंकज यादव ने वर्ष 2013 से 2018 के बीच कजाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी।
पंकज यादव ने फर्जी डिग्री कहां से प्राप्त की थी?
आरोप है कि उसने बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज के नाम से फर्जी डिग्री और मार्कशीट खरीदी थी।
नानजीराम चौधरी की शैक्षणिक योग्यता क्या थी?
जांच के अनुसार नानजीराम चौधरी केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ था।
नानजीराम ने किस अस्पताल से जुड़ा फर्जीवाड़ा किया था?
उसने एक अस्पताल खरीदा था जिसे पहले राजदेव अस्पताल कहा जाता था और बाद में उसका नाम बदलकर भास्कर अस्पताल कर दिया गया।
इस फर्जीवाड़े की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान समूह यानी एसओजी इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·21 मिनट पहले

इंसान की जान से खेलने वाले ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों को सिर्फ जेल भेजना काफी नहीं है, इनके पीछे छुपे मेडिकल काउंसिल के भ्रष्ट बाबुओं पर कब गाज गिरेगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 मिनट पहले

आठवीं पास शख्स ने अस्पताल खरीद लिया और किसी को शक तक नहीं हुआ? बात कुछ हजम नहीं होती।

Ravikash Gupta@ravikash·42 मिनट पहले

अर्जुन भाई, सच कहा आपने। अंदर की मिलीभगत के बिना ऐसा होना नामुमकिन है, तभी तो अस्पताल तक चला रहा था वो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

आठवीं पास शख्स अस्पताल चला रहा था, सोचकर ही डर लगता है कि कितनों की जान खतरे में डाली होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं बुलंदशहर गया था, तो झोलाछाप डॉक्टरों का ऐसा ही खेल देखकर रोंगटे खड़े हो गए थे, इलाज के नाम पर सिर्फ जान से खिलवाड़ होता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp