सरकारी दवाखानों में परामर्श पर्ची हाथ में लिए कतार में खड़े रहना और अपनी बारी की प्रतीक्षा करना हर मरीज का जाना-पहचाना अनुभव है। पाली जिले के सरकारी अस्पतालों में अब इस खाली वक्त को उपयोगी जानकारी में बदलने का खाका तैयार किया गया है। डॉक्टर के कक्ष और प्रतीक्षालय के इर्द-गिर्द खाली बैठी जनता अब सीधे डिजिटल पर्दों के जरिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े नियमों तथा राहत कार्यक्रमों को समझ सकेगी। इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद चिकित्सा परिसरों के माहौल को आधुनिक रंग देने के साथ-साथ जागरूकता का दायरा बढ़ाना है।
स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे 55 इंच के स्क्रीन
सार्वजनिक चिकित्सा तंत्र में सूचना तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रशासन ने बड़े आकार के टेलीविजन स्क्रीन लगाने का काम शुरू किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल के अनुसार, नागरिक जागरूकता के इस अभियान को गति देने के लिए उच्च स्तर से प्रबंध किए गए हैं। इसी योजना के तहत जिले के लिए कुल 323 टेलीविजन भेजे जा चुके हैं, जिनका आकार 55 इंच का है। इन सभी उपकरणों को अलग-अलग श्रेणी के चिकित्सालयों के मुख्य वेटिंग हॉल में लगाया जा रहा है, ताकि वहां पहुंचने वाले हर शख्स की नजर आसानी से उन पर पड़ सके।
फील्ड कर्मियों के कामकाज को मिली डिजिटल रफ्तार
अस्पताल की दीवारों पर स्क्रीन टांगने के साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों को भी आधुनिक साधनों से लैस किया गया है। गांवों में काम की देखरेख करने वाले कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के लिए 295 टैबलेट स्वीकृत किए गए हैं। इन हैंडहेल्ड डिवाइसों के उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी डेटा और रोगियों के ब्योरे को मौके पर ही दर्ज किया जा सकेगा। इससे कागजी झंझट कम होंगे और ग्रामीण मरीजों के उपचार का रिकॉर्ड ऑनलाइन प्रणाली से तेजी से जुड़ पाएगा।
स्क्रीन पर प्रसारित होने वाली प्रमुख विषय वस्तु
प्रतीक्षा कक्षों में संचालित होने वाले इन पर्दों पर केवल मनोरंजन नहीं होगा, बल्कि लोगों के सीधे लाभ से जुड़े मुद्दों का निरंतर प्रसारण चलेगा। इन स्क्रीन पर मुख्य रूप से निम्न तीन श्रेणियों की जानकारियां नियमित रूप से दिखाई जाएंगी
- कल्याणकारी योजनाएं: आयुष्मान भारत, चिरंजीवी योजना, मुफ्त जांच पड़ताल और बिना शुल्क मिलने वाली औषधियों के नियम व शर्तें।
- रोग निवारण और स्वच्छता: ऋतु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों से बचाव, नवजातों और बच्चों का टीकाकरण कार्यक्रम तथा उचित पोषण।
- विभागीय निर्देश और अपडेट: चिकित्सा निदेशालय की ओर से जारी होने वाली नई गाइडलाइन और जनहित के आदेश।
जिले का चिकित्सा तंत्र और वितरण ढांचा
पाली जिले की भौगोलिक बनावट और आबादी को देखते हुए यहां प्राथमिक उपकेंद्रों से लेकर जिला स्तर तक कुल 560 स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप जिला अस्पताल शामिल हैं। इन 560 केंद्रों के विशाल नेटवर्क में 323 बड़े एलईडी टीवी और 295 टैबलेट का आबंटन एक बड़ा कदम है। उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर तक तकनीक पहुंचने से चिकित्सा प्रशासन के काम में पारदर्शिता और गति दोनों का विस्तार होगा।
देहात के निवासियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पूरी पहल का सर्वाधिक सकारात्मक असर ग्रामीण आबादी पर पड़ने की उम्मीद है। सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक कई बार महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के नियम देर से पहुंचते हैं या जानकारी के अभाव में वे लाभ से वंचित रह जाते हैं। जब मरीज अपनी बीमारी दिखाने अस्पताल पहुंचेगा, तो चिकित्सक से परामर्श करने से पहले ही वह अपनी पात्रता और मुफ्त सुविधाओं की जानकारी हासिल कर लेगा। चिकित्सालयों का यह तकनीकी बदलाव न सिर्फ मरीजों की उलझन कम करेगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति भी सजग बनाएगा।



















